भाजपा के प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किए जाने के बाद अपनी पहली जनसभा में नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान और चीन के साथ लगी सीमा पर समस्याओं से ठीक से न निपटने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व में ही इसका समाधान ढूंढ़ा जा सकता है। हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र में रविवार को आयोजित पूर्व सैन्यकर्मियों की इस रैली में पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह भी शामिल हुए। रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा,‘समस्या सीमा पर नहीं है, बल्कि यह दिल्ली (केंद्र) में है।’ मोदी ने कहा कि यदि देश को मौजूदा संकट से निकालना है तो उसे मजबूत सरकार की जरूरत है जिसमें कोई व्यक्ति आगे रहकर नेतृत्व करे। मोदी ने अपने 65 मिनट के भाषण में सीमा पर पांच भारतीय जवानों के मारे जाने की घटना पर संसद में रक्षा मंत्री एके एंटनी की ओर से पहले दिए गए बयान को लेकर उन पर निशाना साधा।
एंटनी ने कहा था कि भारतीय जवानों की हत्या के लिए पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनकर आए लोगों के साथ सशस्त्र आतंकी जिम्मेदार हैं। विपक्ष के हंगामे के बाद एंटनी ने कहा था कि नियंत्रण रेखा पर छह अगस्त को हुए हमले में पाकिस्तानी सेना के विशेषज्ञ सैनिक शामिल थे। मोदी ने कहा,‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के रक्षा मंत्री संसद में यह बयान देते हैं कि कुछ लोग पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी में आए और हमारे सैनिकों को मार दिया। इससे हमारे सैनिक आहत हुए होंगे।’ मोदी ने कहा,‘हम हर दिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पाकिस्तान अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा। चीन घुसपैठ कर अपनी ताकत हमें दिखा रहा है। वह ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोकना चाहता है और अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा करना चाहता है।’ उन्होंने कहा,‘दिल्ली में बैठी सरकार को इन सबकी कोई फिक्र नहीं है। उन्हें लगता है कि ऐसी घटनाएं तो होती रहती हैं।’ मोदी ने कहा कि आज की रैली बदलाव का आह्वान कर रही है। हरियाणा की भूमि ने दिल्ली की सल्तनत को चुनौती दी है। उन्होंने कहा,‘जब आप युद्धक्षेत्र में सेना के बीच खड़े होते हैं तो आपकी नेतृत्व क्षमता देखी जाती है।’ मोदी ने सच्चर समिति के माध्यम से सेना में समुदाय के आधार पर जनगणना करने की मांग पर यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में बैठे सत्ता के भूखे और वोट बैंक की राजनीति में भरोसा रखने वाले लोगों ने यह पाप किया है। उन्होंने इस कदम का विरोध करने के सेना के रुख की भी तारीफ की। मोदी ने कहा,‘हमारे देश में वोट बैंक की खराब राजनीति हो चुकी है। वोट बैंक की राजनीति के माध्यम से समाज को विभाजित करने की चाह रखने वाले नेताओं को हमारे सशस्त्र बलों से सच्ची धर्मनिरपेक्षता का सबक सीखना चाहिए।’
अपने भाषण में कई बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र किया जिन्हें भाजपा के उदारवादी चेहरे के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का सिर्फ एक बार जिक्र किया। मुद्दों के समाधान के लिए सक्षम नेतृत्व की जरूरत को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा,‘अटलजी और आडवाणीजी की सरकार के बारे में याद कर अच्छी अनुभूति होती है।’ उन्होंने कहा कि वाजपेयी ही कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को दुनिया के सामने लेकर आए थे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के साथ सीमाओं पर समस्याएं सेना में किसी कमी की वजह से नहीं बल्कि केंद्र की वजह से हैं। मोदी ने कहा,‘समस्या दिल्ली में है। इसलिए इस समस्या का समाधान भी दिल्ली में ही खोजना होगा। समस्या का हल तभी निकलेगा जब केंद्र में एक सक्षम, देशभक्त और लोकोन्मुख सरकार बनेगी।’ मोदी ने भाजपा नीत राजग से 17 साल पुराने रिश्ते खत्म करने वाली जद (एकी) को भी उसके एक मंत्री के बयान को लेकर हमला बोला।
एक रैंक एक पेंशन के मुद्दे को उठाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अगर वाजपेयी नीत राजग 2004 में सत्ता में आती तो यह समस्या अब तक बनी नहीं रहती। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। मोदी ने यह भी कहा कि वह जामनगर स्थित सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहते थे। लेकिन गरीबी की वजह से ऐसा नहीं कर सके। भाजपा नेता ने इस अवसर का इस्तेमाल देश को सशक्त बलों के लिए आवश्यक हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने बल्कि इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर देने के लिए किया कि भारत दुनिया को हथियारों और रक्षा उपकरणों का निर्यात करे। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर लीक से हटकर सोचने की जरूरत है लेकिन वहां कोई होना चाहिए जो सोचे।’ उन्होंने कहा कि पूर्व सैन्य कर्मियों को अग्निशमन दल जैसी अनेक सेवाओं में लगाया जा सकता है। उन्हें बिजली चोरी रोकने के काम में लगाया जा सकता है, जैसा गुजरात में किया गया। मोदी ने पूर्व सैन्यकर्मियों से देश में मतदाताओं से जुड़ने और उनसे मतदान करने का अनुरोध करने को कहा। उन्होंने कहा,‘हम इस तरीके से शक्तिशाली बनेंगे।’ मोदी ने अग्नि-पांच के सफल प्रक्षेपण के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को भी बधाई दी। वहीं पूर्व सेना प्रमुख जनरल सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल में क्षमता का अभाव नहीं है। उन्होंने कहा,‘अगर हम कमजोर हैं तो हमारे नेतृत्व ने हमें कमजोर किया है।’ जनरल सिंह ने कुछ दिन पहले कहा था कि पूर्व सैन्यकर्मियों, सेवारत सैन्यकर्मियों और हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बसे उनके परिवार का 10 करोड़ वोट है। राजनीतिक दल इस मांग को स्वीकार कर इसे भुना सकते हैं।

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