राजग की तुलना किसी अन्य दल से की ही नहीं जा सकती : आडवाणी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 25 सितंबर 2013

राजग की तुलना किसी अन्य दल से की ही नहीं जा सकती : आडवाणी


bhopal bjp mahakumbh
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लालकृष्ण आडवाणी को भोपाल में आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ में समाजवादी नेताओं से रिश्तों की याद आ गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष से सत्ता तक पहुंचने में इन समाजवादियों के मिले साथ का बड़ा योगदान रहा है। आडवाणी ने भाजपा (पूर्व में जनसंघ) के विपक्षी दल से लेकर सत्ता तक पहुंचने की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय तक विपक्ष मंे रही और लोगों को लगने लगा था कि यह दल विपक्षी दल के रूप मंे अच्छा काम करती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय के काल में भी कई राज्यों में सरकारें बनीं, आगे चलकर हमारा संपर्क धीरे-धीरे अन्य लोगों से बढ़ा। 

आडवाणी ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद मोदी की मौजूदगी में समाजवादियों की चर्चा की और आगे कहा कि राममनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और मोराजी देसाई से संपर्क बढ़ा और पार्टी का धीरे-धीरे देश में असर बढ़ा। दिल्ली तक में सरकार बनी। छह साल केंद्र में सत्ता में रहने के अलावा आज कई राज्यों मंे भी सरकारें हैं।  आडवाणी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को भी याद किया और कहा कि राजग का ट्रैक रिकार्ड कांग्रेस से कहीं बेहतर है। इसकी तुलना किसी अन्य दल से की ही नहीं जा सकती है।

उन्होंने भाजपा शासित तीनों राज्यों -गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के रमन सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान- की सराहना करते हुए कहा कि इन तीनों राज्यों के लोगों को 24 घंटे बिजली मिलने लगी है। उन्होंने कहा कि अब चुनाव भाषण से नहीं काम के आधार पर जीते जा सकते हैं। 

भाजपा के महाकुंभ और मोदी की मौजूदगी में राजग की चर्चा और समाजवादी नेताओं से रिश्तों को आडवाणी द्वारा याद करने के राजनीतिक मायने निकाले जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राजग में टूट पड़ी और जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव ने संयोजक का पद छोड़ दिया। 

कोई टिप्पणी नहीं: