कोर्ट फैसला- सत्र न्यायाधीश विमल कुमार जैंन ने सुनाई सजा
- छेड़छाड़ के आरोपी को तीन साल की कठोर कैद
छतरपुर। सत्र न्यायाधीश विमल कुमार जैन की अदालत ने 13 वर्षीय मासूम के साथ छेड़छाड़ करने पर एक आरोपी को दोषी करार देते हुये तीन साल के कठोर कारावास के साथ तीन हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी।
एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि थाना सिटी कोतवाली में 13 वर्षीय पीडि़त मासूम ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 15 जनवरी 2013 को जब वह सुबह करीब 7 बजे दैनिक क्रिया के लिये जा रही थी। जैसे ही वह गाॅव के पास खेत में पहुॅची उसी समय आरोपी छोटेलाल तिवारी उर्फ लंगड़ा उर्फ पंडित खेत पर आ गया। आरोपी छोटेलाल ने बुरी नियत से मासूम का हाथ पकड़ा। तभी पीडि़ता चिल्लाई तो आरोपी डर कर मौके से फरार हो गया। थाना कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी एमएम शर्मा एवं प्रधान आरक्षक हरिश्चन्द्र राठौर ने आरोपी को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत मामले को अदालत के सुपुर्द कर दिया। मात्र 6 माह में ही उक्त मामले का सत्र न्यायाधीश विमल कुमार जैन ने फैसला सुना दिया। न्यायाधीश श्री जैन ने आरोपी छोटेलाल को मासूम के साथ छेड़छाड़ करने के अपराध का दोषी करार दिया। और आरोपी छोटेलाल को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 8 के तहत तीन साल के कठोर कारावास के साथ तीन हजार रुपये के जुर्माने से दंडित करने की सजा सुना दी।
डारगुवां में सदस्य पद का निर्विरोध निर्वाचन सम्पन्न
छतरपुर/12 जुलाई/म0प्र0 पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 47 के अंतर्गत जनपद पंचायत बिजावर के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 08 में सदस्य के पद पर मल्थू अहिरवार उर्फ नन्हे भैया पिता मगना अहिरवार निवासी ग्राम औरिया पोस्ट हिम्मतपुरा निर्विरोध रूप से सदस्य के पद पर चुने गये हैं।
15 जुलाई को आॅफलाइन लिये जायेंगे आवेदन
छतरपुर/12 जुलाई/जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों में 15 जुलाई को आॅनलाइन आवेदन नहीं लिये जा सकेंगे। यदि कोई आवेदक अपना आवेदन इन केंद्रों पर देना चाहे तो वह आॅफलाइन प्रस्तुत कर सकता है। जिला प्रबंधक लोक सेवा केंद्र श्री पी एन गंगेले ने बताया कि दिनांक 13, 14 एवं 15 जुलाई को नये साॅफ्टवेयर पर कार्य किया जाना है, जिससे लोक सेवा केंद्रों पर आवेदन आॅफलाइन प्राप्त किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि 13 एवं 14 जुलाई को शासकीय अवकाश में आवेदन नहीं लिये जायेंगे। नया साॅफ्टवेयर तैयार होने के बाद पुनः आॅनलाइन आवेदन लिये जा सकेंगे।
कुपोषण दूर करने के कारगर प्रयास करें: संभागायुक्त
- विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश
छतरपुर/12 जुलाई/संभागायुक्त श्री आर के माथुर द्वारा आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों में तेजी से प्रगति लाने एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का ठीक ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित् करने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर डाॅ. मसूद अख्तर, सीईओ जिला पंचायत डाॅ. सतेन्द्र सिंह सहित स्वास्थ्य, महिला बाल विकास एवं सामाजिक न्याय विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त श्री माथुर ने कहा कि जिले में कुपोषण निवारण के लिये कारगर प्रयास होना चाहिये। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में समझाईश देते हुये कहा कि कुपोषित बच्चों को बारी-बारी से पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाये। पोषण पुनर्वास केंद्रों में किसी भी दिन एक भी पलंग खाली न रहे, इसके लिये कुपोषित बच्चों को भर्ती करने हेतु पहले से सूची तैयार रखी जाये। सीएमएचओ डा. के के चतुर्वेदी द्वारा बताया गया कि जिला अस्पताल में स्थित एनआरसी में 20 पलंग की व्यवस्था है, जिसमें वर्तमान में 16 कुपोषित बच्चे ही भर्ती हैं। इस पर उन्होंने महिला बाल विकास विभाग पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि जिले में कुपोषित बच्चे होने के बावजूद उन्हें एनआरसी में समय पर भर्ती क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले की किसी भी एनआरसी में पलंग खाली नहीं रहना चाहिये। प्रभारी महिला बाल विकास अधिकारी श्री ए एस शिवहरे द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में पहले 4350 कुपोषित बच्चों के परिवार थे, अब 3429 शेष हैं। संभागायुक्त श्री माथुर ने कुपोषित बच्चों के परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभांवित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र स्थानांतरित हो सकते हैं, वहां उन्हें स्थानांतरित कर दिया जाये। उन्होंने उप संचालक, सामाजिक न्याय विभाग श्री वीरेश सिंह बघेल को निर्देशित करते हुये कहा कि जिले में ऐसा कोई भी बहुविकलांग अथवा मानसिक विकलांग व्यक्ति शेष नहीं रहना चाहिये, जिसे 500 रूपये की विशेष आर्थिक सहायता स्वीकृत न की गई हो। उन्होंने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि जिले में अभी भी ऐसे 151 हितग्राही शेष हैं, जिन्हें आर्थिक सहायता का लाभ नहीं मिला है। संभागायुक्त ने सीएमएचओ डा. के के चतुर्वेदी को निर्देशित करते हुये कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी भूमिका है। प्रत्येक व्यक्ति को सरदार वल्लभभाई पटेल निःशुल्क दवा वितरण योजना का लाभ मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि यह योजना तभी सार्थक होगी, जब चिकित्सक बाहरी दवायें न लिखें एवं जिला चिकित्सालय के सामने खुले हुये मेडिकल स्टोर बंद होने की कगार पर पहुंच जायें। उन्होंने जिले के सभी ग्राम आरोग्य केंद्रों में पर्याप्त दवायें एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये, जिससे लोगों को इन आरोग्य केंद्रों के माध्यम से प्राथमिक उपचार मुहैया हो सके। उन्होंने समय पर बच्चों का टीकाकरण करने एवं स्वास्थ्य से जुड़ी हुयी सम्पूर्ण प्रणाली की माॅनिटरिंग के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये। संभागायुक्त ने अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु ग्राम आरोग्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक देखे जाने वाली व्यवस्थाओं, सामग्री एवं पंजियों की चेक लिस्ट तथा शासन द्वारा दी गई सुविधाओं की विवरण की एक बुकलेट भी वितरित कराई। उन्होंने कहा कि इस बुकलेट के माध्यम से अधिकारियों को निरीक्षण में सुविधा होगी। संभागायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी जिले में एक टीम के साथ कार्य करें, जब भी वह अपने भ्रमण पर जायें तो अपने विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी ध्यान दें। उन्होंने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुये उप संचालक, कृषि श्री इंद्रजीत सिंह बघेल को जिले में कृषकों को खाद का अग्रिम भंडारण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि किसान अभी से ही खाद का भंडारण कर लेते हैं तो वे फायदे में रहेंगे। बाद में उन्हें बढ़े हुये दर पर खाद लेने के लिये मजबूर होना पड़ेगा। संभागायुक्त ने विद्युत कंपनी का कार्य ठीक नहीं होने पर कार्यपालन यंत्री श्री व्ही डी पाण्डेय को निर्देशित करते हुये कहा कि फीडर सेपरेशन का कार्य शीघ्रता से पूरा करें। उन्होंने कहा कि बारीगढ़ एवं बक्स्वाहा क्षेत्र में लोगों द्वारा 24 घंटे बिजली न मिलने की शिकायत की जा रही है, जिसे दूर करने की कोशिश की जाये। उन्होंने कहा कि कहीं भी लो-वोल्टेज की समस्या नहीं आना चाहिये। उन्होंने कहा कि 8 हजार हितग्राहियों को किसान समृद्धि योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, यह भी ठीक नहीं है। उन्होंने अनुदान योजना के लंबित आवेदनों का भी निराकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने बुंदेलखण्ड पैकेज के तहत बनने वाले गोदामों के कार्य में भी तेजी लाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने बाढ़ राहत का सर्वे जल्दी करने के निर्देश दिये। संभागायुक्त ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री आवास मिशन, पंच-परमेश्वर योजना का ठीक ढंग से क्रियान्वयन होने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने इंदिरा आवास के प्रकरण स्वीकृत करने के लिये पहले से सूची तैयार रखने एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत अधिकाधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने मतदाता सूची ठीक ढंग से तैयार करने, मतदान तथा मतगणना केंद्रों की व्यवस्थायें ठीक रखने तथा स्वीप प्लान के तहत मतदान का प्रतिशत् बढ़ाने के संबंध में निर्देश दिये।
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