हेमंत का भव्य स्वागत, झामुमो में उत्साह
रांची। झारखंड में सरकार गठन को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हुर्इ है, लेकिन नर्इ दिल्ली में कांग्रेस व राजद नेताओं से आशीर्वाद मिल जाने के बाद रांची लौटने पर झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन का भावी मुख्यमं«ाी के रुप में जोरदार स्वागत हुआ। राजधानी रांची सिथत बिरसा मुंडा हवार्इअÏे पर हेमंत सोरेन के स्वागत के लिए राज्य भर के जिलों से आये पार्टी नेता-कार्यकत्र्ता खुशी से झूम-नाच रहे थे। झामुमो विधायक पौलुस सुरीन हेमंत के स्वागत में नाचते-झूमते नजर आये, वहीं झामुमो के वरिष्ठ नेता हाजी हुसैन अंसारी, मथुरा प्रसाद महतो, विधायक साइमन मरांडी, शशांक शेखर भोकता, दीपक बिरुआ समेत अन्य विधायक और पार्टी नेता हेमंत के स्वागत के लिए हवार्इअÏा पहुंचे थे। जबकि झामुमो विधायक चंपर्इ सोरेन दिल्ली से हेमंत सोरेन के साथ ही वापस लौटे थे। हवार्इअÏे पर झामुमो कार्यकत्र्ता हाथों में पार्टी के झंडे लिये और तखितयां लिये हुए खड़े थे, जिसमें झारखंड का मुख्यमं«ाी कैसा हो, हेमंत सोरेन जैसा हो,झारखंड पु«ा हेमंत सोरेन जिन्दाबाद के नारे लिखे हुए थे। झामुमो कार्यकत्र्ताओं के अलावा कांग्रेस के भी कुछ कार्यकत्र्ता पार्टी नेताओं व हेमंत सोरेन के स्वागत के लिए पहुंचे थे। हेमंत सोरेन के एयरपोर्ट से बाहर निकलने के साथ ही उन्हें फूल-मालाओं से ढंक दिया गया। कार्यकत्र्ता टोलियों में ढोल-बाजे के साथ नाचते-गाते और नारेबाजी करते नजर आये।हेमंत सोरेन के साथ ही कांग्रेस विधायक दल के नेता राजेंæ प्रसाद सिंह, विधायक सरफराज अहमद, बन्ना गुप्ता, सुबोधकांत सहाय और अन्य वरिष्ठ नेता रांची पहुंचे थे। एयरपोर्ट से झामुमो कार्यकत्र्ता मोटरसार्इकिल और छोटे-बड़े वाहनों के काफिले के साथ झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के आवास पहुंचे। शिबू सोरेन के आवास के बाहर कार्यकत्र्ताओं ने जमकर आतीशबाजी की। गुरुजी (शिबू सोरेन) का आवास देर शाम तक कार्यकत्र्ताओं व पार्टी समर्थकों के साथ पटा रहा।
पूंजीपतियों की होड़ का परिणाम है उत्तराखंड
रांची : झारख्ंड साझा जनसंघर्ष अभियान की ओर से सत्यभारती सभागार में उत्तराखंड की त्रसदी पर परिचर्चा हुई। संचालन के लिए अध्यक्षमंडली का गठन किया गया। एसयूसीआइ की ओर से सिद्धेश्वर सिंह, सीपीआई से जसबा कच्छप, समाजवादी जनपरिषद से चंद्रभूषण चौधरी व जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी से सुनीता को नियुक्त किया गया। कई गणमान्य बुद्धिजीवियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखंड की त्रसदी प्राकृतिक घटना नहीं है। यह विनाश देशी-विदेशी पूंजीपतियों की होड़ का परिणाम है। विकास के नाम पर जहां-तहां डाइनामाइट से विस्फोट करना, सुरंग बनाना, अंधाधुंध पेड़ों की कटाई, नदी और झरने की धाराओं की दिशा परिवर्तन करना, पर्यावरण को प्रदूषित करना जैसे क्रियाकलाप शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि मदद के स्थान पर सत्ता व विपक्ष के नेता मात्र अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लगे हुए हैं। पर्यावरणविदों ने ऐसी घटनाओं के होने का पूर्वानुमान कर सरकार को पहले ही सावधान कर दिया था।
पुलिस अफसरों पर दुष्कर्म का आरोप
- -सीआरपीएफ व चार थाने के अफसरों पर लगाया आरोप
- -पीड़िता का दावा- वह पुलिस के लिए दस वर्ष की उम्र से ही कर रही काम
रांची : खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र की एक नाबालिग ने चार थाने और एक सीआरपीएफ कैंप के अफसर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। 