लोहे के पंजे से बनी षुद्ध काटन की दरी, वनस्पति रंगों से बनी साडि़यों की डिजार्इन
नीमच। अलीराजपुर जिले का आदिवासी बाहुल्य गांव जोबट। षिक्षा का स्तर चाहे उंचा न हो, लेकिन ज्ञानवान आदिवासी अपनी पुरातन कला को सहेजकर षहरों तक पहुंचाने में पीछे नहीं है। ऐसी ही विषिष्ट कला से बनी पंजा दरियां षहर के टाउन हाल में प्रदर्षित और विक्रय की जा रही है। इसी गांव की वनस्पति रंगो से छपी साडि़यां और चमड़े की सामग्री भी आकर्षण का केंद्र बनी हुर्इ है। टाउन हाल में मप्र हस्तषिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम मप्र षासन द्वारा आयोजित हस्तषिल्प प्रदर्षनी के दूसरे दिन से ही कलाप्रेमियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। प्रदेष के हस्तषिलिपयों एवं बुनकरों द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन व्यवस्था हेतु 13 सितंबर 2013 से टाउन हाल में 10 दिवसीय हस्तषिल्प मेला प्रदर्षनी का आयोजन किया जा रहा है। मेले में पहली बार जोबट के आदिवासियों की ऐसी कला सामने आर्इ है जो सामान्यतता किसी उंचे बाजार में दिखार्इ भी नहीं देती है। घर के वातावरण, षारिरीक सौंदर्य को स्वस्थ्य बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण की दिषा में जोबट के तीनों उत्पाद सुंदर, टिकाउ और दिखने में सुंदर है। जोबट के षिल्पकार श्री इस्मार्इल खान ने पंजा दरी की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि लोहे का हाथ के पंजे के आकार का उपकरण होता है। वहां की आदिवासी महिलाएं षुद्ध काटन के बने ताने और बाने को बुनती है। हर बुनार्इ के बाद लोहे के पंजे से ठोकती रहती है। इस ठुकार्इ के कारण दरी इतनी मजबूत हो जाती है कि दरी में से पानी भी पार नहीं हो सकता है। घर के पर्यावरण के अनुकूलता के साथ ही मौसम में भी दरी का अनुकूलन बन जाता है। अर्थात ठंड में गरमी का एहसास और गरमी में ठंडक का एहसास यह दरी दिलाती है। प्रदर्षनी में विभिन्न साइज की दरियां उपलब्ध है। जोबट के ही चर्मकार श्री गणपत अपने विभिन्न वेरार्इटियों के जूते, चप्पल लेकर आए हैं। घर पर हाथों के परिश्रम से षुद्ध लेदर के जूते बहुत ही आकर्षक है। लेदर के जूते, सेंडल, मोजड़ी, जूतियाें में पुरातन पारम्परिक डिजार्इन नजर आती है। जो वर्तमान परिवेष से मेल खाती है। यही कारण है कि लोगों का आकर्षण बना हुआ है। इसी छोटे से गांव के सुलेमान चाचा की सामग्री भी किसी से कम नहीं है। जोबट में आल की छाल, अनार के छिलेक, मूली की जड़, लोहे की पत्ती और बकरी की मेंगनी से रंग बनाए जाते हैं। इस रंग का उपयोग साडि़यों और सलवार सूट पर लकड़ी के ठप्पों की सहायता से विभिन्न डिजार्इन छापने में किया जाता है। उन्होंने बताया कि उक्त सामगि्रयों का निर्माण चाहे गांव में आदिवासियों ने किया हो, लेकिन यह सच्चार्इ है कि महानगरों के मृगनयनी षोरूम पर इन सामग्री की मांग बराबर बनी हुर्इ है। गांव की मंडली का एक सदस्य है प्रदीप प्रजापति। मिटटी के कार्य में इन्हें विभिन्न सामग्री बनाने में महारथ हासिल है। श्री प्रजापति विभिन्न प्रकार के मिटटी के बर्तन लेकर आए हैं। जिन्हें खासकर महिलाएं काफी पसंद कर रही है। मेला प्रभारी श्री दिलीप सोनी ने बताया कि मेले में आदिवासी अंचल से पहली बार आए षिलिपयों की रंगारंग कलाकृतियाें को नगरवासी खूब पसंद कर रहे हैं।
जिलें में 18 सितम्बर तक मनाया जा रहा है लोक सेवा सप्ताह
नीमच 14 सितम्बर 2013, मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 25 सितम्बर 2010 से प्रभावशील है। वर्तमान में 100 सेवाएं अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित की जा चूकी है। विगत तीन वर्षोे से लोक सेवा दिवस के अधिनियम प्रभावशील होने की वर्षगांठ '' लोक सेवा दिवस '' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर श्री विकास सिंह नरवाल ने बताया कि इस अधिनियम के प्रावधानों एवं नवीन सेवाओं के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी कि्रयान्वयन के लिए इस वर्ष 12 सितम्बर से 18 सितम्बर 2013 तक लोक सेवा सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए कार्यपालिक अधिकारी, कर्मचारी का 3-5 सदस्यी दल बनाया गया है, जिसमें ग्राम का पटवारी एवं पंचायत सचिव अनिवार्य रूप से सदस्य है। प्रत्येक गा्रम पंचायत के सभी गांवों में अधिनियम के प्रावधानों के प्रचार-प्रसार एवं