नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 19 जनवरी 2014

नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया


narendra modi
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित न करने के लिए रविवार को कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन यहां अपने विचार व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस को छह दशकों तक देश पर शासन करने का मौका दिया गया, और अब भाजपा को मात्र 60 महीने शासन का मौका दिया जाना चाहिए।

रामलीला मैदान में हजारों प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का हिम्मत इसलिए नहीं जुटा पाई, क्योंकि उसे पता है कि वह चुनाव में हारने वाली है। कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे, क्योंकि पार्टी अपना प्रधानमंत्री चुनाव बाद चुनती है। मोदी ने इस तर्क को चुनौती दी है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस यदि लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्वास करती है तो उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में हुई हत्या के तत्काल बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री कैसे घोषित कर दिया। 

मोदी ने पूछा, "क्या उस समय कांग्रेस संसदीय दल की कोई बैठक हुई थी? क्या सीपीपी ने कोई प्रधानमंत्री चुना था? क्या उस बैठक का कोई मिनट है?" मोदी ने कहा कि उसी तरह 2004 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सीपीपी ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री चुना, लेकिन उन्होंने एकतरफा निर्णय लेते हुए मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुना। मोदी ने कहा कि हाल ही में यहां हुई कांग्रेस की बैठक केवल इस बारे में थी कि पार्टी को कैसे बचाया जाए, पार्टी को कैसे एकजुट रखा जाए।

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, "उनकी चर्चाओं का उद्देश्य यही था.. वहां पार्टी बचाने की कोशिश हो रही थी, हम देश बचाने की कोशिश कर रहे है। आगामी (लोकसभा) चुनाव में (हमारे बीच) यही बुनियादी फर्क है।"

कोई टिप्पणी नहीं: