भदोही : प्रशासन चुनाव में व्यस्त, माफिया बालू खनन में - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 23 अप्रैल 2014

भदोही : प्रशासन चुनाव में व्यस्त, माफिया बालू खनन में

  • डीएम के छापेमारी व अज्ञात लोगों के खिलाफ रपट दर्ज होने के बावजूद नहीं रुक रहा खनन 
  • खनन के चलते 25 से अधिक गांवों का अस्तित्व समाप्त, हर साल बारिश में कटान के दौरान नष्ट हो जाते है सैकड़ों एकड़ फसल 

भदोही। सूबे का भदोही लोकसभा क्षेत्र बेहद संवेदनशील हो गया है। लोग यह कहने से नहीं चूकते कि पूर्वांचल के ईनामी माफियाओं का शरणदाता व 100 से अधिक आपराधिक मामलों के आरोपी बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के सौजन्य से अखिलेश सरकार चलती है। विजय मिश्रा द्वारा लूटे जा रहे करोड़ों रुपये व सोने-चांदी के आगे चचा-बाप व भतीज नतमस्तक है। इस माफिया विधायक को हर कुकर्म करने की छूट तो है ही सच के राह चलने वालों पर फर्जी मुकदमें कराकर आमजनमानस में दहशत फैला रखा है। दहशत के चलते उसके द्वारा किए जा रहे अनैतिक कार्यो पर प्रशासन खुद परदा डालकर मलाई काट रहा है। यही वजह है कि बालू व रेत खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध है, लेकिन भदोही में यह काम धड़ल्ले से चल रहा। यह सब सरकार के शह पर बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के संरक्षण में। बालू खनन माफिया बड़े पैमाने पर अपने काम को अंजाम दे रहे है। वह भी तक जब प्रशासन चुनाव में व्यस्त है और पुलिस की गश्त सामान्य से कहीं ज्यादा है। इसके बावजूद विजय मिश्रा के गूर्गे बड़े पैमाने पर खनन करा रहे है। खनन के चलते 25 से अधिक गांवों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। हर साल बारिश में कटान के दौरान सैकड़ों एकड़ लहलहाती फसले बर्बाद हो जाती है। 

यहां का बच्चा से लेकर हर खास-ओ-आम व अधिकारी जानते है अवैध बालू खनन, सड़कों के निर्माण में धांधली-हेराफेरी व अपराधियों को शरण बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के गुर्गे ही करते व कराते है। सारा अवैध काम श्री मिश्रा के ईशारे पर ही होता है। इसकी शिकायत पर ही आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी रणवीर की टीम ने छापामारी भी की। बगैर परमिट के वर्ष 2011 से अब तक लगातार अवैध बालू खनन की पुष्टि के साथ विजय फिलिंग के नाम से अवैध पर्चिया भी पकड़ी गयी, लेकिन जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में यह कहकर अज्ञात लोगों के खिलाफ रपट दर्ज करा दिया कि कोई शख्य गवाही नहीं दे रहा। मतलब साफ है, हर बार की तरह प्रशासन इस बार भी बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा के काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए आंखे मूंद ली। क्योंकि प्रशासन जानता है कि उक्त माफिया के खिलाफ कोई आवाज उठायेगा नहीं, अगर किसी ने सच्चाई बयां करने की जुर्रत की तो वह हत्या करा देगा या पुलिस प्रशासन से मिलकर गुंडाएक्ट, जिलाबदर कर गृहस्थी लूटवा लेगा। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जायेगा और अपनी दुकानदारी चलती रहेगी। सवाल यह है कि जब हर तहकीकात व जांच गवाही पर ही टिकी है तो फिर अधिकारी किस बात की जांच करते है। ऐसे में इस माफिया के खिलाफ कार्रवाई तभी संभव है जब किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से रिपोर्ट तैयार कराई जायेगी, कार्रवाई बड़े स्तर पर हो। सूत्र बताते है कि माफिया विधायक पर सत्ता संरक्षण का गुरुर इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि वह कुछ भी कर सकता है और प्रशासन उसके ईशारे पर नाच रहा है। अधिकारी इसलिए डर रहे है कि माफिया विधायक विजय मिश्रा पर चचा-बाप-भतीज का संरक्षण है उसके काले धन के आगे सभी ने टेकने दिए है। 




suresh gandhi

(सुरेश गांधी)
भदोही 

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