उत्तर प्रदेश में स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन में आरक्षण के नए कनून के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने नई भर्ती के इंटरव्यू पर फिलहाल 10 दिन की रोक लगा दी है। इससे पहले 15 जुलाई को इलाहाबाद में छात्रों ने जबरदस्त तोड़−फोड़, पथराव और आगजनी की थी। इसमें करीब 100 गाड़ियां जला दी गई थीं।
प्रशासन ने कहा है कि आरक्षण के खिलाफ हिंसा करने वाले छात्रों पर एनएसए लगाया जाएगा। इस बीच आरक्षण विरोधी आन्दोलन से निपटने के लिए शहर में तीन हजार से ज्यादा पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए हैं। साथ ही कई रास्तों की बेरिकेडिंग की गई है। एहतियातन कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
शहर में धारा 144 लागू कर दिया गया है और सभी स्कूल कॉलेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। आरक्षण के कानून के मुताबिक सिर्फ 50 फीसदी सीटें आरक्षित की जा सकती हैं, लेकिन यूपी स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने ऐसे नियम बना दिए हैं कि आरक्षण के दायरे में आने वाले छात्रों के नंबर अगर अधिक होते हैं तो उन्हें जनरल कैटेगरी में भेजा जाता है। ऐसे में प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि आरक्षण 50 फीसदी से बढ़कर 70 फीसदी हो जाता है।
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