आठ बड़े शहरों के बौद्ध स्‍मारकों पर खतरा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 7 जुलाई 2013

आठ बड़े शहरों के बौद्ध स्‍मारकों पर खतरा.

बोधगया में रवि‍वार तड़के महाबोधि मंदि‍र के बाहर एक के बाद एक 9 बम धमाके हुए हैं। मौके से तीन जिंदा बम भी बरामद कि‍ए गए, जि‍न्हें डि‍फ्यूज कर दि‍या गया। गृहमंत्रालय ने इन धमाकों को आतंकी वारदात करार दि‍या है। गृह सचि‍व अनि‍ल गोस्‍वामी ने बताया कि चार धमाके मंदि‍र परि‍सर के अंदर हुए जबकि तीन धमाके मठ परि‍सर में हुए। एक धमाका भगवान बुद्ध की मूर्ति के पास हुआ। 

मंत्रालय के मुताबि‍क इन धमाकों में पांच लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें दो वि‍देशी बौद्ध भि‍क्षु हैं। दो की हालत गंभीर है। महाबोधि मंदि‍र में हुए ब्‍लास्‍ट के बाद गृह मंत्रालय ने आठ बड़े शहरों के लि‍ए एडवाइजरी जारी की है। यह शहर हैं- दि‍ल्‍ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्‍नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे। इन शहरों में बौद्ध स्‍मारकों, पूजा घरों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश तो दि‍ए हैं। एक समाचार एजेंसी को मि‍ली जानकारी के मुताबि‍क इंडि‍यन मुजाहि‍दीन ने उन्‍हें बताया है कि उन लोगों ने बि‍हार में महाबोधि मंदि‍र की रेकी करने के लि‍ए 15 दि‍न बि‍ताए।  

जानकारी के मुताबि‍क धमाकों की तीव्रता ज्‍यादा नहीं थी। धमाकों के तुरंत बाद सीआरपीएफ और फायर ब्रि‍गेड के लोग मौके पर पहुंच गए थे। घायलों को गया मेडि‍कल कॉलेज में प्राथमि‍क चि‍कि‍त्‍सा के लि‍ए ले जाया गया। महाबोधि मंदि‍र को खाली करा दि‍या गया था। वहीं दूसरी तरफ दि‍ल्‍ली पुलि‍स भी पि‍छले साल नवंबर में एलर्ट कि‍या था कि जर्मन बेकरी ब्‍लास्‍ट से जुड़े आरोपी ने महाबोधि मंदि‍र में हुए बम वि‍स्‍फोटों की साजि‍श रच रहा है। ऐसा वह म्‍यामांर में बौद्धों द्वारा मुसलमानों पर कि‍ए गए अत्‍याचार और उनकी हत्‍याओं का बदला लेने के लि‍ए कर रहा है। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि उसने बोधगया में महाबोधि मंदि‍र की रेकी की थी। पुलि‍स ने अभी तक इसे आतंकवादी वारदात नहीं माना है। पुलि‍स का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। एनआईए की भी टीम मौके के लि‍ए रवाना हो चुकी है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार भी पटना से महाबोधि मंदि‍र पहुंचे और वारदात की जानकारी ली।  

महाबोधि मंदि‍र के पास हुए इन धमाकों की शुरुआत सुबह पांच बजकर 15 मि‍नट से हुई। गनीमत यह रही कि उस वक्‍त मंदि‍र के आसपास ज्‍यादा लोग नहीं थे नहीं तो धमाकों से कहीं ज्‍यादा तबाही मच सकती थी। जि‍स वक्‍त यह धमाके होने शुरू हुए, उस वक्‍त मंदि‍र में पुजारी व सफाई कर्मचारी थी। यह भी कहा जा रहा है कि धमाकों के पीछे नक्‍सली हाथ हो सकता है। गया नक्‍सल प्रभावि‍त क्षेत्र माना जाता है। धमाकों से मंदि‍र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गौरतलब है कि आईबी की तरफ से इस मंदिर पर हमला हो सकने की सूचना काफी समय से जारी की जा रही थी. इसी को ध्यान में रखते हुए इस मंदिर के मुख्य पुजारी ने हथियार की मांग भी की थी। महा‍बोधि मंदिर में सुबह चार बजे से ही पूजा शुरू हो जाती है और यहां देश-विदेश से मौजूद बौद्ध भिक्षु जुटने लगते हैं। 

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