उत्तराखंड की विस्तृत खबर (23 अप्रैल) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 23 अप्रैल 2014

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (23 अप्रैल)

आपदा राहत कार्य बनता जा रहा है पहाड़ में चुनावी मुद्दा 

देहरादून, 23 अप्रैल । लोकसभा चुनाव का आगाज होने से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने बहुगुणा को सीएम पद से इसलिए हटाया, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि आपदा के कार्यों में कोताही बरतने वालों को माफ नहीं किया जाएगा.लेकिन हवाई यात्रा करने वाले अधिकारियों पर कांग्रेस सरकार की नरमी मतदान के रूप मे भारी पड़ने वाली लगती है क्योंकि यदि हरीश रावत को छोड दिया जाये तो पूर्वमुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का यमुना व गंगा  घाटी मे जिस तरह मुख्यमंत्री पद से हटाये जाने के बाद उनके दौरे के दौरान जो विरोध स्थानीय निवासियों ने किया उससे तो कम से कम यही सन्देश जाता है कि कांग्रेस के पक्ष मे आपदा प्रभावित इलाकों के लोग मतदान में ज्यादा रूचि नहीं रखने वाले। ऐसा नहीं आपदा प्रभावित इलाकों के लोगों के विरोध का सामना केवल कांग्रेस पार्टी के लोग ही कर रहे हों ,आपदा के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली केदार घाटी के लोगों ने बीते दिनों भाजपा के गढ़वाल प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खंडूरी का भी फाटा मे विरोध किया. स्थानीय लोगों का सरकार पर आरोप है कि वह केवल तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए ऋषिकेश से गौरीकुंड व गौरी कुंड़ से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग की दशा सुधारने पर जुटी है जबकि प्रभावित ग्रामीण इलाकों के लोगों को सरकार ने आज भी अपने भाग्य के भरोसे छोड़ा हुआ है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके परिजन आज भी  भारी ठण्ड झेलने के बाद अब गर्मी व आने वाली बरसात की कल्पना कर सिहर जाते हैं। गौरतलब हो कि करीब एक साल पहले 15-16 जून को उत्तराखंड में आई आपदा ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को इस तरह से झकझोर कर रख दिया था उसी का परिणाम था कि कांग्रेस को  विजय बहुगुणा को हटा कर हरीश रावत को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाना पड़ा , रावत के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के तुरंत बाद सबसे पहले आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा ही नहीं किया बल्कि केदारनाथ मार्ग सहित राज्य के चारधाम मार्गों की दशा को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय भी किये. बावजूद इसके अभी तक  आपदा से पीडि़त लोगों की पीड़ा कम नहीं हो पाई है. लोकसभा चुनाव के से ठीक पहले कांग्रेस  नेतृत्व ने बहुगुणा को सीएम पद से इसलिए हटाया था कि जनता मे यह सन्देश जाये कि आपदा राहत कार्यों में हीलाहवाली करने वालों को कांग्रेस  माफ नहीं करेगी , जिस तरह से हरीश रावत ने आपदा कार्य संचालित किये उसके बाद भी लोगों में हरीश रावत के नहीं बल्कि कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश है उसी का परिणाम था जो विजय बहुगुणा का गंगा व यमुना घाटियों में जबरदस्त विरोध हुआ  और आपदा का मुद्दा 16वीं लोकसभा के लिए चुनावी मुद्दा बन गया .यही कारण है कि आपदा प्रभावित इलाकों के लोग राहत कार्यों में हीलाहवाली को लेकर कांग्रेस से ही नहीं  बल्कि तक से भाजपा जवाब मांग रहे हैं.  