विकसित और विकासशील देशों के समूह जी-20 ने विश्व अर्थव्यवस्था के परिदृश्य को चुनौती भरा बताया है और अमेरिका से मांग की है कि अपनी अल्पकालिक वित्तीय अनिश्चितताओं को दूर करे।
जी-20 के वित्तमंत्रियों और केन्द्रीय बैंकों के प्रमुखों की शुक्रवार को बैठक के बाद जारी वक्तव्य में कहा गया है कि इस समय विश्व आर्थिक परिदृश्य चुनौती भरा लगता है। बहुत से देशों में बेरोजगारी ऊंची है और स्थिति बिगड़ने का जोखिम बना हुया है। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने किया।
वक्तव्य में कहा गया है कि अमेरिका को अल्पकालिक वित्तीय अनिश्चितताएं दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। इसमें इस बात को स्वीकार किया गया है कि आर्थिक वृद्धि दर में मजबूती और निरंतरता के आने के साथ अंतत: मौद्रिक नीति सामान्य बनाई जा सकती है।
जी20 देशों का मानना है कि पूंजी प्रवाह में अत्यधिक उतार-चढ़ाव अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस बैठक में इस बात पर प्रतिबद्धता व्यक्त की गई कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के सभी सदस्य देश इस बहुपक्षीय वित्तीय संगठन की कोटा व्यवस्था के लिए नये फार्मूले के विषय में 15वीं सामान्य कोटा समीक्षा प्रक्रिया जनवरी 2014 तक पूरी करने पर सहमत होंगे।
जी20 की इस बैठक का आयोजन मुद्राकोष और विश्वबैंक की वार्षिक बैठक के साथ किया गया था। इसमें विश्व अर्थव्यवस्था की हाल की घटनाओं और वित्तीय क्षेत्र के खतरों तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार आदि पर चर्चा की गई।
वक्तव्य में कहा गया है कि जी20 देश विश्व अर्थव्यवस्था के समक्ष जोखिमों का मुकाबला करने तथा रोजगारपरक और समावेशी वृद्धि के लिए मजबूत वातावरण बनाने के उद्देश्य से सामूहिक और व्यक्तिगत प्रयास तेज करेंगे।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें