पटना, 21 नवम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने लोकप्रिय कम्युनिस्ट नेता एवं शिक्षक आंदोलन के ख्याति प्राप्त नेता प्रो. शिव कुमार प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रो. शिव कुमार प्र. सिंह का निधन आज सुबह 6 बजे पटना में उनके निवास पर हो गया।
शिक्षक आंदोलन के ख्याति प्राप्त नेता और विश्वविद्यालय-काॅलेज शिक्षकों के अजीज प्रो. शिव कुमार प्र. सिंह का आज तड़के पटना में अचानक निधन हो गया। 80 वर्षीय प्रो. सिंह का जन्म 1933 में तत्कालीन मुंगेर जिला (अब शेखपुरा जिला) के बरबीघा अनुमंडल के सरमेरा गांव में हुआ था। बड़हिया महाविद्यालय से अपनी सेवा प्रारंभ कर वे 70 के दशक में भागलपुर वि.वि. शिक्षक संघ के लगातार 15 वर्षों तक महासचिव रहे। बिहार में काॅलेज से रवानगी व्यवस्था को खत्म करने के लिए शिक्षक आंदोलन का नेतृत्व किया। इतिहास के प्रोफेसर होने के कारण बिहार इतिहास परिषद तथा भारतीय इतिहास परिषद को आगे बढ़ाने में इन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया। वे फुटाब के बड़े और लोकप्रिय नेता रहे। आजीवन प्रगतिशील आंदोलन के समर्थन में खड़ा रहकर वेे हमेशा कमजोर और दबे-कुचले लोगों के लिए सक्रिय रहे और उनके पक्ष में लिखते रहे-बोलते रहे।
उनके शव को भाकपा के राज्य कार्यालय में लाल झंडे में लपेट कर माल्यार्पण किया गया। भाकपा की ओर से माल्यार्पण करने वालों में काॅ. जब्बार आलम, का. बद्रीनारायण लाल, का. यू.एन. मिश्रा, का. अम्विका प्रसाद, काॅ. गजनफर नबाव, का. विजय नारायण मिश्र आदि प्रमुख थे। केदार दास श्रम एवं समाज अध्ययन संस्थान के निदेशक डाॅ. नवीन चन्द्रा, एटक के सचिव का. अजय कुमार, फुटाब के सचिव डाॅ. अरूण कुमार तथा एआईएसएफ की ओर से विश्वजीत कुमार, सुशील कुमार, परवेज आलम, प्रिंस कुमार आदि ने माल्यार्पण किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से राज्य सचिव का. राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि 20 साल पूर्व सेवा-निवृत्त होने के वाबजूद प्रो. सिंह अपने अंतिम सांस तक सक्रिय रहे। उनके कार्यो और आदर्शों को आगे बढ़ाना और प्रगतिशील आंदोलन को धार देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें