बिहार विधानसभा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अलग हुए 22 में से 13 विधायकों को अलग समूह के रुप में मान्यता दे दी है, वहीं इनमें से चार विधायकों ने पाला बदलने से इंकार किया है। विधानसभा में राजद के मुख्य सचेतक सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पार्टी से अलग हुए 13 विधायकों को विधानसभा में अलग समूह के रुप में मान्यता की अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
इस संबंध में चौधरी ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 14 फरवरी को ही पार्टी के 13 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से उन्हें अलग गुट के रुप में मान्यता देने के लिये पत्र लिखा था, जिसके बाद विधानसभा सचिव ने उन्हें विधानसभा में अलग गुट के रुप में मान्यता दे दी है।
चौधरी ने बताया कि राजद छोड़ने वालों में राघवेन्द्र प्रताप सिंह, रामलखन राम रमण, ललित यादव, डॉ. फैयाज अहमद, जावेद इकबाल अंसारी, अख्तरुल इमान, अख्तरुल इस्लाम शाहीन, चन्द्रशेखर सिंह, दुर्गा प्रसाद सिंह, जितेन्द्र राय, अनिरुद्ध प्रसाद, अब्दुल गफूर शामिल हैं। इस बीच विधानसभा में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष ललित यादव, अब्दुल गफूर, चन्द्रशेखर, दुर्गा प्रसाद सिंह और अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने उनके पाला बदलने की खबर का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ने के संबंध में किसी भी पत्र पर कोई हस्ताक्षर नहीं किया है।
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