उत्तराखंड की विस्तृत खबर (20 अगस्त) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 20 अगस्त 2013

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (20 अगस्त)

बेकाबू ब्यूरोक्रेसी और आपदा मंत्री के उठे मामले, आपदा मंत्री पर विधायकों ने लगाया उपेक्षा का आरोप

देहरादून, 19 अगस्त। अभी तक प्रदेश की जनता ही मुख्यमंत्री पर यह आरोप लगाती रही है कि प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी उनकी नहीं सुन रही है, लेकिन अब कांग्रेस विधानमण्डल दल के विधायकों ने भी मुख्यमंत्री से शिकायत की है कि प्रदेश के जिले से लेकर सरकार में बैठे नौकरशाह तक उनको तवज्जो नहीं देते हैं। वहीं विधानमण्डल दल की बैठक में विधायकों के निशाने पर सबसे ज्यादा आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य ही रहे। इतना ही नहीं जब विधायकों ने उन पर शब्द बाणों से प्रहार करने शुरू किए तो वे तिलमिलाकर आपा खो बैठे। वहीं सतपाल महाराज गुट के पर्यटन मंत्री अमृता रावत, गणेश गोदियाल और राजेन्द्र भण्डारी भी सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैये से नाराज होकर बैठक को बीच में ही छोड़कर निकल गए। बीते दिन लगभग आठ घण्टे चली विधानमण्डल दल की सहयोगी दलों के साथ बैठक में उन विधायकों ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया, जिनके विधानसभा क्षेत्र आपदा से प्रभावित हैं। प्रदेश विधानमण्डल दल व सहयोगी दलों के साथ मुख्यमंत्री बहुगुणा ने सरकार बनने के 17 महीने के बाद पहली बार बैठक की। यह बैठक केंद्र के दबाव में की गई, क्योंकि प्रदेश सरकार के विधायक लगातार मुख्यमंत्री सहित आलाकमान से कांग्रेस विधायकों की बैठक को लेकर दबाव बनाए हुए थे। पहली बार हुई इस बैठक में प्रदेश के अधिकांश विधायकों ने अपनी ही सरकार पर आरोप लगाया कि जिले से लेकर प्रदेश शासन में बैठे नौकरशाह उनकी बातों को नजर अंदाज करते रहे हैं, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री के मुंह लगे कुछ तथाकथित नेताओं को राज्य की नौकरशाही पूरी तरह सहयोग कर रही है। ऐसे में प्रदेश के नेताओं में अंदरखाने आपसी द्वंद बढ़ रहा है, जिसका खामियाजा प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश विधायकों का आरोप था कि प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी लोक सेवक को मिलने वाले प्रोटोकॉल को भी नजरअंदाज कर रही है। वहीं बैठक के बाद कुछ मंत्रियों का तो यहां तक कहना था कि विभागीय फाईलों के अलावा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक गई फाईलों के मामले में उनको पूछा तक नहीं जाता। उन्होंने कहा कि जब इस तरह की फाईलों पर निर्णय हो जाता है तब मंत्रियों को पता चलता है, जो कि एक गंभीर विषय है। वहीं एक विधायक ने तो यहां तक कहा कि विधायकों को दस बार निश्चित समय देने के बाद भी अधिकारी अपने कक्ष में नहीं मिलते हैं, जिससे विधायकों का समय तो बर्बाद हो ही रहा है, वहीं जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सत्तारूढ़ विधायकों और सहयोगी दलों की बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य का रहा, आपदा प्रभावित क्षेत्र के लगभग सभी विधायकों ने एक सुर में आपदा प्रबंधन मंत्री को घेरते हुए कहा कि उनके क्षेत्रों की समस्याओं और आपदा के बाद होने वाले कार्यों के लिए क्षेत्र के विधायकों को मंत्री नजर अंदाज कर रहे हैं। वहीं उन्होंने यशपाल आर्य पर विधायकों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। इस पर आपदा मंत्री यशपाल आर्य कई बार तिलमिला भी उठे। इतना ही नहीं सतपाल महाराज गुट के राजेन्द्र भण्डारी, अमृता रावत और गणेश गोदियाल तो सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बैठक को बीच में छोड़कर चल दिए। कुल मिलाकर कांग्रेस विधानमण्डल दल व सहयोगी दलों की बैठक में विधायकों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री और आपदा मंत्री पर ही अपनी खींझ उतारी। 

खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रदेश में लागू, इस योजना से 62 प्रतिशत लोगों को लाभ मिलेगा: बहुगुणा

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। ‘‘प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को लागू कर दिया गया है। इस योजना से राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को लाभ पहुंचाया जायेगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खाद्य सुरक्षा आयोग का गठन किया जायेगा। यह योजना देश में भूख और कुपोषण को समाप्त करने में कारगर साबित होगी। आपदा प्रभावित गांवों में इस योजना के पहुंचने से प्रभावितों को राहत मिलेगी। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना ऐतिहासिक है। इस योजना के लागू होने से 62 प्रतिशत आबादी को लाभ मिलेगा।’’ यह बात मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के शुभारंभ अवसर पर कही। मुख्यमंत्री  बहुगुणा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करके ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं यूपीए. अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने इस योजना को गांव और गरीबों के लिए शुरू किया गया है। इस योजना से 62 प्रतिशत लोगों को लाभ मिलेगा। गरीब लोगों को प्रति व्यक्ति 5 कि.ग्रा. खाद्यान्न दिया जायेगा, जिसमें 3 कि.ग्रा. चावल व 2 कि.ग्रा गेहूं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी के जन्मदिवस पर इस महत्वकांक्षी योजना को शुरू करने वालों में उत्तराखण्ड राज्य भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अभी इस योजना में बीपीएल और अन्त्योदय वाले कार्डधारकों को शामिल किया गया है, शेष एपीएल को भी योजना का लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आगामी 2 सितम्बर से प्रदेश के अन्य जनपदों में प्रभारी मंत्रियों द्वारा इस योजना का शुभारंभ किया जायेगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खाद्य सुरक्षा आयोग का गठन किया जायेगा। साथ ही जनपद स्तर पर निगरानी समितियां गठित की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह भी तय किया जायेगा कि बीपीएल में सही व्यक्ति का ही नाम दर्ज हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये गये है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 12 लाख करोड़ रुपये के बजट में से 4 लाख करोड़ रुपये जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जा रही है। इनमें मनरेगा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसे कार्यक्रम शामिल है, जो सीधे आम आदमी के जीवन से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई पूरे विश्व की चिंता है। अन्तर्राष्ट्रीय दबाव के कारण महंगाई बढ़ रही है। मुख्यमंत्री बहुगुणा ने कहा कि प्रदेश वर्तमान में आपदा के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित गांवो को भी इस योजना से काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में केन्द्र और राज्य सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का जीवन पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के जन्म दिवस पर इस महत्वकांक्षी योजना को शुरू किया जा रहा है। राजीव गांधी से सरल व्यक्तित्व के थे, दूरदर्शी थे। उन्हीं की सोच के कारण देश में कम्प्यूटरीकरण हुआ, युवाओं को 18 वर्ष की आयु में वोट देने का अधिकार मिला। उन्होंने देश के विकास में सभी के सहयोग की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 100 लाभार्थी महिलाओं को राशन किट प्रदान किये। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना को राज्य में आज से शुरू किया जा रहा है। गरीब लोगों को सस्ती दरों पर राशन मिल सकेगा। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिये गये है। राज्य की लगभग 61.94 लाख लोगों को इस योजना से लाभ मिलेगा। इसके तहत 5 कि.ग्रा. खाद्यान्न प्रति व्यक्ति दिया जायेगा। जिसमें 3 कि.ग्रा. चावल 3 रुपये प्रति कि.ग्रा. तथा 2 कि.ग्रा. गेहूं 2 रुपये प्रति कि.ग्रा. की दर से दिया जायेगा। वर्तमान में अन्त्योदय योजना के कार्डधारकों को पूर्व की भांति 35 कि.ग्रा. खाद्यान्न प्राप्त होता रहेगा। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 3.7 लाख बीपीएल परिवारों को भी 35 कि.ग्रा. खाद्यान्न पूर्व की भांति दिया जायेगा। इस पर पड़ने वाला अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। योजना के तहत राशन कार्ड परिवार की वरिष्ठत महिला के नाम जारी किया जायेगा। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जनपद देहरादून के प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रदेश में लागू होने से गरीब लोगों को लाभ मिलेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि यह योजना गरीब के पेट से जुड़ी योजना है, जो राजीव जी के जन्मदिवस पर शुरू की जा रही है। श्रम मंत्री दुर्गापाल ने कहा कि इस योजना से सभी को लाभ मिलेगा। नियोजन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के समय हमने जनता से वादा किया था कि सभी को सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध करायेंगे। घोषणा पत्र में हमने जो वादा किया था, आज वह पूरा हो रहा है। एपीएल को भी इस योजना का लाभ दिया जायेगा। इस अवसर पर डिप्टी स्पीकर विधान सभा डॉ. अनुसुईया प्रसाद मैखुरी, सभा सचिव हेमेश खर्कवाल, फुरकान अहमद एवं मनोज तिवारी, अध्यक्ष वन विकास निगम कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, विधायक सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा, राजकुमार, हरिश धामी, मेयर विनोद चमोली, सचिव खाद्य राधा रतूड़ी, जिलाधिकारी आर.मीनाक्षी सुन्दरम सहित अन्य गणमान्य लोगा उपस्थित थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा ने डिस्पेंसरी रोड़ स्थित राजीव गांधी बहुउद्देशीय परिसर में राजीव गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्व. राजीव गांधी जी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमंे उनके आर्दशों का अनुसरण करना चाहिए।

