पेट्रोलियम मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि डीजल पर इस माह के दूसरे पखवाड़े में नुकसान के बढ़कर 9.45 रुपये प्रति लीटर हो जाने की सम्भावना है। पहले पखवाड़े में प्रति लीटर नुकसान 8.60 रुपये था। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "सार्वजनिक वितरण प्रणाली वाले मिट्टी के तेल और घरेलू एलपीजी के मामले में जुलाई 2013 के लिए नुकसान क्रमश: 30.52 रुपये प्रति लीटर और 368.58 रुपये प्रति सिलेंडर है।"
बयान के मुताबिक, "तेल विपणन कम्पनियों को दूसरे पखवाड़े में डीजल, पीडीएस वाले मिट्टी के तेल एवं घरेलू एलपीजी के सम्मिलित बिक्री पर रोजाना 362 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो जून के दूसरे पखवाड़े में 358 करोड़ रुपये था।"
15 जुलाई को कच्चे तेल के भारतीय बास्केट की कीमत प्रति बैरल 105.80 डॉलर या 6,353.29 रुपये (प्रति डॉलर 56.50 रुपये की दर से) दर्ज की गई थी।सरकार ने तेल विपणन कम्पनियों को हर माह डीजल की खुदरा कीमत थोड़ी-थोड़ी बढ़ाने की अनुमति दी है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें