उत्तराखंड की विस्तृत खबर (24 जनवरी ) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (24 जनवरी )

राजधानी और विधानभवनों पर संशय दूर करे प्रदेश सरकार: कुंजवाल
  • कुंजवाल ने एक बार फिर की गैरसैंण में स्थाई राजधानी की वकालत

govind singh kunjwal
देहरादून, 24 जनवरी। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों और पर्वतीय क्षेत्र की जनभावनाओं को देखते हुए एक बार फिर गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाए जाने की वकालत की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह प्रदेश की राजधानी और विधानभवनों पर संशय दूर करे। आज यहां एक मुलाकात में प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गैरसैंण के अलावा रायपुर में विधानभवन बनाने तथा वर्तमान विधानभवन को देखते हुए तीन-तीन विधानसभा भवनों को निर्माण को लेकर जनता में राजधानी को लेकर जो संशय फैल रहा है, उसको दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानभवन बनाने हेतु कार्यदायी संस्था एनबीसीसी को 25 करोड़ रूपये की पहली किश्त की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। गैरसैंण में दो वर्ष के भीतर विधानभवन, मंत्री आवास, विधायक हास्टल और अधिकारी और कर्मचारियों के आवास बनकर तैयार हो जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा रायपुर में भी विधानभवन निर्माण का फैसला लिया गया है, जबकि देहरादून में पहले से ही विधानसभा भवन है। ऐसे में इस छोटे से राज्य में तीन-तीन विधानभवन को लेकर प्रदेश की जनता भ्रमित है कि आखिर उसकी स्थाई राजधानी कौन सी है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड एक पर्वतीय राज्य है और राज्य की जनता की जनभावनाओं एवं राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप गैरसैंण को ही राज्य की स्थाई राजधानी बनाया जाना हितकर होगा। उन्होंने कहा जब पर्वतीय प्रदेश की राजधानी पर्वतीय क्षेत्र में होगी, तो उससे पर्वतीय क्षेत्रों का विकास होगा। उन्होंने इस बात से इंकार भी नहीं किया कि राज्य बनने से लेकर आज तक पर्वतीय क्षेत्रों का जो विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार को पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, चिकित्सा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए पर्वतीय क्षेत्र पर ही ध्यान आकर्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को पर्वतीय क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर विकास की योजनाओं को कलस्टर के रूप में मूर्तरूप देना होगा, जब प्रदेश सरकार दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के साधन मुहैया करा देगी, तो राज्य से पलायन काफी हद तक खत्म हो जाएगा और प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री द्वारा हैलीकाप्टर के बजाए कार से यात्रा किए जाने के बयान का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्य पहले ही हो जाना चाहिए था, जब तक हम सड़क पर नहीं चलेंगे तब तक जमीनी हकीकत का अहसास हमें नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय से जन समस्याओं का निराकरण भी तेजी से होगा। वहीं एक अनौपचारिक वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य में लोक निर्माण विभाग के सरकार द्वारा बनाए गए नए डीवीजनों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से लोनिवि में अधिकारियों की फौज तो खड़ी हो गई है, लेकिन जमीनी कार्य करने वाले अवर अभियंताओं (जेई) की भारी कमी हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष का कहना था कि राज्य में रोजगार और चिकित्सा और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि आज भी पहाड़ के अधिकांश गांव सड़कों से नहीं जुड़ पाए हैं और प्रदेश के अधिकांश चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कमी और सुदूरवर्ती पर्वातांचलों में शिक्षकों की भारी कमी है। 

निगमों की खराब माली हालत, कैसे होंगे संविदा कर्मचारी नियमित?
  • एससी एसटी के छात्रो को कांग्रेस के पक्ष में आकर्षित करने की लैपटॉप योजना

देहरादून, 24 जनवरी। उत्तराखण्ड में पंचायत एवं लोकसभा चुनाव की डुगडुगी से पहले कांग्रेस सरकार संविदा कर्मचारियो के साथ एससी एसटी के लोगो को रिझाने में जुट गई है, लेकिन जिन दस हजार कर्मचारियो को नियमित करने की घोषणा सरकार द्वारा की गइ्र है उसमें प्रदेष के बीस निगम ऐसी स्थिति में नजर नही आ रहे जो उन कर्मचारियो को नियमित कर वित्तीय भार झेल सकें। सरकार ने अपने राजनैतिक दृष्टिकांेण से जनता के बीच फायदा लेने के लिए गेंद शासन के पाले से निकालकर निगमो के पाले में डाल दी है और इस बात की सम्भावनाएं बेहद कम है कि जिन दस हजार कर्मचारियो को नियमित करने का लाभ मिलेगा उसे कर पाने में प्रदेष के बीस निगम वित्तीय भार झेल पायेंगे। वर्तमान स्थिति के अनुसार प्रदेष के बीस निगमो में सरकारी कर्मचारियों की लम्बी फौज पहले से ही तैनात है और यहां कर्मचारियो को वेतन पूरा करने में वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और पूर्व में ही प्रदेष के कई निगमों को राज्य सरकार दूसरे विभागांे में समाहित भी कर चुकी है, क्योंकि यह निगम लगातार घाटे में चल रहे थ। ऐसे में राज्य सरकार की यह घोषणा कि प्रदेष के बीस निगमांे में कार्यरत संविदा कर्मचारियांे को नियमित किया जाएगा, जो इन निगमों के लिए मुसीबत बनता हुआ नजर आ रहा है। राज्य के निगम पहले से ही घाटे में चल रहे हैं और अब संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर उन निगमों पर और अधिक वित्तीय भार बढ़ जाएगा, जबकि इन निगमों में आय का स्त्रोत वर्तमान में सीमित होने के कारण निगमों की आय के और कोई साधन नहीं है। लगातार वन विकास निगम, परिवहन निगम, गढ़वाल मंडल विकास निगम, कुमांऊ मंडल विकास निगम सहित प्रदेष के बीस निगम वर्तमान में राज्य के भीतर आय के स्त्रोत ना बढ़ने के कारण घाटे में हैं, जबकि पूर्व में गढ़वाल मंडल विकास निगम सहित कुमांऊ मण्डल विकास निगम और वन विकास निगम के पास खनन को किए जाने की जिम्मेदारी थी। इतना ही नहीं गढ़वाल मण्डल विकास निगम और कुमांऊ मण्डल विकास निगम के पास एफएल-2 का लाईसेंस भी था, जिससे शराब की बिक्री में इन निगमों को अच्छा-खासा लाभ मिलता था, लेकिन सफेदपोश और अधिकारियों के गठजोड़ ने निगमों से यह काम छीनकर माफियाओं के हाथों में दे दिया, जिससे निगमों की वित्तीय स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती चली गई, आज निगमों की यह हालत है कि उनके पास कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसा नहीं है। ऐसे में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का बोझ निगमों पर डाला जाना, कितना तर्क संगत है यह अपने आप में विचारणीय है। वहीं निगम द्वारा खनन के कारोबार से राज्य सरकार को लाखो के राजस्व का फायदा पहुंचाया गया था। लेकिन वर्तमान परिस्थितियो के अनुसार प्रदेष के निगमों की हालत काफी पतली चल रही है। ऐसे में इन निगमों के प्रबन्धक किस तरह प्रदेष के दस हजार कर्मचरियो को नियमित करने का फार्मूला निकालेंगे यह अपने आप में एक समस्या है। वहीं प्रदेश सरकार ने आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए  भले ही आपदा प्रभावित क्षेत्रांे मंे वहां के लोगो को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में फेल साबित हुई हो, लेकिन प्रदेष के एससी एसटी के इंजीनियरिंग के छात्रांे को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से यूपी की तर्ज पर लैपटाप वितरण योजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई हो, लेकिन यह सिर्फ चुनावी घोषणा से पूर्व किया गया फैसला नजर आ रहा है, जबकि राज्य सरकार इन समुदायों को यह लाभ देने की घोषणा पिछले वित्तीय वर्ष में ही कर चुकी थी, लेकिन एक साल तक किसी भी व्यक्ति को इसका लाभ नहीं दिलाया जा सका है, क्योकि राज्य सरकार इसके लिए वित्तीय स्वीकृति नही दे पाई थी और अब चुनाव से पहले इन वर्गो को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए इस योजना को प्रदेष में लागू करने की रणनीति को तय किया गया है। प्रदेष के अंदर वर्तमान परिस्थितियां आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के पक्ष में नजर नहीं आ रहीं और हाईकमान भी पूरी तरह से इस बात को लेकर आष्वस्त नहीं है। क्योंकि राज्य सरकार अपने अब तक के कार्यकाल में सिर्फ घोषणाओं को करने का काम करती नजर आई है और धरातल पर कुछ भी नही कर पाई है। माना जा रहा है कि फरवरी माह में प्रदेष के भीतर चुनावी आचार संहिता लग सकती है उससे पहले राज्य सरकार कई घोषणाओ के साथ नई योजनाओ को भी राजनैतिक फायदा लेने के लिए जनता के बीच जाती दिख रही है।

