सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में किशोर के लिए तय आयु सीमा को 18 से घटाकर 16 साल करने को लेकर दायर की गई याचिका को आज खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में गत वर्ष 16 दिसंबर की रात फिजियोथेरेपी की 23 वर्षीय छात्रा निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार और उसके बाद हुई उसकी मौत के बाद से ही समाज के कुछ वर्गों के द्वारा यह मांग की जा रही है कि अपराधों में शामिल किशोरों को नाबालिग माने जाने की कानूनी उम्र सीमा को 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष कर दिया जाये।
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