दक्षिणी कश्मीर में शोपियां शहर की ओर मार्च करने से पहले शीर्ष अलगाववादी नेताओं को आज नजरबंद कर दिया गया जबकि शहर में लगातार आठवें दिन कर्फ्यू जारी है। यहां इस महीने के शुरू में सीआरपीएफ कर्मियों की गोलीबारी में पांच लोगों की मौत के बाद उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर कर्फ्यू लगाया गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक और गठबंधन के कई अन्य नेताओं को ऐहतियाती कदम के तौर पर नजरबंद कर दिया गया।
मीरवाइज ने सात और 11 सितंबर को सीआरपीएफ कर्मियों की गोलीबारी की दो अलग अलग घटनाओं में पांच युवकों के मारे जाने की घटना के संबंध में लोगों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए शोपियां मार्च का आहवान किया था। अधिकारी ने कहा कि कट्टरपंथी गुट के अध्यक्ष सैय्यद अली शाह गिलानी और जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासिन मलिक को भी नजरबंद कर दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि हालांकि कल शाम चार बजे के बाद शोपियां में कर्फ्यू में ढील दी गई लेकिन अलगाववादियों के मार्च को देखते हुए निषेधात्मक कदमों के तहत कर्फ्यू फिर से लागू कर दिया गया। सीआरपीएफ कर्मियों की गोलीबारी में कुछ लोगों के मारे जाने के बाद शोपियां में सबसे पहले आठ सितंबर को कर्फ्यू लगाया गया था। यहां 11 सितंबर को निषेधाज्ञा लगायी गई थी लेकिन सुरक्षा बलों एवं प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष के बाद अगले ही दिन फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया। इस घटना में एक और युवक की मौत हो गई, जिसके बाद मूतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
शोपियां शहर को छोड़कर मार्च के आहवान का कश्मीर घाटी में कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शैक्षणिक संस्थान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें पहले की तरह खुली है और सभी मार्गों पर यातायात जारी है। अधिकारी ने बताया कि घाटी में अभी तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है।
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