महिला हिंसा है, वैश्विक समस्या: आशा टम्टा

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। दिल्ली में हुए वीभत्स गैंगरेप कांड़ (निर्भया) जिसने देश को हिलाकर रख दिया था उस कांड़ के एक वर्ष पूरे होने पर जेआर एंड़ डीआर फाउंडे़शन ने निर्भया को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। वहीं फाउण्डेशन ने हरिद्वार में नाबालिक लड़की से बलात्कार के बाद हत्या के मामले पर गहरी चिंता जताते हुए समाज को संवेदनशील बनाए जाने पर जोर दिया है। फाउण्डेशन की अध्यक्ष आशा टम्टा ने कहा कि देवभूमि को शर्मसार करने वाले इस काण्ड का जल्द से जल्द खुलासा किया जाना चाहिए और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि और कोई निर्भया बहशी दरिंदों का शिकार न बन पाए। गौरतलब हो कि एक वर्ष पहले दिल्ली में चलती बस में 23 साल की मेड़िकल इंटर्न (निर्भया) के साथ मानवता की सारी हदंे पार करते हुए सामुहिक बलात्कार किया गया हैं और उक्त लड़की 13 दिन तक जिंदगी ओर मौत से लड़ती रही और उसकी मृत्यु हो गयी। इस सामूहिक बलात्कार कांड से पूरा देश हिलकर रह गया हैं। जिसके विरोध में पूरे देश हिलकर रह गया । जिसके विरोध में पूरे देश में धरने प्रदर्शन किए गए और मंाग पूरे जोर से उठाई गई। आखिरकार बलात्कारी के हत्ये चढ़ गए और उनको सजा हो गयी हैं। इस वीभत्स कांड़ को एक साल पूरे होने पर फाउंडेशन की अध्यक्ष आशा टम्टा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस कांड के  बाद भी कई निर्भया जैसे रेप केस हो चुके हुए और महिलाएं आज भी सुरक्षित नहीं है। उन्होने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया पूरी दुनिया में हर तीन माह में हर महिला लिंग आधारित हिंसा का शिकार  होती हैं। भारत  में हर 20 मिनट में एक महिला बलात्कार का शिकार होती रही है। आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 11.26 प्रतिशत मामलों में ही सजा हो पाती हैं। उन्होने कहा कि निर्भया कांड के बाद यह परिवर्तन जरूर आया है कि जब महिलाएं लोकलाज की परवाह किए बिना अपने खिलाफ होने वाली हिंसा के प्रति आवाज  उठा रही हैं।  उन्होनें महिला ंिहंसा को वैश्विक समस्या बताया। उन्होने कहा कि आज के दौर में महिलाओं को अधिक राजनीति में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। ताकि वे महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ संसद व विधानसभा में अपनी आवाज बुलंद कर सके।

घोषणा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी परवादून हेमन्त द्विवेदी ने कहा परवादून जिले की परवादून जिले के महामंत्री पद पर इन्द्र कुमार गोदवानी की घोषणा जिलाध्यक्ष ज्योति सजवाण द्वारा की गई घोषणा को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। द्विवेदी ने अपने बयान में कहा कि जिलाध्यक्ष परवादून ने बिना जिला प्रभारी एवं प्रदेश संगठन को विश्वास में लिए अपने निजी स्तर से जिला महामंत्री की घोषणा की। जो की संगठन के नियमों के सर्वथा विपरीत है साथ ही जिलाध्यक्ष परवादून ज्योति सजवाण ने प्रेस विज्ञप्ति में जिला प्रभारी हेमन्त द्विवेदी की सहमती होना बताया जो कि असत्य है। जबकी द्विवेदी को समाचार पत्र द्वारा यह सूचना प्राप्त हुई। प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी परवादून द्विवेदी ने उक्त की जानकारी पार्टी के प्रदेश हाई कमान का दी है। हाई कमान ने भी जिलाध्यक्ष की इस अनुशासन हीनता पर नाराजगी जतायी है। प्रदेश नेतृत्व से वार्ता करके जिला प्रभारी द्विवेदी ने जिलाध्यक्ष द्वारा की गई महामंत्री पद की घोषणा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है।

