दिल्ली के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में बुधवार को सहपाठी के हमले से घायल हुई रोशनी की सलामती के लिए उसके पैतृक शहर मुजफ्फरपुर में दुआओं का दौर शुरू हो गया है। उसके घर में मातम छाया है तो शहर के लोग उसकी जल्द सलामती की दुआ मांग रहे हैं। मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रमना शंकर मुहल्ले स्थित उसके आवास पर घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा है। उसके परिजन किसी से बात नहीं कर रहे हैं। मुहल्ले के लोगों के अनुसार, कपड़ा व्यवसयी की बेटी रोशनी बचपन से ही पढ़ने में बहुत तेज थी।
पड़ोसियों ने बताया कि व्यवसायी की पांच बेटियों में दो का विवाह हो चुका है, जबकि दो बेटियां बाहर रहकर पढ़ाई करती थीं। इन्हीं में से एक बेटी रोशनी थी। एक बेटी मुजफ्फरपुर में ही रहती है। व्यवसायी के दो बेटे हैं, जो व्यवसाय में उनका हाथ बंटाते हैं। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद व्यवसायी अपने बेटों के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं। शहर में बुधवार से ही इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है। शहर के लोग रोशनी के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, वहीं पीड़ित परिवार दहशत में है।
मुजफ्फरपुर के व्यवसायी रामशंकर प्रसाद के अनुसार, किसी ने सोचा भी नहीं था कि शहर की बेटी के साथ दिल्ली में ऐसी घटना हो जाएगी। सभी लोगों की दुआ उसके साथ है। बड़े अरमान से रोशनी को पढ़ने के लिए दिल्ली भेजा गया था। घटना के बाद रोशनी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जबकि उस पर हमला करने वाले आकाश ने खुदकुशी कर ली थी।
(फोटो : जागरण)

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