महाबोधि मंदिर में सीरियल बम धमाकों के 3 दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे आज बोधगया पहुंचे। दोनों ने महाबोधि मंदिर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि बोधगया में आतंकी हमला शर्मनाक घटना है।
शिंदे के मुताबिक बोधगया में 13 बम रखे गए थे जिनमें 10 ही फटे। शिंदे का कहना है कि एनआईए ने इस आतंकी घटना की जांच शुरू कर दी है। शिंदे के मुताबिक धमाकों के लिए इस्तेमाल सिलेंडर में कीलें और छर्रे रखे गए थे। उनके मुताबिक बमों को रात को ही प्लांट किया गया था। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार की मांग पर वो मंदिर में सीआईएसएफ सुरक्षा देने पर विचार करेंगे। आपको बता दें कि रविवार सुबह मंदिर परिसर और आसपास की जगहों पर कुल 10 धमाके हुए थे, जिसमें 2 बौद्ध भिक्षु घायल हो गए थे। मामले की जांच कर रही एनआईए ने ऐलान किया है कि जो कोई बम धमाके से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी देगा, उसे 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसके लिए एनआईए ने दरभंगा में आरोपियों के पोस्टर भी लगवाए हैं। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि बोधगया में इस तरह का ब्लास्ट होना चिंता का विषय है। धमाके के बाद केंद्र ने तुरंत एनएसजी और एनआईए की टीम भेजी। 13 बम थे जिसमें 10 ब्लास्ट हुए थे। हम सभी जगहों पर गए थे। शिंदे ने बताया कि छोटे सिलेंडर में कीलें और बियरिंग्स रखी गई थी। धमाके सुबह 5 से 6 के बीच हुए हैं इससे लगता है कि रात में ही प्लांट किया गया था। एक सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा कि इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। उसमें कार का भी इस्तेमाल हो सकता है।
वहीं बोधगया में सोनिया गांधी के खिलाफ नारेबाजी के चलते एक बीजेपी कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया है। सोनिया गांधी के दौरा के चलते बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन को मंदिर परिसर में नहीं जाने दिया गया। एनआईए ने इस केस में सीसीटीवी फुटेज में दिखे छात्र जेडीयू के प्रदेश सचिव गुंजन पटेल से भी पूछताछ की।

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