विशेष : ख्रीस्त राजा का पर्व 24 नवम्बर को - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 19 नवंबर 2013

विशेष : ख्रीस्त राजा का पर्व 24 नवम्बर को

जिन बच्चों को अभी हाल में प्रथम परमप्रसाद मिला है। सफेद परिधानों में सजधज कर फूलों को बिखेड़ेंगे। सबसे पहले एक व्यक्ति के द्वारा सलीब पर लटके ईसा मसीह को लेकर आगे-आगे चलेगा। इसके बीच में राजाओं के राजा के आगमन पर फूलों की पंखुड़ियों को बिखड़ेंगे।
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पटना। ख्रीस्त राजा का पर्व 24 नवम्बर को है। ईसा मसीह को इस दिन ईसाई समुदाय राजाओं के राजा घोषित करेंगे। प्रत्येक साल नवम्बर के तीसरे रविवार को ख्रीस्त राजा का पर्व मनाया जाता है।  इस साल कुर्जी स्थित लोयला उच्च विघालय के परिसर से राजाओं के राजा के आदर में जुलूस निकाला जाएगा। इसमें पटना और आसपास के लोग शिरकत करेंगे।

इस बात की जानकारी देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सिसिल साह ने कहा कि 24 नवम्बर,2013 को दोपहर 2 बजे से ख्रीस्त राजा के सम्मान में जुलूस निकाला जाएगा। लोयला स्कूल के परिसर में प्रार्थना के साथ जुलूस शुरू होगा। इसके बाद संत माइकल उच्च विघालय के परिसर में पहुंचकर प्रार्थना सभा में तब्दील हो जाएगा। यहां से प्रार्थना सभा समाप्त होने के बाद जुलूस प्रेरितों की महारानी ईश मंदिर में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में तब्दील हो जाएगा। इसका नेतृत्व पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष बिलियम डिसूजा करेंगे। इनके अलावे अनेक पादरी साथ निभाएंगे।

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दुनियाभर के ईसाइयों का मानना है कि ईसा मसीह ही राजाओं के राजा हैं। इसके समर्थन में प्रार्थना और गीत भी गाते हैं। गिरजाघरों और ईसाइयों के घरों में येसु ख्रीस्त राजा तेरा राज आवे नामक शीर्षक से प्रार्थना और गीत की प्रस्तुति की जाती है। जी हां ईसाई समुदाय के लोगों का आस्था है कि ईसा मसीह ही राजाओं का राजा हैं। वे हमेशा बुराइयों के खिलाफ लड़ते और प्रजा को उचित न्याय देते थे। ईसा मसीह प्रेम, सेवा, न्याय, शांति, क्षमा, दया,सहानुभूति,भलाई और एकता के राजा थे। ईश्वर के राज्य में वही अधिक गौरव प्राप्त करेगा जो स्वयं को भूल दूसरों की सेवा में लगा रहेगा। इस लिए सांसारिक राजा और ईश्वरीय राजा में बहुत अंतर है।
 जिन बच्चों को अभी हाल में प्रथम परमप्रसाद मिला है। सफेद परिधानों में सजधज कर फूलों को बिखेड़ेंगे। सबसे पहले एक व्यक्ति के द्वारा सलीब पर लटके ईसा मसीह को लेकर आगे-आगे चलेगा। इसके बीच में राजाओं के राजा के आगमन पर फूलों की पंखुड़ियों को बिखड़ेंगे।



आलोक कुमार
बिहार 

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