स्वस्थ उत्तराखण्ड के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के प्रयास जरुरी : स्वास्थ्य मंत्री

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। पानी का सबसे ज्यादा हिस्सा खेती में खर्च होता है और दूसरे नम्बर पर उद्योग हैं, जिनमें पानी की खपत बहुत अधिक होती है। विकास क्रम में सिंचाई का क्षेत्र पहले की तुलना में दोगुना हो गया है और सिंचाई में इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा तिगुने तक बढ़ गई है। इसलिए हमें वर्षाजल संग्रहण एवं भूगर्भजल में बढ़ोत्तरी सहित जल संरक्षण के विविध उपाय करने होंगे। अच्छे स्वास्थ्य तथा स्वस्थ समाज की रचना के लिए स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की महती आवश्यकता है। यह बात आज प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य, आयुष एवं परिवार कल्याण मन्त्री  सुरेन्द्र सिंह नेगी ने परमार्थ निकेतन परिसर में बायोसैण्ड वाटर फिल्टर ट्रेनिंग एवं कार्यशाला के उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्षा जल हो या भूगर्भ जल अथवा नदियों का जल, मानव जीवन की रक्षा के लिए एक-एक बूँद की बड़ी कीमत है। स्वास्थ्य मन्त्री ने कहा कि जल संरक्षण के विविध उपायों पर अमल करते हुए बायोसैण्ड वाटर फिल्टर जैसे उपाय अपनाकर जनसामान्य तक शुद्ध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण की दिशा में गंगा एक्शन परिवार-परमार्थ निकेतन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहा। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं गंगा एक्शन परिवार के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने ट्रेनर्स ट्रेनिंग के इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ जल जीवन की सबसे प्रमुख तीन आश्यकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ व शुद्ध जल तथा विशुद्ध हवा व पर्यावरण के लिए काम करना आज का युगधर्म है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनसामान्य को खुद आगे आना होगा, क्योंकि योजनाकारों को इस बात की तो चिन्ता रहती है कि उन्हें जनता की जरूरत के लिए पानी की आपूर्ति करनी है, लेकिन इस बात के लिए कोई योजना उनके पास नहीं होती कि पानी की बर्बादी को कैसे रोका जाए। जब समाज जल, जंगल व जीव के संकट के समाधान का अपना रास्ता अपनाता है तथा सुशासन का अपना माडल खड़ा करता है, तब उससे दूसरे समाज भी प्रेरणा ग्रहण करते हैं।  स्वामी जी ने प्रस्तुत कार्यशाला को जल संरक्षण एवं सदुपयोग के लिए भी काफी महत्वपूर्ण बताया। साध्वी भगवती सरस्वती ने जल प्रदूषण की वर्तमान वैश्विक स्थितियों पर प्रकाश डाला तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्घाटन के मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं गंगा एक्शन परिवार के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती तथा सहयोगी संस्थाओं-जीवा-इण्डिया, साउथ एशिया प्योर वाटर इनिशियेटिव एवं फ्रेंडली वाटर फार द वर्ल्ड के प्रशिक्षक प्रतिनिधि  डेविड अल्बर्ट, सुश्री शिवानी, इंजी रामचन्द्र गौडा, माईकेल लिपमैन सहित सभी प्रशिक्षणार्थी, ऋषिकेश की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख प्रतिनिधि तथा देश-विदेश से आए गंगा-प्रेमी एवं पर्यावरण-प्रेमी मौजूद थे। परमार्थ प्रवक्ता ने बताया कि प्रशिक्षण 27 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान पेयजल मन्त्री मंत्री प्रसाद नैथानी तथा शहरी विकास मन्त्री प्रीतम सिंह पंवार के भी ऋषिकेश पहुँचकर प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षार्थियों से वार्ता करने की योजना है।