प्रयास है कि सरकार और व्यापारी दोनो लाभान्वित हो सके: इंदिरा

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। प्रदेश के वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में व्यापार कर एवं वैट के भुगतान में आने वाली कठिनाईयों के निदान के लिए प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल उत्तराखण्ड के साथ विचार विमर्श किया। उन्होने कहा कि सरकार व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। इसके लिए व्यापारियों का भी सहयोग अपेक्षित है। ऑन लाइन त्रैमासिक/वार्षिक विवरणी व्यवस्था को जारी रखने के साथ-साथ मैनुअल दोनो रहेगी। धीरे-धीरे आगे बढ़ा जायेगा। प्रयास यह है कि सरकार और व्यापारी दोनो लाभान्वित हो सके। प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थिति है पर्वतीय क्षेत्रों में दिक्कतें हो सकती है। छोटे व्यापारियों की समस्या हो सकती है, इसके निराकरण के प्रयास किये जायेंगे। वित्त मंत्री को व्यापारियों ने अवगत किया कि पंजीकृत व्यापारी माल जिसके साथ फार्म, बिल व अन्य दूसरे कागजात लगे होते है। ट्रांसपोर्टर/ड्राइवर यदि उत्तराखण्ड में प्रवेश करने से पूूर्व उसकी ट्रिप सीट नही बनवाता है, तो माल से लदे ट्रक को रोक लिया जाता है, जिस पर व्यापारी से पेनाल्टी मांगी जाती है। वित्त मंत्री ने व्यापार कर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस समस्या का निराकरण करें, व्यापारियों का उत्पीडन न हो साथ ही तीन वर्ष के राजस्व प्राप्ति विवरण भी प्रस्तुत करें। ईंट भट्टा व्यवसाइयों से रू. 1500 प्रत्येक फार्म जमा कराया जाता है के संबध में वित्त मंत्री ने निर्देश दिये कि इसे कम करके 1000 रूपये किया जाय। आपदा से व्यापारी वर्ग को भी प्रभावित है। आपदाग्रस्त जिलों के व्यापारियों को छूट दी जाय। उन्होने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों के प्रभावितों के ऋण अदायगी की अवधि बढाये जाने के संबंध में आरबीआई विचार कर रहा है। छोटे व्यापारियों को कर मुक्त करने के संबध में कहा कि यह एक नीतिगत विषय है, जिस पर विचार किया जायेगा। व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से वित्त मंत्री को अवगत कराया कि यदि व्यापारी माल खरीदने अन्य राज्यों में जाता है, तो बिना सी फार्म के उसे 13.50ः वैट देना पडता है। जबकि सी फार्म में 2 प्रतिशत ही देना पडता है। उन्होने मंत्री से अनुरोध किया कि व्यापारियों को सी फार्म सरलता से उपलब्ध हो इसके लिए व्यवस्था की जाय।  अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि व्यापारियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं शुरू की जा रही हैं। साथ ही व्यापारियों को सूचनाएं तेजी से मिले इसके लिए एसएमएस एलर्ट की व्यवस्था की जा रही है। ताकि व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, व्यापार कर आयुक्त सौजन्या सहित प्रान्तीय उद्योग व्यपार प्रतिनिधि मण्डल उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमण्डल व बिक्रि कर विभाग के अधिकारी एवं व्यापारी संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

