भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दर बढ़ाई, लोन होगा महंगा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दर बढ़ाई, लोन होगा महंगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए नीतिगत ब्याज दर को 0.25 प्रतिशत बढ़ा दिया। उसका यह निर्णय मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने की उसकी जद्दोजहद का हिस्सा है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि मुद्रास्फीति की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है और इसको लेकर अभी कोई ढिलाई नहीं बरती जा सकती। आरबीआई के अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति उम्मीद से ज्यादा रह सकती है। रिजर्व बैंक की घोषणा के तुरंत बाद बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूट गया।

रिजर्व बैंक के नए गवर्नर रघुराम गोविंद राजन ने मौद्रिक नीति की समीक्षा में यद्यपि मुद्रास्फीति के खिलाफ आक्रामक रुख बनाए रखा, पर उन्होंने उधार नकदी की सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) पर ब्याज घटा 0.75 प्रतिशत कम कर बैंकों के लिए कुछ राहत भी दी है। अब इस सुविधा के तहत आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को 9.5 प्रतिशत पर अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराएगा। अभी तक यह दर 10.25 प्रतिशत थी।
   
आरबीआई ने अपनी मुख्य नीतिगत दर रेपो 0.25 प्रतिशत उंची कर 7.5 प्रतिशत कर दी है। यह वह दर है, जिस पर वह बैंकों को एकाध दिन के लिए पैसा उधार देता है। रिजर्व बैंक के इस कदम से शेयर बाजार के साथ साथ रुपये को भी झटका लगा। विदेशी विनियम बाजार में डॉलर के समक्ष स्थानीय करेंसी 69 पैसे टूट कर 62.46 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गयी।

कोई टिप्पणी नहीं: