राष्ट्रपति ने राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 14 सितंबर 2013

राष्ट्रपति ने राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए


pranav mukherjee
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हिंदी दिवस के अवसर पर शनिवार को यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और राष्ट्रीयकृत बैंकों को हिंदी के इस्तेमाल में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए।  राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि ये राजभाषा पुरस्कार हिंदी के अधिकतम उपयोग के प्रति अनिवार्य प्रोत्साहन प्रदान करेंगे।  प्रणब ने कहा कि आम आदमी की भाषा होने के कारण हिंदी देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखती है। 

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में हिंदी का एक विशेष योगदान है और हमें हिंदी और स्थानीय भाषाओं के विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए।  राष्ट्रपति ने कहा कि तकनीकी विषयों की पुस्तकें हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होनी चाहिए।

प्रणब ने कहा कि हमें इंटरनेट पर भी हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

कोई टिप्पणी नहीं: