पटना। पूर्व मध्य रेलवे के पी.डी. रेलखंड के दीघा हाॅल्ट का नजारा है। यहां पर खुलेआम महुआ और मीठा का दारू बिकता है। लगभग दीघा हाॅल्ट के बगल में स्थित मुसहरी में महुआ और मीठा का दारू का धंधा कुटीर उघोग बन गया है। एक नहीं अनेक लोग नशाखौरी के शिकार हैं। रात को तड़के उठकर शराब पीना शुरू करते हैं और देर रात तक शराब पीते रहते हैं। इसी का नतीजा सामने दीख रहा है। शराब के अभ्यस्त होकर शराब पीते पीते बीमार पड़ गया है। अस्वस्था के कारण हाॅल्ट पर ही सो जाता है।
इस रोगग्रस्त नौजवान का नाम श्याम साह है। यहीं पर लिट्ठी, घुंघनी आदि बेचता है। आसपास के माहौल खराब होने के कारण श्याम भी चपेट में पड़ गया है। दोस्तों की संगत में शराब पीने लगा। अब श्याम के शरीर में शराब का दबदबा बरकरार हो गया है। अब फर्क करना मुश्किल है। शराब शरीर में जा रहा है। कि शरीर शराब के कारण जा रहा है।
आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन के प्रयास के बावजूद भी इस कुटीर उघोग को बंद नहीं किया जा है। हालांकि आबकारी विभाग के द्वारा नियमित छापामारी की जाती है। मजे की बात है कि छापेमारी दस्ते के आगमन के पूर्व ही मोबाइल के माध्यम से कुटीर उघोग चलाने वालों को सूचना मिल जाती है। इसके आलोक में फटाफट दुकार को बंद कर देते हैं। यहां से छापामारी करके हटते ही फिर से दुकान सज जाती है।
महुआ और दारू पीकर अनेक लोग मौत के मुंह में समा गए हैं। फिर भी लोग संभल नहीं रहे हैं।
आलोक कुमार
बिहार

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