मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे तीखे आरोपों (सीएम के घर में नोट गिनने की मशीन लगी है) पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विज्ञापनों की आड़ में किए जा रहे हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी साधना सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर दस करोड़ मानहानि का दावा ठोंका है। जारी विज्ञापनों को फर्जी तथ्यों का पुलिंदा करार देते हुए उन्होंने सोनिया से सार्वजनिक माफी मांगने के लिए भी कहा है। शिवराज ने इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को भी जिम्मेदार माना और उन पर अलग से दो करोड़ मानहानि का दावा किया।
सोनिया गांधी को रविवार रात भेजे गए मानहानि नोटिस में कहा गया है कि इस तरह के आरोप चुनाव से पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी लगाए थे। इन आरोपों के जवाब में अदालत में परिवाद पेश किया गया था, जिस पर ये लोग कोई भी साक्ष्य पेश नहीं कर सके। यह भी कहा गया कि नोटिस मिलने के तत्काल बाद सोनिया गांधी एवं जिम्मेदार पक्ष सार्वजनिक रूप से विज्ञापन जारी कर उन पर लगाए गए आरोप वापस लें और माफी मांगें। ऐसा न करने पर अदालत में परिवाद पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री को निशाने पर लिए हुए हैं। पिछले दिनों पार्टी ने एक विज्ञापन श्रृंखला चलाकर शिवराजसिंह चौहान और उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए थे। तमाम समाचारपत्रों में जारी विज्ञापनों में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के घर पर नोट गिनने की मशीन लगी हुई है। इसके अलावा उन पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा गया कि वह ज्यादातर सरकारी ठेके अपने दामाद व अन्य रिश्तेदारों को दिला रहे हैं। कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए। इसका विरोध करते हुए भाजपा ने अदालत की शरण ली, जहां कुछ आरोपों को खारिज कर दिया गया था। कानूनी नोटिस भेजने वाले अधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया कि कांग्रेस ने विज्ञापनों के जरिये मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाया है। इसके चलते उन्हें मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
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