काशी सिंह ऐरी के नेतृत्व में दल मजबूत होगा: व्यास

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के केन्द्रीय महामंत्री पंकज व्यास ने प्रदेशवासियों को अपने और दल की ओर से रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएं दी। व्यास ने कहा है कि दल काशी सिंह ऐरी के नेतृत्व में मजबूत होने जा रहा है पहले बार केन्द्रीय पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गयी है। न्यायपंचायत स्तर तक संगठन को ले जाया जा रहा है, आगामी पंचायत चुनाव में पार्टी राजनीतिक रूप से उभर कर आयेगी, शीघ्र ही जनपद प्रभारी और सहप्रभारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलायी जा रही है, जिसमें संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जायेगा। व्यास ने केन्द्रीय अध्यक्ष  काशी सिंह ऐरी जी से अनुरोध किया है कि जिन लोगों ने पार्टी को तोड़कर अलग से धडे बनाये है उनसे एकता की वार्ता बंद करनी चाहिए, क्योंकि दल को कमजोर करने उनका सबसे बडा हाथ रहा है। इसलिए अपने स्वार्थ के चलते पार्टी में विश्वास न बना पाने के कारण उन्होने अलग धडा बनाकर उसके स्वयंभू अध्यक्ष बने हुए है। ऐसे में एकता का प्रयास करने के बजाय हमें अपने कार्यक्रम करते रहने चाहिए और अपने ताकत गांव-गांव में जाकर लोगों की समस्याओ पर लगाना चाहिए। उन्होंने हा कि एका का प्रयास दल को मजबूत करने के लिए होना चाहिए ना कि एका के नाम पर प्रेस वार्ता कर जनता और पार्टी के लोगों के बीच भ्रम फैलाकर अपने मुॅह मीठू बनने की कोशिश नही करनी चाहिए, जो लोग दल को मजबूत करना चाहते है उनके लिए दल के दरवाजे खुले है और जो बयानबाजी कर दल को कमजोर करना चाहते हैं उनके लिए दल के दरवाजे हमेशा के लिए बंद है। श्री व्यास ने साफ-साफ संकेत दिए है कि जो भी व्यक्ति दूसरे पार्टी के सिम्बल से चुनाव लड़ता है वह दल का हितैशी नही हो सकता और दल को मजबूत करने के नाम पर हमेशा दल को तोड़ने की ही कोशिश करेगा। ऐसे लोगों से दल को हमेशा सावधान रहना चाहिए। 

अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिज्ञा दिलाई

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। सद्भावना दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने मंगलवार को सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिज्ञा दिलाई। सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने प्रतिज्ञा ली कि वे जाति, धर्म, क्षेत्र या भाषा के भेदभाव किये बिना भावनात्मक एकता और सद्भावना के लिये कार्य करेंगे। सभी प्रकार के मदभेद हिंसा का सहारा लिए बिना बातचीत और संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार सुलझायेंगे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, अपर सचिव सहित सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