जानकारी देने के लिए ग्राम सभाआें का आयेाजन किया जाएगा। जिसमें दल द्वारा जानकारी दी जाएगी। सप्ताह के दौरान जिले के सभी माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विधालयाें में अधिनियम के संबंध में वाद-विवाद एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी और सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सप्ताह के दौरान जन अभियान परिषद एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी जिले भर में अधिनियम के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूगता के लिए अभियान चलाया जाएगा और आमलोगों को लोक सेवाएं प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया जाएगा। कलेक्टर, जिला पंचायत सीर्इओ, एडीएम, जनपद सीर्इओ, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी भी सप्ताह के दौरान न्यूनतम 5-5 ग्राम पंचायतो का भ्रमण कर इस विषय में लोगों को जानकारी प्रदान करेंगे। इसी तरह निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधान की जानकारी दी जाकर उन्हें इस अधिनियम के तहत अब तक हुर्इ कार्यवाही से भी अवगत कराया जाएगा ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में लोक सेवा के प्रावधानाें का प्रचार-प्रसार करें और लोगो को बताये कि वे इस अधिनियम के तहत अधिसूचित सेवाओं को प्राप्त करने का कानूनी अधिकार रखते है। जिलें में 25 सितम्बर 2013 को लोक सेवा दिवस के उपलक्ष्य में जिला एवं प्रत्येक विकासखण्ड मुख्यालय में समारोह पूर्वक आनलार्इन आवेदन पंजीयन कराया जाएगा एवं प्रतिकात्मक रूप से विभिन्न सेवाओं के प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे।
शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु प्रशासन दृढसंकलिपत है-श्री नरवाल
- शांति समिति की बैठक सम्पन्न
नीमच 14 सितम्बर 2013, जिलें में शांति सदभाव साम्प्रदायिक सोहार्द बनाये रखने के लिए प्रशासन दृढसंकलिपत है। जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी निष्पक्षता , पारदर्शिता एवं निर्भिकता, के साथ कार्य करेगा और हर हाल में शांति व्यवस्था बनाये रखने का काम करेगा। यह बात जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में कलेक्टर श्री विकास सिंह नरवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री रूडाेंल्फ अल्वारेस ने शनिवार को कही। कलेक्टे्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री रूडोल्फ अल्वारेस ने कहा है गणेश मूर्ति स्थापना पाण्डालों में आयोजक सुरक्षा के लिए रात्रि में कोर्इ भी एक सदस्य अवश्य रहे। लाउड स्पीकर उंची आवाज और रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर ना बजायें। पाण्डाल बीच रास्तों में ना लगाए ताकि आम लोगों को आने-जाने में असुविधा ना हो। शहर में रात्री दस बजे के बाद कोर्इ भी अनावश्यक ना घूमे। बैठक में समिति सदस्य जनरैल सिंह चौहान ने कहा कि प्रेम का पौधा अवश्य लगाये, मनोहर मोटवानी ने कहा कि सामाजिक सदभाव की परम्परा कायम रखने में शासन प्रशासन आमजनता सभी मिलजुलकर प्रयास करें। अब्दुल हमीज कामरेड ने सभी उत्सव समितियाें के प्रमुखों सदस्यों की जानकारी लेने का सुझाव दिया। श्री पी. मोतीलाल शर्मा ने लाउडस्पीकर के संबंध में सभी समिति सदस्यों को अवगत कराने की बात कही। श्री शाबीर मसुदी ने कहा कि सभी धर्मो मे लोग एक दूसरे के त्यौहारों में शामिल हों। प्रेम और भार्इचारे से रहे और त्यौहार मनाने में सहयोग करें। श्री सलीम खान ने कहा कि नीमच शहर अमन पंसद शहर है इस शहर में अफवाह फैलाकर अमनोचैन में खनन डालने वालेां के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। श्री युनुस खान ने मामुली विवादों को साम्प्रदायिक रूप देने का प्रयास करने वालेा पर प्रशासन सख्त कार्यवाही करें। बैठक में पूर्व विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रेमप्रकाश जैन, श्री समसुददीन अंसारी, अब्दुल हफिज घडीवालें, हाजी अहमद नूर जीया, श्री रंजन स्वामी, सहित अन्य सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में अपरकलेक्टर श्री पीआर कतरौलिया, अतिरिक्तपुलिस अधीक्षक श्री पंकज पाण्डेय, एसडीएम श्री राजेन्द्र सिंह, सीएसपी श्री पंकज दीक्षित अन्य अधिकारी एवं बडी संख्या में शांति समिति के सदस्य उपसिथत थे।

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