आधार कार्ड के मुद्दे पर नई याचिका दायर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 20 नवंबर 2013

आधार कार्ड के मुद्दे पर नई याचिका दायर

उच्चतम न्यायालय ने आधार कार्ड को बैंकों में खाता खोलने और मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए पहचान एवं पते के लिए सबूत बनाने के लिए दायर एक नई याचिका का परीक्षण करने का आज फैसला किया।

न्यायमूर्ति बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने केंद्र और आरबीआई से जवाब मांगा और एनजीओ नागरिक चेतना मंच की ओर से दायर जनहित याचिका को अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। उसने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने को भी चुनौती दी थी।

एनजीओ की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि आरबीआई ने आधार कार्ड के जरिए बैंकों में खाता खोलने के लिए उसे अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंड बनाकर धन शोधन के खिलाफ सभी सुरक्षा मानकों को हटाकर आर्थिक अपराधों की जटिल समस्या का रास्ता खोल दिया है। साथ ही चुनाव आयोग ने मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए पहचान और पता के सबूत के तौर पर आधार कार्ड को मंजूरी देकर गैर नागरिकों को मतदान का अधिकार देकर भी जटिल समस्या खड़ी कर दी है क्योंकि आधार कार्ड निवासियों को जारी किया जाता है, न कि सिर्फ नागरिकों को। उसने कहा कि गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारत के महापंजीयक ने नागरिकों का एक रजिस्टर तैयार किया है। इसे निजी पक्षों द्वारा जुटाए गए निवासियों के अपुष्ट डाटाबेस और बायोमीट्रिक के आधार पर तैयार किया गया है। बायोमीट्रिक नागरिकता अधिनियम के तहत तैयार नियमों का हिस्सा नहीं हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: