कांग्रेस और यूपीए ने आंध्रप्रदेश का बंटवारा कर नए तेलंगाना राज्य के गठन की मंजूरी दे दी है। इस फैसले का स्वागत भी हो रहा है और विरोध भी। फैसले के खिलाफ यूनाइटेड आंध्रप्रदेश के समर्थकों ने आज सीमांध्र में बंद का आह्वान किया है। आंध्र प्रदेश में पंचायत चुनावों का तीसरा और आखिरी चरण भी है। इसके मद्देनजर भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। खासकर तटवर्ती आंध्रप्रदेश और रायलसीमा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
विशाखापट्टनम में कई आईटी दफ्तरों, आंध्र यूनिवर्सिटी कैंपस और दूसरे संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तिरुपति शहर में कल ही बंटवारे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। वाईएसआर कांग्रेस ने बंटवारे को अलोकतंत्रिक और जनविरोधी बताया है। पार्टी ने फैसले के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर आंध्र प्रदेश के कांग्रेस नेताओं में भी अंसतोष खुलकर सामने आ रहा है। आंध्र कांग्रेस के नेता राज्य के बंटवारे से खुश नहीं हैं।
सीमांध्र क्षेत्र के कांग्रेस के एक सांसद और तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। आंध्र कांग्रेस के प्रवक्ता एन तुलसी रेड्डी ने विरोध जताते हुए इस्तीफा दे दिया। अमेरिका दौरे पर गए गुंटूर के कांग्रेस सांसद आरएस राव ने फैक्स के जरिये पार्टी और लोकसभा से इस्तीफा दे दिया। सीमांध्र इलाके के ही कांग्रेस विधायक सी आदिनारायण रेड्डी, पी सतीश कुमार और टी त्रिमुरथुलु ने भी इस्तीफे की घोषणा कर दी। आंध्र कांग्रेस के प्रवक्ता एन तुलसी रेड्डी ने भी विरोध जताते हुए इस्तीफा दे दिया है।
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