मानव कोशिकाओं के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के बारे में अनुसंधान के लिए तीन वैज्ञानिकों नोबेल पुरस्कार - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 8 अक्तूबर 2013

मानव कोशिकाओं के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के बारे में अनुसंधान के लिए तीन वैज्ञानिकों नोबेल पुरस्कार

जेम्स रौथमैन और रैंडी सैकमैन की अमेरिकी जोड़ी और जर्मनी में जन्मे साइंटिस्ट थॉमस स्यूधॉफ को सोमवार को मेडिकल के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। मानव कोशिकाओं (सेल्स) के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के बारे में किए गए उल्लेखनीय रिसर्च के लिए ज्यूरी मेंबर्स ने इन तीनों वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। इन वैज्ञानिकों की इस खोज से कई न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के अलावा डायबीटीज जैसी बीमारियों के खिलाफ चल रहे अनुसंधान कार्य में भी मदद मिलेगी। ये तीनों वैज्ञानिक अमेरिकी विश्वविद्यालयों में काम करते हैं। ये 12.5 लाख डॉलर (करीब 7.5 करोड़ रुपये) का पुरस्कार साझा करेंगे। गौरतलब है कि पिछले साल इस कैटिगरी में पुरस्कार जापान के शिनया यामनाका और ब्रिटेन के जॉन गर्डन को मिला था। 

इन तीनों साइंटिस्ट्स ने सेल्स के प्रमुख ट्रांसपोर्ट सिस्टम वेसिकल ट्रैफिक के मैकेनिजम को समझाया है। ज्यूरी ने बताया कि हर कोशिका मॉल्यीक्यूल्स प्रोड्यूस करती है। कोशिकाओं द्वारा तैयार मॉल्यीक्यूल्स छोटे-छोटे पैकेजों में शरीर में ट्रांसपोर्ट होते हैं, जिन्हें वेसिकल्स कहते हैं। ज्यूरी के मुताबिक, ये पैकेज सही जगह पर सही वक्त पर किस तरह डिलीवर होते हैं, इसी मैकेनिजम का पता इन तीनों वैज्ञानिकों ने लगाया है। उदाहरण के तौर पर , कोशिकाओं द्वारा इंसुलीन तैयार करने के बाद जब इसे ब्लड में रिलीज किया जाता है तो एक नर्व सेल से दूसरे नर्व सेल को केमिकल सिग्नल्स भेजे जाते हैं। इसी प्रक्रिया को समझने में इन वैज्ञानिकों ने मदद की है। 

कोई टिप्पणी नहीं: