भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है और भारत को संकटग्रस्त देश के रुप में नहीं देखा जाना चाहिए।
राजन ने यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) एवं विश्वबैंक की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि भारत के पास 280 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है और देश की अर्थव्यवस्था संकटग्रस्त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भारत को कम से कम अगले पांच-छह वर्षों तक आईएमएफ से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पडे़गी।
राजन ने कहा कि देश के वित्तीय बाजारों में भले ही उथल-पुथल की स्थिति है, लेकिन वह अब भी संकट जैसी स्थिति से बहुत दूर है। उन्होंने कहा कि भारत पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 66 फीसदी कर्ज है जिसका 90 फीसदी हिस्सा रुपये में चुकाया जाना है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि विदेशों से लिया गया ऋण जीडीपी का 22 फीसदी है और विदेशी मुद्रा भंडार 15 प्रतिशत। ऐसे में लघु अवधि कर्जे को एक दिन में चुकता किया जा सकता है।
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