दिल्ली में सोमवार के स्याही कांड के बाद आज अन्ना और केजरीवाल के बीच दूरियां खुलकर सामने आ गई हैं। अन्ना ने केजरीवाल के उन आरोपों को नकार दिया है जिसमें कहा गया था कि अन्ना दूसरों के इशारों पर काम कर रहे हैं। अन्ना ने ये भी कहा केजरीवाल की ईमानदारी पर उन्हें शक नहीं है। अन्ना ने कहा कि हम लोग दुश्मन नहीं हैं और वो केजरीवाल के चरित्र पर शक नहीं करते। लेकिन अन्ना ने साफ किया कि वो नहीं चाहते कि उनके नाम का इस्तेमाल चुनावों के दौरान हो।
आप पार्टी ने साफ तौर पर ये आरोप लगाया है कि बीजेपी अन्ना और उनके बीच की दूरियां बढ़ा रहे हैं। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि अन्ना के करीबी उन्हें घेरे रहते हैं और उनसे बात नहीं करने देते। वही आप के ही नेता कुमार विश्वास ने एक पूर्व सांसद और पत्रकार संतोष भरतिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने अन्ना पर दबाव डालकर चिट्ठी लिखवाई जिसमें अन्ना ने आप पार्टी से तमाम सवाल पूछे थे, विश्वास का कहना है कि ये सब बीजेपी के इशारे पर किया जा रहा है। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि अन्ना के करीबी उन्हें घेरे रहते हैं और उनसे बात नहीं करने देते।
दरअसल अन्ना ने कुछ दिनों पहले टीम केजरीवाल से कई सवाल पूछे थे इनका केजरीवाल ने सिलसिलेवार जवाब दिया था। अन्ना ने पूछा था कि रामलीला में मेरे अनशन के दौरान और जंतर-मंतर में जो पैसा जमा हुए, उनका क्या हुआ। मुझे इसके बारे में कुछ पता नहीं है। आंदोलन के नाम पर जो पैसे जुटाए गए उसे चुनाव में खर्च करना सही नहीं है। इस पर केजरीवाल ने जवाब दिया कि अन्ना आपके इस सवाल से मुझे बहुत तकलीफ हुई है। आपकी भेजी गई स्पेशल टीम भी हमारे सभी खातों की जांच कर चुकी है। जांच में संतुष्ट होने के बाद भी सवाल उठता है तो दुख होता है
अन्ना ने पूछा कि आपने मेरे नाम का कार्ड बनाया जिससे पैसे जुटाए गए। मैंने कभी इसकी इजाजत नहीं दी। आप के चुनाव के लिए पैसा जमा करने में मेरे नाम का इस्तेमाल गलत है। केजरीवाल ने बताया कि अन्ना कार्ड से हमारी पार्टी के लिए पैसा जमा करने का सवाल ही नहीं उठता। जब से आपने मना किया है तब से पार्टी ने आपके नाम का इस्तेमाल नहीं किया।
अन्ना ने कहा कि आपने 29 दिसंबर को लोक पाल बिल पास करने का भरोसा दिया है जबकि इसे सिर्फ लोकसभा पास कर सकती है दिल्ली विधानसभा नहीं। केजरीवाल ने जवाब दिया कि 29 दिसंबर को हम वही बिल पास करेंगे जो दिल्ली विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके दायरे में सीएम, मंत्री और विधायक होंगे। अन्ना हजारे से मिलकर लौटे कुमार विश्वास का कहना है कि अन्ना और केजरीवाल के बीच जानबूझकर गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की गई। विशवास ने कहा कि मुझे पता चला कि वहां कुछ चीजें गलत तरीके से प्रस्तुत की गई हैं। अन्ना ने ये बताया कि मैंने कई बार बात करने की कोशिश की पर हो नहीं पाई। कुमार विश्वास ने कहा कि मैंने भी उन्हें बताया कि हमने भी बात करने की कोशिश की पर हो नहीं पाई। इस पर अन्ना को काफी आश्चर्य हुआ। विश्वास का कहना है कि नकली पोस्टर छाप कर अन्ना तक पहुंचाए गए। उनके मन में संदेह था। मैंने भी उनके चारो तरफ जिस तरह के लोग है उस बारे में जानकारी दी। हालांकि अन्ना हजारे ने आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वो बात करने को हमेशा तैयार रहे हैं।
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