गुजरात में हुए सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस में जेल में बंद आईपीएस अधिकारी डी.जी वंजारा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। वंजारा ने मंगलवार को जेल से ही इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के लिए सरकार को लिखे 10 पेज की चिट्ठी में वंजारा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा है।
इस चिट्ठी में वंजारा ने कहा है कि वह पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान की तरह मानते थे, लेकिन अब उनका विश्वास टूट गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अमित शाह सिर्फ खुद को बचा रहे हैं। वंजारा के इस तरह के बयानों से इस मामले में एक बार फिर गुजरात सरकार पर सवाल उठ सकते हैं और ऐसा माना जा रहा है कि इससे राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
गौरतलब है कि जिस वक्त सोहराबुद्दीन शेख को एनकाउंटर में मारा गया था, गुजरात और राजस्थान दोनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में थी। दोनों राज्यों की सीमा पर हुई इस घटना ने देश की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त गुजरात के गृहमंत्री रहे अमित शाह पहले ही मामले में जेल जाकर बेल पर रिहा हो चुके हैं।
सीबीआई की शिकायत के अनुसार वंजारा ने डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (डीसीबी) अहमदाबाद के दल को लीड किया था। यह दल 15 जून 2004 को शहर के बाहरी हिस्से में इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्राणेश पिल्लै, दो कथित पाकिस्तानी नागरिकों जीशान जौहर और अमजद अली राणा की हत्या में शामिल था। गुजरात पुलिस ने तब दावा किया था कि ये लोग सीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश का हिस्सा थे।
इस नकली एनकाउंटर के बारे में इशरत जहां की मां की शिकायत के बाद गुजरात हाई कोर्ट ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, जिसने कहा था कि यह मुठभेड़ फर्जी था।
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