पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी एक अदालत (एटीसी) ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को न्यायाधीशों को हिरासत में लेने के मामले में पेशी से छूट प्रदान करने के बाद 7 मार्च तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। मुशर्रफ के खिलाफ यह मामला नवंबर 2007 में पूर्व प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी सहित 60 से ज्यादा न्यायाधीशों को हिरासत में लेने के कारण दायर किया गया है।
डॉन आनलाइन के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मुशर्रफ के वकील इलियास सिद्दीकी ने अदालत से अपने मुवक्किल को अदालत में हाजिरी से छूट देने का आग्रह किया जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। सिद्दीकी ने कहा कि रावलपिंडी के आर्म्ड फोर्स इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (एएफआईसी) ने पूर्व सेना प्रमुख की चिकित्सकीय रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई है और अदालत रिपोर्ट अपनी तरफ से मंगा सकती है।
मुशर्रफ को 2 जनवरी को एएफआईसी में भर्ती कराया गया था। राजद्रोह के मामले में विशेष अदालत में पेशी भुगतने जाते समय पूर्व सैनिक तानाशाह के दिल में कुछ समस्या पैदा हो गई जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था।
सरकारी वकील नदीम तबिश ने कहा कि न तो मुशर्रफ और न ही उनके गारंटर अदालत की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने अदालत से अगली सुनवाई में इस मामले पर योग्यता के आधार पर विचार करने का आग्रह किया। न्यायाधीशों को हिरासत में लेने का मामला 11 अगस्त 2009 को दर्ज कराई गई एफआईआर पर आधारित है। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ यह एफआईआर चौधरी मोहम्मद असलम गुम्मान ने दर्ज कराई थी।

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