लोगों ने विकास मेले का उठाया लुत्फ

ऋषिकेश/देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। मुनिकीरेती मे क्रेजी फेडरेशन के तत्वावधन में पर्यटन एंव विकास मेला 2014 का रंगारगं आगाज हो गया। इस मौके पर स्थानीय स्कूलों के बच्चो ंऔर सास्ंकृतिक दलों ने एकल युगल और सामूहिक गीत नृत्य की प्रस्तुतियांे से समां बांध दिया। लोगों ने देर शाम तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही चर्खी, झूलों व्यंजन स्टालों का लुत्फ उठाया। बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने विकास मेले का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होने कहा कि संस्कृति को जीत रखने और सामाजिक सौहार्द के लिए पंरपराआंे को आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होने बिना सरकारी सहायता के वृहद मेले के आयोजन के लिए समिति की प्रशंसा की  और भविष्य में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि स्थनीय युवाओं के प्रयास से विकास मेला क्षेत्र की पहचान बन चुका है। उन्होने मेले के विकास के लिए सरकार से सहायता दिलाने की बात कही। मौके पर मेला संयोजक प्रदीप राणा, क्रेजी के अध्यक्ष मनीष डिमरी, दिवस्पति बिजल्वाण , महावीर खरोला, सत्येंद्र चौहान, रोशन रतूडी, परीक्षित उनियाल, राजेश्वर उनियाल, धर्मेंन्द्र नेगी आदि मौजूद थे।

27 को होगी बलात्कारियों को सजा
देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। कोर्ट ने शुक्रवार को शासकीय अधिवक्ता की मजबूत पैरवी के बाद बुजुर्ग महिला से गैंगरेप के मामले में फैसला 27 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। गौरतलब हो कि 29 दिसंबर 2012 को सहसपुर थाना क्षेत्र सभावाला गांव निवासी 54 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जंगल में रेप के बाद हत्या कर दी गयी थी। महिला जंगल में बकरी चराने के लिए गयी हुई थी। उस दिन महिला जब अपने घर नहीं लौटी तो परिजनों ने अगले दिन अन्य लोगों से पूछा पर कुछ पता नहीं चला। जिसके बाद उन्होंने जंगल में महिला को तलाश जहां नाले में उसकी अर्द्धनग्न लाश बरामद हुई। 54 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अर्द्धनग्न लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी थी। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब दुष्कर्म की पुष्टि हुई तो इससे लोगों में रोष व्याप्त हो गया और लोग सड़कों में उतर आये थे। सहसपुर के लोगों ने दुष्कर्मियों और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन किया था और जाम भी लगाया था। इस मामले में लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एक ट्रक क्लीनर मेहताब और बुग्गी चालक सुशील को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के 13 माह के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी अमित कुमार सिरोही की कोर्ट में इन दोनों पर आरोप सिद्ध हो गये। जिसके बाद आज इन आरोपियों को सजा सुनायी जानी थी। शुक्रवार को कोर्ट में दोनोें आरोपी मौजूद थे। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता जे.के. जोशी ने तर्क दिया कि यह अपराध जघन्यतम की श्रेणी में आता है। इस अपराध की सजा उम्रकैद या फांसी ही होनी चाहिए। जिससे कि कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम न दे। शासकीय अधिवक्ता के इन तर्कों के बाद न्यायाधीश ने फैसला 27 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।

