उत्तर प्रदेश शासन ने विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) के 'संकल्प दिवस' पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करते हुए अयोध्या में शुक्रवार के लिए प्रस्तावित उसकी संकल्प सभा नहीं होने दी और वहां जाने का प्रयास कर रहे बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ और वीएचपी के कई नेता सहित 1600 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) राजकुमार विश्वकर्मा ने 'भाषा' को बताया, 'गुरुवार शाम से ही अयोध्या की सीमा सील कर दी गयी थी और शुक्रवार को होने वाले इस कार्यक्रम में जा रहे लगभग 1600 वीएचपी और बीजेपी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें 300 से अधिक गिरफ्तारियां अयोध्या में हुईं।' उन्होंने बताया, 'प्रतिबंध के मद्देनजर ऐहतियात के तौर पर गुरुवार शाम से ही अयोध्या की सीमा सील कर दी गयी थी, इसके बावजूद वहां शरद पूर्णिमा के मौके पर लगभग दस हजार लोगों ने सरयू में स्नान किया।'
विश्वकर्मा ने बताया, 'अयोध्या में पूरे दिन शांति रही और देर शाम नगर की सीमा आम दिनों की तरह यातायात के लिए खोल दी गई।' विश्वकर्मा ने बताया कि शुक्रवार को जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया उनमें गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ तथा पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह की गिरफ्तारी प्रमुख है। वे दिल्ली से गोण्डा पहुंचकर अपने समर्थकों के साथ अयोध्या जाना चाहते थे। उन्हें गोंडा में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि वीएचपी के राष्ट्रीय महासचिव चम्पतराय को अयोध्या में कारसेवकपुरम के बाहर 250 लोगों के साथ और महंत रमेशदास, बीजेपी विधायक रामचन्द्र यादव सहित 60 लोगों को हनुमान गढ़ी के पास गिरफ्तार किया गया।
विश्वकर्मा ने बताया कि संकल्प दिवस के लिए त्रिस्तरीय निरोधक बंदोबस्त किए गए थे, जिसके तहत सरयू पुल, फैजाबाद जिले तथा अयोध्या में बरियर लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए पीएसी तथा रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस के दो हजार जवानों की तैनाती की गई थी। उल्लेखनीय है कि वीएचपी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करने के लिए सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर कानून बनाए जाने की मांग पर बल देने के लिए शुक्रवार को संकल्प दिवस मनाने की घोषणा की थी और अयोध्या में एक संकल्प सभा के आयोजन की योजना बनायी थी,जिस पर सरकार ने कानून एवं व्यवस्था बिगडने की आशंका के मद्देनजर प्रतिबंध लगा दिया था।

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