बिहार : इन दिनों जोसेफ एलियास कष्ट में हैं - Live Aaryaavart

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रविवार, 10 नवंबर 2013

बिहार : इन दिनों जोसेफ एलियास कष्ट में हैं

पवित्र बाइबिल के पाठ पढ़ाकर जीवन बीताने को कहते हैं। अपने पड़ोसी को अपने समान प्यार करो। कोई भूखा है तो पहले खाना खिला। वस्त्रहीनों को वस्त्र दो। जो खटखटा रहा है उसके लिए द्वार खोल दिया जाए। मांगो तुम्हे दिया जाएगा। फिलवक्त पवित्र बाइबिल के पाठ के अनुसार चलाने वाले और चलने वाले जोसेफ एलियास की सुधि नहीं ले रहे हैं। अब देखना है कि कठोर दिल कम नरम हो पा रहा है।

josaf alias
पटना। इन दिनों जोसेफ एलियास नामक रोमन कैथोलिक कष्ट में हैं। बेतिया मूल के जोसेफ एलियास ने अनुसूचित जनजाति की अनाथ लड़की से शादी की थीं। इसके आलोक में मिशनरी फादर और सिस्टर जोसेफ एलियास को मानते थे। कुर्जी कब्रिस्तान में कब्र खोदने का कार्य करते थे। उनकी पत्नी महिला मजदूर थीं। दोनों के हाथ से पुत्र हुए। एक दिल्ली में और दूसरा पटना में हैं। दोनों पिताश्री की देखभाल नहीं करते हैं। इसके कारण प्रेरितों की रानी ईश मंदिर के मुख्य द्वार पर रात के समय में सोने को मजबूर हैं। गैर सरकारी संस्थाओं के कर्ताधर्ता फादर और सिस्टरों के द्वारा रोमन कैथोलिक जोसेफ एलियास की सुधि नहीं ली जा रही है। 

स्व0 फादर लैस के दुलारे थेः
स्वर्गलोक में जाने के पूर्व फादर लैस ने दम्पति के लिए व्यवस्था कर दी थी। उन्होंने स्व0 नौबर्ट राय को मोटी रकम देकर चले गये थे। स्वर्गलोक में जाने के पहले फादर नौबर्ट राय ने जमीन खरीदकर मकान मना दिये थे। यह मकान दीघा स्थित अल्पना सिनेमा हॉल के पीछे है। दुर्भाग्य यह है कि जोसेफ एलियास ने उक्त मकान को बेटे के नाम कर दिया है। इसका नतीजा सामने है। पिता सड़क पर और पुत्र मकान मालिक बन गया है। कब्र की ओर पैर बढ़ाने वाले इस बुजुर्ग पिता की देखभाल नहीं की जा रही है। दोनों पुत्र त्याग दिये हैं। अब सड़क ही आशियाना बन गया है। 

अमीर ईसाइयों के द्वारा राशि दी जाती हैः
कुछ अमीर ईसाइयों के द्वारा मासिक रकम दी जाती है। इसी रकम से जोसेफ एलियास खाना और पीने की व्यवस्था करता है। इसके अलावे अन्य लोग भी कुछ मदद कर देते हैं। अब देखना है कि दूसरे लोगों पर निर्भर जोसेफ ऐलियास कबतक जीवन बचा पा रहे हैं। आसन्न ठंड में जोसेफ को जीवन बचा पाना चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। 

बाइबिल के पाठ पर चलाने वाले ध्यान देंः
ईसाई धर्म स्वीकार करने वाले लोगों को फादर और सिस्टरों के द्वारा पवित्र बाइबिल के पाठ पढ़ाकर जीवन बीताने को कहते हैं। अपने पड़ोसी को अपने समान प्यार करो। कोई भूखा है तो पहले खाना खिला। वस्त्रहीनों को वस्त्र दो। जो खटखटा रहा है उसके लिए द्वार खोल दिया जाए। मांगो तुम्हे दिया जाएगा। फिलवक्त पवित्र बाइबिल के पाठ के अनुसार चलाने वाले और चलने वाले जोसेफ एलियास की सुधि नहीं ले रहे हैं। अब देखना है कि कठोर दिल कम नरम हो पा रहा है।



आलोक कुमार
बिहार 

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