भाजपा संसदीय बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में शीघ्र ही पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों और उसके बाद अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर रणनीति के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी।बैठक में तय किया गया कि इन चुनावों में मतदाताओं के बीच राजग और संप्रग सरकार के कार्यकालों में हुए कामकाज तथा भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों के कार्यों का तुलनात्मक चित्र पेश किया जाएगा। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और अब पार्टी में उनकी भूमिका बढ़ाये जाने से नाराज वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया।
लगभग तीन घंटे चली बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में बेलगाम महंगाई, भ्रष्टाचार, आर्थिक संकट और असुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा मैदान में उतरेगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही राजग और संप्रग सरकारों और भाजपा एवं कांग्रेस शासित प्रदेश सरकारों की तुलनात्मक तस्वीर पेश की जाएगी, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के विकास कार्यों और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठजोड़ द्वारा विकास कायो को कथित रूप से अवरुद्ध करने के आरोपपत्र पेश किये जाएंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी का पार्टी में कद बढ़ाये जाने से नाराज होकर संसदीय बोर्ड सहित पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने और मनाने पर इस्तीफा वापस लेने वाले आडवाणी बैठक में कुछ बोले, कुमार ने केवल इतना कहकर सवाल टाल दिया कि बैठक में बोर्ड के सभी सदस्य उपस्थित थे। भाजपा संसदीय बोर्ड की एक अन्य बैठक 8 जुलाई को प्रस्तावित है । पार्टी से अलग हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को वापस लेने के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि इस विषय पर कोई बातचीत नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी सीटों का आंकड़ा बढ़ाना चाहती है और कहा जाता है कि मोदी सहित पार्टी के एक वर्ग येदियुरप्पा की पार्टी में वापसी के पक्ष में है। महत्वपूर्ण घटक दल जदयू के अलग होने से हुए नुकसान की भरपायी पर बैठक में चर्चा की गयी या नहीं, इस सवाल के जवाब में भाजपा नेता ने कहा कि आज की बैठक में खाद्य सुरक्षा, उत्तराखंड की आपदा और पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों एवं 2014 के लोकसभा चुनाव पर चर्चा की गयी।
उन्होंने बताया कि चुनाव की युद्धस्तरीय तैयारियों के लिए बैठक में तय किया गया कि विभिन्न प्रदेशों में वहां के कार्यकर्ताओं के शिविर और गांव गांव चलो, घर घर चलो कार्यक्रम चलाये जाएंगे । इसके अलावा आने वाले दिनों में जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां के हर क्षेत्र के प्रत्येक बूथ से कम से कम दस दस कार्यकर्ताओं का सम्मेलन किया जाएगा। कुमार ने कहा कि इसी तरह लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक मतदान केन्द्र के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन देश भर में आयोजित होंगे । संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी के महासचिवों की भी बैठक हुई, जिसमें मोदी सहित बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित थे ।

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