गणतंत्र दिवस को डायवर्ट रहेगा रूट

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। परेड स्थल के चारों ओर से गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान परेड़ ग्राउण्ड रूट डायवर्ट रहेगा। वहीं समारोह स्थल की ओर जाने वाले मार्गों में छह स्थानों पर बैरियर लगाये जायेंगे। जबकि तीन स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की गयी है।  परेड के लिए प्रशासन ने रूट डायवर्ट प्लान जारी किया है। परेड ग्राउण्ड से चलने वाली कैंट राजपुर मार्ग बस सेवा 26 जनवरी को राजपुर मार्ग ओरियंट चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास से संचालित की जायेंगी। यह बसें कनक चौक की तरफ नहीं आयेंगी। क्लेमनटाउन से राजपुर मार्ग कुठालगेट चलने वाली बस सेवा पंत मार्ग लैंसडाउन की तरफ न जाकर दर्शन लाल चौक से घण्टाघर होते हुए राजपुर मार्ग कुठाल गेट तक जायेंगी और वापसी का रूट भी यही रहेगा। रायपुर मार्ग मालदेवता सहड्डधारा मार्ग की बसें चूना भट्टा रायपुर मार्ग से संचालित की जा सकेंगी तथा सर्वे चौक पर सवारी उतार कर वापस रायपुर मार्ग चूना भट्टा में ही खड़ी होंगी। इसी तरह से तीन नंबर रूट के विक्रम परेड ग्राउण्ड में समारोह की समाप्ति तक केवल दर्शनलाल चौक तक ही आ सकेंगे। जिन्हें दर्शनलाल चौक से फालतू लाईन त्रिमूर्ति की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा। जहां से ये सुभाष मार्ग होते हुए एमकेपी, सीएमआई, धर्मपुर की ओर जायेंगे। रूट नंबर 5 के विक्रम दर्शन लाल चौक आयेंगे और वापसी में दर्शनलाल चौक से तहसील चौक, प्रिंस चौक हो कर पटेल नगर जायेंगे। रूट नंबर 8 के विक्रम भी दर्शनलाल चौक तक ही आयेंगे और यहां से वापसी में दर्शनलाल चौक प्रिंस चौक से कांवली मार्ग की ओर जायेंगे। रूट नंबर 2 के विक्रम पंत मार्ग से संचालित नहीं होंगे। यह विक्रम समारोह की समाप्ति तक केवल सर्वे चौक तक स्थित रोटरी चौक तक ही आयेंगे और यहां से सवारी उतार कर वापस रायपुर मार्ग की ओर जायेंगे। गणतंत्र दिवस के समारोह के दौरान फालतू लाईन सुभाष मार्ग, दर्शनलाल चौक, कनक चौक, रोजगार तिराहा, डूंगाहाउस व कान्वेंट के समीप बैरियर लगाये जायेंगे। पार्किंग के लिए रेंजर्स ग्राउण्ड, पवेलियन ग्राउण्ड व मंगलादेवी इंटर कॉलेज में की गयी है।

प्रदर्शनकारियों ने किया कैबिनेट मंत्री के घर प्रदर्शन

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। एससी, एसटी और ओबीसी के रिक्त पदों को सरकारी विभागों में बैकलॉग के आधार पर भरने की मांग को लेकर समिति ने कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कैबिनेट मंत्री के आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया। कैबिनेट मंत्री के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन भी दिया। शुक्रवार को एससी, एसटी और ओबीसी समिति के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश भट््ट के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सुबह दस बजे गांधी रोड स्थित कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह के आवास पर धावा बोला। गुरूवार को प्रदर्शनकारियों ने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को घेराव किया था। प्रदर्शनकारियों कैबिनेट मंत्री ओर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 15 मिनट तक नारेबाजी करने के बाद कैबिनेट मंत्री सिंह ने प्रदर्शनकारियों ने से ज्ञापन लिया और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रदेश अध्यक्ष कमलेश भट्ट ने कहा कि जब तक उनकी एक सूत्रीय मांग स्वीकार नहीं होगी वे कैबिनेट मंत्री से लेकर विधायकों और अधिकारियों को घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि इस कैबिनेट में अगर उनकी मांग स्वीकार नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रदर्शनकारियों में दिनेश चौहान, पूरन सिंह चौहान, सुनील डोभाल, रणबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, खुशी राम, प्यारे लाल, सुरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में समिति के लोग मौजूद थे।

तालाबंदी कर किया विरोध प्रदर्शन

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय में सरकारी उपेक्षा से आक्रोशित बीएड (टीईटी) प्रशिक्षित महासंघ ने तालाबंदी कर विरोध दर्ज किया। प्रशिक्षितों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति जारी नहीं की तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। बीएड (टीईटी) प्रशिक्षित महासंघ के बैनर तले प्रशिक्षित बेरोजगारों का धरना शिक्षा निदेशालय पर 16 दिन स चल रहा है। इस दौरान बेरोजगार शिक्षा मंत्री से लेकर कर्मचारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है। इससे आक्रोशित प्रशिक्षित बेरोजगारों ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय में तालाबंदी कर विरोध जताया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने कहा कि सरकार पात्र लोगों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर मार्च तक प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति नहीं निकली तो उनका भविष्य अंध्कारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा के कारण उन्हें अपने को हाथ में लेना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों में गोपाल सिंह नेगी, दीपक चौहान, चमन, मनवर रावत, प्रदीप बिष्ट, शैलेष, नरेंद्र सिंह मेहरा, अशोक राज, संजय, अतुल, मनवर रावत, प्रदीप बिष्ट, अनिता, रजनी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

छात्रा ने लगाई फांसी

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। शुक्रवार को एक स्कूली छात्रा ने फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार राजपुर रोड निवासी अनिल जो कि मजदूरी का काम करता है। उसकी पुत्राी मनीषा(16), राजपुर रोड स्थित एक स्कूल में नवीं कक्षा की छात्रा थी, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि अनिल की पत्नी लोगों के घरों में काम करती है। सुबह जब वह अपने काम पर चली गई तो अनिल भी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए चला गया। इस दौरान मनीषा घर में अकेली थी। बच्चों को छोड़ने के बाद जब अनिल घर वापस आया उसने देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने मनीषा को काफी आवाज दी लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। जब इन लोगों ने अन्दर जाकर देखा तो मनीषा पंखे पर फांसी लगा कर लटकी हुई थी। लोगों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जिस पर कोतवाली पुलिस मौके पर पंहुची और उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। 

रोडवेज कर्मचारियों ने लगाए सरकार पर आरोप

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। सरकार पर उपेक्षा का आरोप रोडवेज कर्मचारियों ने लगाया है। रोडवेज कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार लगातार उनकी अनदेखी कर रही है। इसलिए उन्होंने ग्रेच्युटी दस लाख करने सहित अन्य मांगों को लेकर 30-31 को चक्काजाम करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यालय में आयोजित पत्राकार वार्ता में यह जानकारी परिषद के प्रदेश महासचिव विजय ममगांई ने दी। शुक्रवार को परिवहन निगम के मंडल कार्यालय स्थित रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश गुंसाई ने कहा कि दूसरे निगम के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद दस लाख रूपये ग्रेच्युटी दे रही है। जबकि रोडवेज कर्मचारियों को आज भी सेवानिवृत्ति पर मात्रा 3.50 लाख रूपये ग्रेच्युटी दी जा रही है। जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बार परिवहन अध्किारी लेकर मंत्री तक को ग्रेच्युटी दस लाख करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहा है। इसलिए मजबूर होकर उन्होंने चक्काजाम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 30-31 को प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी ग्रेच्युटी दस लाख करने, निगम में एजेंसी का हस्तक्षेप खत्म करने सहित अन्य मांगों को लेकर चक्काजाम करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की है कि चक्काजाम का नोटिस का अध्कि से अधिक प्रचार-प्रसार करें। पत्रकार वार्ता में शाखा अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत, शाखा सचिव रामचरण रतूड़ी सहित परिषद के जुड़े अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