काव्यांजलि आयोजित

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल के 95वें जन्मदिन पर काव्यांजलि का आयोजन किया गया। पासपोर्ट कार्यालय के समीप चन्द्रकुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान के तत्वावधान में स्थित एक होटल में काव्यांजलि आयोजित की गयी। इस काव्यांजलि का विषय ‘प्रलय रव में गिरि वर्षा, घनघोर नभ में मेघ गरजा, रखा गया था। इस दौरान में उत्तराखण्ड में आयी प्राकृतिक आपदा में मृतकों को भी काव्यांजलि दी गयी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की अधिकांश रचनाएं पुस्तक रूप में 1945 से 1955 तक उनके मित्र शम्भु प्रसाद बहुगुणा द्वारा संकलित की गयी व समालोचना व समीक्षा के साथ प्रकाशित की गयी। केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के प्रोउमाशंकर समीश द्वारा संकलित तीन ुस्तकें 1981, 1999 व 2004 में प्रकाशित हुई। इनमें लगभग 590 कविताएं व समीक्षा हैं। उन्होंने कहा कि कवि का प्रमुख आकर्षण हिमालय रहा है और उन्होंने हिमगिरी का माधुर्य से जन्म-जन्म का नाता माना। इस अवसर पर डा.वीणापाणी जोशी, डा. योगम्बर सिंह बर्त्वाल, कवि निरंजन सुयाल, सुरेन्द्र पुण्डीर, चंदन नेगी, मनोहर सिंह रावत, लोकेन्द्र कैन्तुरा तथा मोहन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।

’रक्षा-बंधन’ पर राज्यपाल ने दी बधाई व शुभकामनाएं

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 अज़ीज़ कुरैशी ने प्रदेश के सभी नागरिकों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। भाई-बहनों के बीच स्नेह, सम्मान व सुरक्षा की भावनाओं के प्रतीक रक्षा-बंधन पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा है- ’’हमारे समाज के सक्षम लोगों को सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक अथवा अन्य अपरिहार्य कारण से अशक्त व कमजोर वर्ग को सम्मानित जीवन जीने में मदद करने का संकल्प लेना होगा तभी इस पर्व में निहित भावना साकार हो सकेगी और एक सभ्य एवं विकसित समाज की स्थापना संभव होगी। हम इस पावन अवसर पर एक और संकल्प लें कि प्रदेश में हाल में आई भयंकर दैवीय आपदा से त्रस्त प्रदेश के पुनर्निर्माण एवं पीड़ित भाई-बहनों की  यथासाध्य मदद करके आपदा प्रभावितों को यह भरोसा दे सकें कि हम उनके साथ हैं।’’     

