राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि सभ्यता के प्रवाह को हमेशा से राज्य प्रमुखों और ताकतवर सम्राट नहीं वरन धार्मिक नेता, संत और समाज सुधारक नियंत्रित करते आए हैं। उन्होंने कहा, "सभ्यता के प्रवाह को शुरुआती युग से लेकर वर्तमान समय तक कभी भी किसी ताकतवर राजा या सम्राट द्वारा नियंत्रित नहीं किया गया।"
गौड़ीय मिशन के श्री चैतन्य महाप्रभु संग्रहालय की नींव रखने के बाद मुखर्जी ने कहा, " सभ्यता का प्रवाह हजरत मुहम्मद, जीसस क्राइस्ट, बुद्ध, श्री चैतन्य जैसे नायकों द्वारा नियंत्रित किया गया।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि संग्रहालय के केंद्र में केवल वैष्णव विचारों के प्रसार का उद्देश्य ही सीमित नहीं है वरन यह चिंतन और शोध से नए विचारों को भी जन्म देगा।

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