खण्डूडी ने बी0आर0ओ0 को समुचित धन न दिये जाने पर रोष प्रकट किया

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी एवीएसएम, (से.नि.) द्वारा द्वारा कांग्रेस की केन्द्र सरकार द्वारा गढ़वाल मण्डल की सड़कों को दुरस्त करने हेतु बी0आर0ओ0 को समुचित धन न दिये जाने पर रोष प्रकट किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह काफी लम्बे समय से मीडिया के माध्यम से एवं अन्य जगहों पर समय-समय पर केन्द्र सरकार द्वारा बी0आर0ओ0 को गढ़वाल मण्डल की सड़कों हेतु समुचित धन उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध करते रहे हैं। परन्तु यह एक चिंता का विषय है कि गढ़वाल मण्डल में हुई भीषण त्रासदी के बाद भी सड़कों के पुर्ननिर्माण हेतु अब तक केन्द्र सरकार द्वारा बी0आर0ओ0 को समुचित धन नहीं दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में आयी भीषण आपदा के कारण हुए सड़कों के नुकसान को देखते हुए ऑस्कर फर्नांडिस, केन्द्रीय मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार से भी मिलने का प्रयास किया परन्तु उनके दिल्ली में उपलब्ध न होने के कारण मुलाकात नहीं हो पायी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा एक विस्तृत पत्र दिनांक 08.07.2013 को ऑस्कर फर्नांडिस, केन्द्रीय मंत्री भूतल एवं परिवहन, भारत सरकार को लिखा था तथा उनसे अनुरोध किया था कि प्रदेश में आपदा के बाद जनजीवन एवं आने वाली चार धाम यात्रा को सुचारू रूप से चलाने हेतु समुचित धन उपलब्ध कराया जाये। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में ऑस्कर फर्नाडिस को यह भी बताया था कि पिछले 03 वित्तीय वर्ष में बी0आर0ओ0 द्वारा रु0 1200 करोड़ मांगे जाने के बावजूद उन्हें केवल रु0 150 करोड़ ही दिया गया। पिछले वित्तीय वर्ष (2012-13) में रु0 200 करोड़ मांगे जाने के बावजूद रु0 20 करोड़ ही दिया गया। इसके बावजूद भी केन्द्र सरकार द्वारा बी0आर0ओ0 को कोई धन नहीं उपलब्ध कराया गया। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने दिनांक 18.12.2013 को मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड विजय बहुगुणा को भी लिखा जिसमें प्रदेश में सड़को की दुर्दशा के बारे में विस्तार से जिक्र किया तथा उन्हें बी0आर0ओ0 की सड़के पी0डब्लू0डी0 को न देने हेतु अनुरोध किया तथा उनसे भारत सरकार से बी0आर0ओ0 को धन दिलाने हेतु भी अनुरोध किया जिससे कि चारधाम यात्रा को पुनः सुचारु रूप से प्रारम्भ करने हेतु सड़कों का पुर्ननिर्माण हो सके। अब मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी इस दिशा में प्रयास शुरू किया है यह अच्छी बात है, आशा है कि वह केन्द्र में कांग्रेस सरकार को मजबूर करेंगे कि केन्द्र सरकार तुरन्त बी0आर0ओ0 को धन उपलब्ध कराये जिसके लिए उन्होंने पिछले तीन साल से प्रस्ताव भेजे हुए हैं। जिससे प्रदेश में सड़कों का निमार्ण कार्य तेजी से शुरू किया जा सके।
  
56 निशक्त एंव गरीब बच्चों को गर्म कपडे़ वितरित किये

देहरादून, 24 जनवरी (राजेन्द्र जोशी)। जिलाधिकारी देहरादून डॉ बीवीआरसी पुरूषोतम ने नगर निगम के सामने स्थित रेनबसेरा में रहने वाले 1 वर्ष से लेकर 16 वर्ष के 56 निशक्त एंव गरीब बच्चों को गर्म कपडे़ वितरित किये।     जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चे रेन बसेरा में रहते है उन्हे स्कूल तथा आंगनबाडी केन्द्र में भेजकर शिक्षित किये जाने की आवश्यकता है, जो व्यस्क लोग है उन्हे भीख मांगने की बजाय प्रशिक्षण दिये जाने की जरूरत है जिससे उन्हे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी जीविका चलाने के लायक किया जा सके। उन्होनेे कहा कि सोमवार 20 जनवरी 2014 से  भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए भी अभियान मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसमें एसपी सिटी, सीओ होमगार्डस एंव आसरा संस्था के सदस्य भी  शामिल है तथा समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये गये है कि उक्त टीम को वाहन उपलब्ध कराये जिसमें भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों को परेड ग्राउन्ड के विद्यालय लाकर उन्हे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे बच्चों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बाल विकास परिषद से 1 लाख रू0 की व्यवस्था की गयी है। कार्यक्रम में नरेश बंसल प्रदेश महामंत्री भाजपा ने जिलाधिकारी द्वारा किये गये कार्यो की सरहाना करते हुए कहा कि  उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यो से प्रभावित होकर ही उन्होने निर्णय लिया की गरीब बच्चों को कपडे़ वितरण का कार्य जिलाधिकारी के करकमलों द्वारा किया जाना चाहिए। इसलिय यह कार्यक्रम उनके द्वारा आयोजित किया गया है। इस अवसर पर एसडीएम सदर सोनिका, जिला सूचना अधिकारी अजय मोहन सकलानी, सिद्धार्थ बंसल, प्रदीप दुग्गल आदि मौजूद थें।

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