अमेरिका में 16 दिनों तक जारी रहे बजट संकट के मद्देनजर फेडरल रिजर्व बैंक के अगले वर्ष तक प्रोत्साहन पैकेज जारी रखने की उम्मीद और वैश्विक स्तर पर चौतरफा तेजी के बीच विदेशी निवेशको की लिवाली के बल पर घरेलू शेयर बाजार 21 हजार अंक की ओर बढ़ते हुये 35 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गये।
बैंकिंग, धातु, कैपिटल गुड्स, रियल्टी और तेल एवं गैस समूह की दिग्गज कंपनियों में हुई लिवाली के बल पर बांबे शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 467.38 अंक चढकर 20882.89 अंक पर और नेशनल स्टाक एकसचेंज (एनएसई) का निफ्टी 143.50 अंक उछलकर 6189.35 अंक के स्तर पर पहुंच गया जो नवंबर 2010 के बाद का उच्चतम स्तर है।
अमेरिका में पिछले 16 दिनो से जारी बजट संकट का समाधान हो गया है, लेकिन इस संकट की वजह से अर्थव्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया धीमी पड़ने की आशंका से फेडरल रिजर्व के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की वापसी को अगले वर्ष तक बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। इसकी वजह से पिछले सत्र में अमेरिका के लगभग सभी सूचकांक तेजी पर बंद हुये और इसका असर शुक्रवार को एशियाई और यूरोपीय बाजारों पर दिखा।
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