1उसका दावा है कि वह 10 साल की उम्र से ही पुलिस के लिए एसपीओ का काम करती आ रही है। देवेंद्र नामक व्यक्ति ने उसे जनवरी 2011 में पुलिस का एसपीओ बनवाया। इसके बाद फरवरी 2011 से अबतक खूंटी जिले के तीन थाने अड़की, रनिया, तमाड़ के एक-एक दरोगा, सीआरपीएफ कैंप हूट के एक अफसर और दलबंगा थाना (सरायकेला) के एक दरोगा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। लेकिन उसे किसी का नाम नहीं पता है। उसका कहना है कि उक्त पदाधिकारियों के पास उसे देवेंद्र ही ले गया था। वह उसे पिस्टल दिखा धमकी भी देता था कि अगर किसी को बताया तो गोली मार देंगे। पीड़ित ने कहा कि एसपीओ के रूप में काम करने के लिए उसे चार माह तक प्रति माह चार हजार रुपये भी मिले। उग्रवादियों ने कहा, पुलिस को बताओ : पीड़ित ने बताया कि 17 जून को अड़की स्थित उसके घर पर कुछ उग्रवादी आए। फिर कहा कि तुम पुलिस की एसपीओ हो, हमारे साथ चलो। उसके बाद उग्रवादी जंगल ले गए। पांच जुलाई (शुक्रवार)को उग्रवादियों ने उसे मानवाधिकार कार्यकर्ता शशिभूषण पाठक के साथ पुलिस को घटना की जानकारी देने को कहा। इसके बाद वह उनके साथ खूंटी से रांची पुलिस अफसर से मिलने पहुंची। साथ में उसके पिता भी रांची आए थे।
कोर्ट जाएंगे : पाठक
इस मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ता शशिभूषण पाठक ने बताया कि उसे वीर सिंह नामक उग्रवादी ने लड़की को खूंटी में सौंपा। उन्होंने जब डीजीपी से संपर्क किया तो उन्होंने एसएसपी के पास जाने को कहा, एसएसपी ने थाने में शिकायत दर्ज कराने को कहा। अब वे थाने की जगह शनिवार को कोर्ट में लड़की को लेकर जाएंगे। पाठक ने कहा कि पुलिस के तीसरे लाइन के अफसर नक्सलियों से लड़ने की जगह अपने लोगों का ही शोषण कर रहे हैं।
टीचर के सामने रैगिंग, 4 छात्र घायल
- - लाला लाजपत राय स्कूल की घटना,
- - छात्रों के आंख, कान, चेहरे और शरीर में कई जगह आईं चोटें
- - स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को दिया कार्रवाई का भरोसा
रांची । लाला लाजपत राय स्कूल में शुक्रवार को दिन के करीब 11.30 बजे 12वीं के चार छात्रों स्नेह आनंद, अमन कुमार, विवेक बागे और कुणाल साहनी के साथ रैगिंग की गई। इस दौरान उन्हें बुरी तरह पीटा गया और कान में लकड़ी घुसा देने जैसा दुव्र्यवहार भी किया गया। स्कूल प्रबंधन पीडि़त छात्रों के अभिभावकों को आरोपी छात्रों पर कार्रवाई करने का भरोसा देकर मामला सलटाने की कोशिश में जुट गया है। घायल छात्रों के अनुसार उनके साथ रैगिंग के नाम पर सावन कुमार, कार्तिक, राज प्रताप आदि ने मारपीट की। देर रात तक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पीडि़त छात्रों के परिजनों ने थाने में कोई शिकायत नहीं की। उधर, स्कूल ने भी दिन भर में कोई कार्रवाई नहीं की। पीडि़त छात्रों के आंख, कान, चेहरे और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। स्नेह आनंद ने बताया कि वे लोग दिन के 11 बजे लंच कर रहे थे। इस क्रम में सावन कुमार उसे जबरन अपने साथ ले जाने लगा। ये देख पीटी टीचर ने सावन को ऐसा करने से रोका और दूसरी ओर चले गए। लेकिन, कुछ देर बाद दुबारा सावन आया और मुझे अपने साथ ले गया। कुछ दूर जाने के बाद उसने मारपीट शुरू कर दी। इस बीच उसका दोस्त कार्तिक और राज प्रताप भी आ गए। कार्तिक के हाथ में डंडा था। तीनों मिलकर मुझे मारने लगे। मुझे पिटता देख अमन, विवेक और कुणाल बचाने आए। लेकिन, उन लोगों ने उनकी भी पिटाई कर दी। ये सब शिक्षकों के सामने हुआ। हालांकि, कुछ देर बाद मेरे क्लास टीचर प्रफुल्ल ने आकर हमारी मदद की और छुड़ाकर ले गए।
घटना हुई है, हम कार्रवाई करेंगे
मुझे घटना के बारे में जानकारी मिली है। मैंने इसके लिए जांच कमेटी बना दी है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। शनिवार को बच्चों के पैरेंट्स को बुलाया है। अग जरूरत पड़ी तो, टीसी दे देंगे- पीके ठाकुर, प्रिंसिपल, लाला लाजपत राय स्कूल
कार्रवाई होनी चाहिए
स्नेह के चाचा ललन सिंह का कहना है कि ऐसी घटना हुई और प्रबंधन ने हमें जानकारी तक नहीं दी। यह लापरवाही है। मुझे बच्चों की टीसी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। उधर, कुणाल के पिता अनिल साहनी ने कहा कि बेटे को स्कूल नहीं भेजेंगे। दोषी छात्रों के खिलाफ प्रबंधन कार्रवाई करे, अन्यथा हम दूसरा विकल्प तलाशेंगे।
छात्रों ने कहा, नहीं जाएंगे स्कूल
मारपीट में घायल छात्र काफी डरे हुए हैं। वे दुबारा स्कूल नहीं जाना चाहते हैं। कुछ माह पूर्व ही चारों छात्रों ने डीएवी हेहल से लाला लाजपत राय स्कूल में दाखिला लिया है। स्नेह और कुणाल साइंस एवं अमन और विवेक कॉमर्स पढ़ रहे हैं। तीनों अब टीसी (ट्रांसफर सटिर्फिकेट) लेना चाहते हैं।
---अमित झा---
रांची
झारखण्ड

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