शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ ए.आई.एस.एफ. का 28 वां राष्ट्रीय महाधिवेषन आरंभ ! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 28 नवंबर 2013

शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ ए.आई.एस.एफ. का 28 वां राष्ट्रीय महाधिवेषन आरंभ !

  • झंडोत्तोलन के बाद क्रांतिकारी नारों के साथ शुरू हुआ उद्धाटन सत्र्, 30 राज्यों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा 


aisf national seminar
हैदराबाद। आॅल इण्डिया स्टूडेन्ट्स फेडरेशन का 28 वां राष्ट्रीय महाधिवेशन आज हैदराबाद के उस्मानिया विष्वविद्यालय के सी. चंद्रप्पन सभागार में शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ आरंभ हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन आज पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. नरसिम्हा राव ने झण्डोतोलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आये छात्र-छात्राओं ने अपने भाषा में ढ़ोल-नगाड़े के साथ क्रांतिकारी गीत व नारे लगाये। तत्पष्चात सम्मेलन का विधिवत उद्धाटन सभागार में उस्मानिया विश्वविद्यालय के कुलपति एस. सत्यनारायण ने किया। उद्धाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री सत्यनारायण ने कहा कि मैजुदा दौर में छात्रों के समक्ष देश की शिक्षा व राजनितिक हालात पर नजर रखना होगा। देश में गंभीर आर्थिक संकट के इस दौर में विदेशी शिक्षा माफियाओं के इसारे पर केन्द्र व राज्य सरकार शिक्षा के निजीकरण व व्यवसायीकरण पर आतुर है। वहीं छात्रों व सरकारी विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में हैं। इस दौर में छात्रों एवं उनके संगठनों का कत्वर्य है कि शिक्षा के निजीकरण, व्यवसायीकरण के लिए हो रहे प्रयास पर रोक लगाने का काम करें।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. नरसिम्हा राव ने कहा कि हम जिस दौर में इस विष्वविद्यालय में पढ़ाई एवं छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे वह दौर सामंतियों व निजामों के बर्बर जुल्म का दौर था। उस दौर में मैंने छात्रों को संगठित कर तेलंगना में किसान-मजदुरों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ सषस्त्र क्रांति में भाग लेकर किसानों को मुक्ति दिलाई। वर्तमान दौर में रूपये का अवमुल्यन एवं देष में षिक्षा माफियाओं के बढ़ते प्रभाव के लिए यूपीए-2 सरकार को जिम्मेवार बताते हुए छात्रों से संधर्ष तेज करने की अपील की। वहीं सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य सभा सांसद व सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष अजीज पाषा ने कहा कि देष को यदि कोई छात्र संगठन नेतृत्व प्रदान कर सकता है तो वो एआईएसएफ है। छात्रों को देष षिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए, सबको समान षिक्षा के लिए संगठन को मजबुत कर संधर्ष तेज करने का आह्वान किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह ढाबा ने कहा कि एआईएसएफ का इतिहास देष के जनमानस के विचारों को बदलने का इतिहास है। संगठन ने देष को बड़े
साहित्यकार, आवाम की पीडा़ओं को समझने केे लिए हमदर्दो,कलाकारों, इंजिनियरों, डाॅक्टरों, राजनीतिज्ञों को दिया है। यह सम्मेलन सांगठनिक समस्याओं पर विचार करने के साथ-साथ देष की समस्याओं पर विचार कर, देष के निति निमार्ण पर चर्चा करेगा। षिक्षा माफियाओं को समाप्त करने के लिए संधर्ष की रूप-रेखा तय करेगा।  सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव अभय टकसाल ने प्राईवेट एजुकेषन बील पर चर्चा करते हुए कहा कि संगठन के तीव्र विरोध के कारण इस पर तो तत्काल रोक लग गया लेकिन दूसरे दरवाजे से कंपनी कानून के रूप में इस बील को संसद में लाने की शाजीष हो रही है। सम्मेलन को प्रमुख रूप से तमिल फिल्म अभिनेता माधव रवि, संगीतकार वंदेमातरम श्रीनिवास, इप्टा के चंद्रनायर ने संबोधित किया। उद्धाटन सत्र का समापन लेलिन बाबू ने किया। इस मौके पर मंच पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विक्टर डिसुजा, राष्ट्रीय सचिव विष्वजीत कुमार एवं राष्ट्रीय सचिव मंडल के सदस्य उपस्थित थे। उद्धाटन सत्र के समापन के बाद शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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