कांग्रेस के दो दिवसीय मीडिया कॉन्क्लेव में खास तौर पर इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भावी रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी. इस मीडिया कॉन्क्लेव को कांग्रेस के मंत्री पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, मनीष तिवारी भी संबोधित करेंगे.इस दौरान पार्टी प्रवक्ताओं को सोशल प्लेटफॉर्म खिड़की के जरिए मीडिया से बात करने के संबंध में नसीहत भी दी जाएगी.इस दो दिवसीय अधिवेशन में जनता के बीच यूपीए की विकासगाथा को पहुंचाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा.
सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा विधेयक, भारत में उत्पादन नीति और एफडीआई के प्रभावों और राजग सरकार की तुलना में संप्रग के शासन के दौरान अर्थव्यवस्था के विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी.पार्टी के करीब 200 प्रवक्ता इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिहाज से उन्हें ‘क्या करना है’ और ‘क्या नहीं करना है’ के बारे में समझेंगे. इसके अलावा कार्यक्रम के समापन में केवल राज्यों के पार्टी प्रवक्ताओं, एनएसयूआई और युवक कांग्रेस के प्रतिनिधियों के लिए दस समूहों में गोलमेज चर्चा का आयोजन किया जाएगा.
सभी राज्य इकाइयों से कार्यशाला के लिए पांच प्रवक्ताओं को भेजने के लिए कहा गया है जिन सभी की उम्र 55 वर्ष से कम हो. प्रतिभागियों को एक फॉर्म दिया गया है जिसमें उन्हें अपने बारे में जानकारी देनी है और यह भी बताना है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला तो लंबित नहीं है. सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को किसी परिचर्चा या प्रेस ब्रीफिंग के लिए की जाने वाली तैयारी के गुर सिखाएंगे. संयुक्त राष्ट्र में संचार और जन सूचना मामलों के अवर महासचिव रह चुके थरूर पार्टी प्रवक्ताओं को मौजूदा मीडिया परिदृश्य में संचार संबंधी चुनौतियों के बारे में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे.
कार्यक्रम के पहले दिन रमेश, थॉमस और एनएसयूआई के पहले अध्यक्ष मोहन गोपाल खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर विचार रखेंगे वहीं दीपेंद्र हुड्डा और उनकी टीम संचार के प्रभावशाली साधन के रूप में सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में टिप्स देगी.
चिदंबरम के व्याख्यान में खासतौर पर अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित रहेगा वहीं आनंद शर्मा उत्पादन नीति और एफडीआई पर बोलेंगे. पार्टी प्रवक्ता संदीप दीक्षित सम्मेलन के प्रतिभागियों को अनुसंधान के तरीकों पर सुझाव देंगे. माना जा रहा है कि कांग्रेस की यह कवायद विकास के मुद्दे पर सरकार पर भाजपा के तीखे हमले का मुकाबला करने के उद्देश्य से की जा रही है.
अनुसंधान और सूचना प्रसार जैसे विषयों पर पार्टी नेताओं को बारीकियां सिखाने के लिए पेशेवर प्रशिक्षकों को भी बुलाया गया है. कार्यशाला में करीब 200 लोग भाग लेंगे जिनमें पांच राष्ट्रीय प्रवक्ता, इलेक्ट्रानिक मीडिया की परिचर्चाओं में भाग लेने वाले 36 लोग और एनएसयूआई तथा युवक कांग्रेस के 15 कार्यकर्ता शामिल हैं.
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