संस्कृत भाषा को राज्य में द्वितीय भाषा का दर्जा: मंत्री

mantri prasad naithani
हल्द्वानी/देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। संस्कृत दिवस पर महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय देवलचौड़ में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए प्रदेश के काबीना मंत्री शिक्षा एवं पेयजल मंत्रीप्रसाद नैथानी ने कहा कि संस्कृत भाषा को राज्य में द्वितीय भाषा का दर्जा दिया गया है। वर्ष 2013 राज्य में संस्कृत वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी वेद, पुराण, उत्तराखण्ड की धरती पर ही लिखे गये है तभी उत्तराखण्ड को देवभूमि कहा जाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृत देववाणी के साथ-साथ राजभाषा रही है संस्कृत शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संस्कृत वर्ष घोषित होने के कारण शीघ्र ही उत्तराखण्ड में विश्व स्तर का संस्कृत सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। जिसमें प्रदेश-देश के साथ ही विदेशों से भी संस्कृत भाषा के विद्वानों को आमंत्रित किया जायेगा। काबीना मंत्री ने कहा कि सनातन धर्म का पहला सोपान संस्कृत भाषा है। संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जननी है। उत्तराखण्ड में संस्कृत भाषा के उत्थान हेतु वृहत रूपरेखा तैयार कर कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में कक्षा 1 से 12 तक संस्कृत शिक्षा हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी की स्थापना की गई है। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन के साथ ही सम्मेलनों का आयोजन भी किया जा रहा है। संस्कृत भाषा पूरे देश को एकसूत्र में बांधती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड में पांच-पांच संस्कृत प्राथमिक विश्वद्यालय व एक-एक उच्चतर माध्यमिक संस्कृत विद्यालय खोलें जायेंगे। साथ ही संस्कृत शिक्षकों के पदों का सृजन व नियुक्ति भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्या सभी भाषाओं से पुरानी देवभाषा है सभी लोग ज्योतिष व कर्मकाण्ड में विश्वास रखते हैं। योग भी संस्कृत की देन है।  कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। संस्कृत समूह गान में सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी प्रथम, शिशु भारती विद्या मंदिर द्वितीय व राजकीय बालिका इन्टर कालेज तृतीय रहे। इसी तरह संस्कृत भाषण में प्रथम सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी, कपिलाश्रयी संस्कृत महाविद्यालय द्वितीय तथा श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी प्रथम, एलबीएस महाविद्यालय हल्दूचौड़ व राजकीय बालिका इण्टर कालेज फूलचौड़ द्वितीय स्थान पर रहे।  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण सेमवाल ने कहा कि संस्कृत अकादमी संस्कृत भाषा के उत्थान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत निदेशालय की स्थापना शीघ्र की जा रही है। ब्लाक स्तर तक संस्कृत शिक्षा का कार्यक्रम तय किया गया है। उन्होंने जनमानस विकास हेतु संस्कृत अध्ययन पठन-पाठन अति आवश्यक है तथा स्वरोजगार हेतु भी लाभकारी है। डॉ. वाचस्पति मैठाणी ने कहा कि संस्कृत के उन्नयन के लिए एक आन्दोलन की जरूरत है। इस हेतु वर्तमान सरकार प्रयासरत है। कार्यक्रम को पूर्व महाध्विक्ता एसएन बाबूलकर, पूर्व विधायक नारायण पाल, ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकेटी आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम में तारादत्त सत्यावली ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की समस्याओं से सम्बन्धित व संस्कृत विद्यालयों में मध्याहन भोजन की व्यवस्था, अंशकालीक शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामण्डलेश्वर जूना अखाड़ा परेशयति महाराज द्वारा की गयी।  कार्यक्रम में महेश शर्मा, प्राचार्य डॉ. जगदीश भट्ट, प्राचार्य पवन झा, डॉ. नवीन जोशी, सचिव मोहन चन्द बलौदी, प्राचार्य डॉ. गोपाल दत्त त्रिपाठी, जगदीश भट्ट, जीवन आर्य, करनैल सिंह, प्रमोद अग्रवाल गोल्डी,  सतीश नैनवाल, बीबी जोशी, केडी पलड़िया, मोहन पाठक सहित अनेक शिक्षक, गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष हेतु चेक प्रदान किया

देहरादून, 19 अगस्त, (राजेन्द्र जोशी)। मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय बहुुगुणा से सचिवालय में ब्रिटिश बायोलोजिकल्स बंगलौर के महाप्रबंधक ए.बालाजी कुमार ने भेंट कर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष हेतु 6 लाख 5 हजार रूपये धनराशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर प्रबन्धक राजेश सिंह भी उपस्थित थे। वाटिका होटल प्रा.लि. के महाप्रबन्धक मनुराज सिंह ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष हेतु 3,59011 रूपये धनराशि का चेक प्रदान किया। नगर निगम कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा भी पूूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम अशोक वर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट कर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष हेतु 2,26़,637 रूपये धनराशि का चेक प्रदान किया। गुजरात कांग्रेस कमेटी के सदस्य दिग्विजय सिंह जडेजा द्वारा भी मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष हेतु 1 लाख रूपये धनराशि का चैक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने आपदा पीडितों की सहायता में सहयोग के लिये सभी का आभार व्यक्त किया है।

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