राष्ट्रीय जनता दल राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद को मंगलवार को राहत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कथित अवैध संपत्ति के एक मामले को झारखंड की सीबीआई अदालत से किसी अन्य सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने की उनकी याचिका पर नोटिस जारी कर दिया। न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और जे. चेलेमेश्वर की खंडपीठ ने यह नोटिस जारी करते हुए निचली अदालत में उनके खिलाफ आगे की सुनवाई पर भी अंतरिम रोक लगा दी।
इससे पहले वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने अदालत को बताया कि निचली अदालत ने एक असामान्य प्रक्रिया अपनाते हुए एक नोटिस जारी कर उनके मुवक्किल से एक जुलाई, 2013 तक बहस की लिखित प्रति दाखिल करने को कहा है, ताकि 15 जुलाई, 2013 तक फैसला सुनाया जा सके।
सर्वोच्च न्यायालय को बताया गया कि इसमें पक्षपात होने की संभावना है, क्योंकि निचली अदालत की न्यायाधीश मीनू देवी का विवाह स्वर्गीय जितेंद्र शाही से हुआ था, जो बिहार के मंत्री पी.के. शाही के चचेरे भाई थे, जिन्हें हाल ही में लोकसभा उपचुनाव में राजद उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा है।

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