ओलिंपिक रजत पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर के युवा बेटे मानवादित्य ने कांस्य पदक जीता जबकि अन्य भारतीय निशानेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए कजाखस्तान के अलमाटी में चल रही तीसरी एशियाई शॉटगन चैम्पियनशिप में दो स्वर्ण सहित सात पदक जीते। इस प्रतियोगिता के दौरान अनुभवी ट्रैप निशानेबाज मानवजीत सिंह संधू ने शुरुआती चरण के दौरान 125 में से 124 अंक के एशियाई रेकॉर्ड की बराबरी की। उन्होंने सीनियर वर्ग में कांस्य पदक जीता। दो स्वर्ण के अलावा भारत ने दो रजत और तीन कांस्य पदक जीते।
मानवादित्य ने जूनियर ट्रैप स्पर्धा में 125 में से 110 के क्वॉलिफिकेशन स्कोर के साथ पदक जीता। राज्यवर्धन ने कहा, 'मैं प्रभावित और गौरवांवित हूं कि मानव इतनी छोटी उम्र में बड़े खिलाड़ियों को टक्कर दे रहा है। वह समझता है कि प्रतिभा के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है।' मानवजीत (124), जोरावर सिंह संधु (121) और मनशेर सिंह (120) की सीनियर ट्रैप टीम ने स्वर्ण पदक जीता। तीनों भारतीय निशानेबाजों ने क्रमश: तीसरे, पांचवें और छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। इस तिकड़ी ने 375 में से 365 का स्कोर बनाया। मानवजीत ने चौथी यूनियर चैम्पियनशिप (ग्रां प्री) के दौरान भी स्वर्ण पदक जीता। इस प्रतियोगिता का आयोजन तीसरी एशियाई शाटगन चैम्पियनशिप के साथ-साथ किया जा रहा है। उन्होंने 5000 डॉलर की इनामी राशि जीती।
महिला ट्रैप स्पर्धा में सीमा तोमर ने 75 में से 70 अंक जुटाकर व्यक्तिगत फाइनल्स में जगह बनाई जहां वह चौथे स्थान पर रही। जूनियर ट्रैप निशानेबाज जीएस शरण ने 125 में से 119 के क्वॉलिफिकेशन स्कोर के साथ रजत पदक जीता। शरण (119), राठौर (110) और मोहम्मद शीश (100) की टीम ने 375 में से 329 अंक जुटाकर ट्रैप जूनियर स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। सीमा तोमर (70), शगुन चौधरी (66) और श्रेयसी सिंह (64) की टीम ने भी 225 में से 200 अंक जुटाकर ट्रैप सीनियर महिला टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। स्कीट जूनियर में अनंतजीत सिंह नारूका (113), अंगदवीर सिंह

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