कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी कोर समूह की एक अहम बैठक में आज दोनों विकल्पों को खुला रखते हुए तेलंगाना मुद्दे पर चर्चा होगी, क्योंकि इस पर फैसले को और अधिक टाला नहीं जा सकता।
आंध्र प्रदेश के लिए पार्टी के प्रभारी सिंह ने बताया कि भारत सरकार संप्रग के साझेदारों से परामर्श करेगी, लेकिन विपक्षी पार्टियों को भी राजी करना होगा, क्योंकि फैसले के लिए संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है।
सिंह की टिप्पणी मायने रखती है, क्योंकि यह इन अटकलों के बीच आई है कि कांग्रेस अलग राज्य के गठन पर विचार कर सकती है। हालांकि, सिंह ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। यह पूछे जाने पर कि क्या अलग तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर कोई फैसला किया गया है, सिंह ने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता।
भारत सरकार को संप्रग के साझेदारों से परामर्श कर इस पर फैसला करना है। चूंकि इसके लिए संविधान में संशोधन की जरूरत होगी, इसलिए हमें विपक्षी दलों को भी विश्वास में लेना होगा। इन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि उन्होंने तेलंगाना के लोगों को कुछ खुशखबरी देने का वादा किया है, सिंह ने कहा कि उन्होंने सिर्फ यह फैसला किये जाने का भरोसा दिलाया है कि अस्पष्टता की कोई स्थिति नहीं रहेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री तथा अन्य नेता कोर समूह में शामिल हैं। इस बारे में एक रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंप चुके कांग्रेस महासचिव सिंह इसकी विषय वस्तु के बारे में और अलग तेलंगाना राज्य गठन के पक्ष या विपक्ष में तथा एक एकीकृत आंध्र प्रदेश कायम रखने के बारे में कोई टिप्पणी करने से बचते दिखे।
आंध्र प्रदेश के लिए पार्टी के प्रभारी सिंह ने बताया कि भारत सरकार संप्रग के साझेदारों से परामर्श करेगी, लेकिन विपक्षी पार्टियों को भी राजी करना होगा, क्योंकि फैसले के लिए संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है।
सिंह की टिप्पणी मायने रखती है, क्योंकि यह इन अटकलों के बीच आई है कि कांग्रेस अलग राज्य के गठन पर विचार कर सकती है। हालांकि, सिंह ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। यह पूछे जाने पर कि क्या अलग तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर कोई फैसला किया गया है, सिंह ने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता।
भारत सरकार को संप्रग के साझेदारों से परामर्श कर इस पर फैसला करना है। चूंकि इसके लिए संविधान में संशोधन की जरूरत होगी, इसलिए हमें विपक्षी दलों को भी विश्वास में लेना होगा। इन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि उन्होंने तेलंगाना के लोगों को कुछ खुशखबरी देने का वादा किया है, सिंह ने कहा कि उन्होंने सिर्फ यह फैसला किये जाने का भरोसा दिलाया है कि अस्पष्टता की कोई स्थिति नहीं रहेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री तथा अन्य नेता कोर समूह में शामिल हैं। इस बारे में एक रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंप चुके कांग्रेस महासचिव सिंह इसकी विषय वस्तु के बारे में और अलग तेलंगाना राज्य गठन के पक्ष या विपक्ष में तथा एक एकीकृत आंध्र प्रदेश कायम रखने के बारे में कोई टिप्पणी करने से बचते दिखे।

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