योग गुरु रामदेव ने कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहती हैं, तो उन्हें नेहरू को ‘मौत का महासौदागर’ कहना चाहिये. रामदेव ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘मोदी को मौत का सौदागर कहते वक्त क्या सोनिया भूल गयी थीं कि 1947 में जब देश का विभाजन हुआ, उस वक्त के सांप्रदायिक दंगों में करीब 10 लाख बेगुनाह लोगों की मौत हुई थी. इन मौतों के गुनाहगार नेहरू हैं. इसलिये वह जब मोदी को मौत का सौदागर कहती हैं, तो नेहरू को मौत का महासौदागर कहना चाहिये.’
योग गुरु ने कहा, ‘दंगे किसके शासनकाल में नहीं हुए. दंगे सिरफिरे लोग करते हैं. ऐसे लोग हर मजहब में हैं और समाज उन्हें कभी स्वीकार नहीं करता.’ उन्होंने एक सवाल पर कटाक्ष किया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उनके नाम के साथ गांधी उपनाम जुड़ा है. राहुल इतने भोले-भाले हैं कि वह बड़ी आसानी से कांग्रेस के ‘गुरुघंटालों’ के बहकावे में आ जाते हैं. रामदेव ने कहा, ‘लोग कहते हैं कि मोदी घमंडी हैं. लेकिन इस दौर में यह (मोदी का घमंडी होना) चलेगा, क्योंकि देश में पूरे तंत्र को लकवा मार चुका है. मौजूदा प्रधानमंत्री न तो बोलते हैं, न ही सुनते हैं. उन्हें किसी राष्ट्रीय आपदा को लेकर कोई दर्द भी नहीं होता है.’
उन्होंने कहा कि राहुल के मुकाबले उनकी बहन प्रियंका गांधी का व्यक्तित्व ज्यादा करिश्माई है. लेकिन ‘पुत्र मोह’ के कारण राहुल को कांग्रेस में आगे बढ़ाया जा रहा है. उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले में सोने के खजाने की बहुचर्चित खोज पर योग गुरु ने किसी भी टिप्पणी से साफ इंकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं इस मामले में पड़कर अपनी फजीहत नहीं कराना चाहता.’
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