वहीँ आपदा के दौरान मारे गए लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि में भी अंतर का मामला कांग्रेस के लिए जी का जंजाल बन गया है गौरतलब हो कि बहुगुणा सरकार ने राज्य के बाहर के प्रदेशों के लोगों के लिए साढ़े तीन लाख रुपये व उत्तराखंड राज्य के लोगों के लोए मुआवजे की राशि पांच लाख रुपये निर्धारित की थी यही कारण है न तो भाजपा के लोग ही इस बात को उठा रहे है और न ही कांग्रेस के लोग ही क्योंकि भाजपा को इस बात का खतरा है कि जब राज्य सरकार मुआवजे की राशि को लेकर मंथन कर रही थी तो उसने राशि कम होने की बात को क्यों नहीं उठाया और कांग्रेस इस बात से परेशान है कि यदि इसे वो खुद उठती है तो बाहरी प्रदेशों मे इसका नकारात्मक सन्देश जायेगा कि कांग्रेस सरकार ने मरे हुए लोगों के साथ भी राशि को लेकर भेदभाव किया .लेकिन प्रदेश की जनता खुद भी तत्कालीन बहुगुणा सरकार के इस निर्णय से खुश नहीं है क्योंकि लोगों का मानना है कि कई ऐसे लोग काल कलवित हो गए जो केवल उनके परिवारों के पोषण कर्ता थे ऐसे मे मात्र पांच लाख रुपये मे आखिर वे कितने समय तक अपने परिवारों का लालन पालन कर पाएंगे ? उल्लेखनीय है कि  सरकारी आकड़ों के अनुसार आपदा के दौरान लापता हुए लोगों की कुल संख्या 4119 बताई गई है.उत्तराखंड को छोड़ अन्य  प्रांतों के कुल 3175 लोगों को प्रदेश सरकार ने लापता माना है. इसमें 1587 पुरुष,1335 महिलाएं एवं 253 बच्चे शामिल हैं. वहीं राज्य सरकार ने संबंधित राज्यों को 2,722 लापता लोगों के अब तक मृत्यु प्रमाणपत्र दिए  हैं. प्रदेश  सरकार द्वारा अभी 453 लापता लोगों के परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने बाकी हैं. प्रदेश सरकार इन प्रमाण पत्रों के साथ साढे तीन लाख रुपये का चेक भी भेज रही है.यदि आपदा के दौरान जन गंवाने वाले लोगों को दी जाने वाली मुआवजा राशि की बात की जाये तो इसमे प्रधानमंत्री राहत कोष के दो लाख, केंद्रीय आपदा के तहत 1.50 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत 1.50 लाख रुपये  दिए जाने का प्रावधान है. लेकिन अन्य प्रान्तों के लोगों को जो राशि भेजी जा रही है उसमे मुख्यमंत्री राहत कोष का पैसा नहीं भेजा जा रहा है. 15-16 जून को आई आपदा के दौरान  22 राज्यों के श्रद्धालु लापता हुए हैं. इनमें उत्तर प्रदेश के 1150, मध्य प्रदेश के 542, राजस्थान के 511, दिल्ली के 216, महाराष्ट्र के 163, गुजरात के 129, हरियाणा के 112, आंध्र प्रदेश के 86, बिहार के 58, झारखंड के 40, पंजाब के 33, पश्चिम बंगाल के 36, छत्तीसगढ़ के 28, उड़ीसा के 26, तमिलनाडु के 14, कर्नाटक के 14, मेघालय के छह, चंडीगढ़ के चार, जम्मू-कश्मीर के तीन, केरल के दो, पांडिचेरी के एक और असम का एक व्यक्ति बताया गया हैं जबकि  नेपाल के कुल 92 लोग लापता हैं, जिनमें 79 पुरुष, 11 महिलाएं एवं दो बच्चे हैं वहीँ उत्तराखंड के कुल 852 लोग लापता हुए हैं. इनमें 647 पुरुष, 37 महिलाएं और 168 बच्चे हैं. करीब 20 सरकारी कर्मचारी भी लापता है. इन सभी को राज्य सरकार ने पांच-पांच लाख रुपये दिये हैं. कुल मिलाकर आपदा राहत कार्यों व आपदा राशि को लेकर स्थानीय लोग हों अथवा बाहरी प्रदेशों के दोनों ही स्थानों के लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है स्थानीय लोग तो इस बात से भी नाराज है कि उनको अभी तक सुरक्षित स्थान तक सरकार उपलब्ध नहीं करा पाई है और जो लोग इधर उधर किराये के मकानों में रह रहे है और सरकार जो उनका किराया कम रही है लेकिन अब उसकी समयावधि भी समाप्त होने जा रही है ऐसे मे उनके सामने आगे कुंआ पीछे खायी वाली कहावत चरितार्थ हो रही है क्योंकि आपदा के बाद से लेकर अब तक ना तो वे अपना घर ही बना पाए हैं और न सरकार ने ही उनको घर बनाने की पूरी सहायता ही उपलब्ध करायी है।

उक्रांद देगा कांग्रेस और भाजपा को करारा जवाबः ऐरी

देहरादून, 23 अप्रैल (निस)। ऐरी गुट के उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि आज जिस प्रकार से दल को समाप्त करने के लिए भाजपा व कांग्रेस षडयंत्र कर रही है इसका उन्हें इस चुनाव में करारा जवाब दिया जायेगा। दल उक्रांद के नाम से ही चुनाव लडेगा। यहां दल के केन्द्रीय कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए ऐरी ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग से जो पत्र मिला है उसमें किसी प्रकार की कोई पाबंदी का प्रश्न ही नहीं है, जो समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है वह बेबुनियाद है। उनका कहना है कि दल अपने नाम से ही चुनावी मैदान में कूदा है और इसका प्रयोग करता रहेगा। उनका कहना है कि अभी चुनाव चिन्ह के लिए संघर्ष किया जा रहा है और उन्हें इसमें सफलता मिलेगी। उनका कहना है कि दल कल अपना घोषणा पत्र जारी करेगा। उनका कहना है कि लगातार दल को तोडने के लिए भाजपा व कांग्रेस भ्रामक प्रचार करने में लगी हुई है जिसका जवाब दिया जायेगा और उनका कहना है कि आज सतपाल महाराज भाजपा में चले गये है लेकिन उनका रेल पुरूष अपने आपको कहना उचित नहीं है, महाराज ने इस दिशा में किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया है और स्वयं को रेल पुरूष कहकर प्रचारित कर रहे है उनके खिलाफ मोर्चा खोला जायेगा। उनका कहना है कि आज तक किसी भी सांसद ने गढवाल में हो रहे परिसीमन पर अपनी आवाज बुलंद नहीं की है जिससे छह सीटों का नुकसान हुआ है और आज यह दल को तोडने का काम कर रहे है। वार्ता में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, बी डी रतूडी, जय प्रकाश उपाध्याय, हरीश पाठक, बहादुर सिंह रावत, मनमोहन सिंह नेगी, डी के पाल आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री महंगाई भ्रष्टाचार बेरोजगारी मुद्दो से लोगों को भटका रहे हैं: निशंक

देहरादून, 23 अप्रैल (निस)। अपनी पत्नी के समर्थन में चुनाव प्रचार में उतरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत चुनाव प्रचार अभियान में भीड़ न जुटने के कारण जहां कोई प्रभाव छोड़ते नजर नहीं आ रहे हैं। उसके बावजूद भी मुख्यमंत्री का पांचो सीटें जीताए जाने के दावे की पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा प्रत्याशी डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने आज अपने चुनावी अभियान में रावत द्वारा किये गये विकास कार्यों की जमकर खिल्लियां उड़ाई। 
उनका कहना था कि रावत पूरे अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार को स्थिर करने में ही लगे रहे, जबकि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक भी विकास कार्यों को स्वीकृत नहीं करा पाये। जिससे उन्हे लग रहा था कि वह हरिद्वार लोकसभा सीट पर विजय नहीं हो सकते तो उन्होने अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाकर जनता को गुमराह करने का कार्य किया। यहां बताते चलें कि मंगलवार को हरीश रावत हरिद्वार लोकसभा सीट के अन्तर्गत छिद्दरवाला से लेकर ऋषिकेश तक कांग्रेस प्रत्याशी व अपनी पत्नी रेणूका रावत के समर्थन में माहौल बनाने उतरे थे, परन्तु पूरे क्षेत्र में सभाओं के दौरान भीड़ न जुटने से वह काफी निराश दिखाई दिये। जिन्होने सोमेश्वर नगर में चुनावी सभा में प्राकृतिक आपदा को मुद्दा बनाकर जहां अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया तो वहीं उन्होने चारोंधामों की स्थानीय लोगों को निशुल्क यात्रा कराने का दावा भी किया। उधर दूसरे दिन उन्ही स्थानों पर चुनावी सभाओं को सम्बोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी रमेश पोखरियाल निशंक ने मुख्यमंत्री की सभी सभाओं में किये गये दावों को खोखला बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के बीच ही जूझ रही है और उनका सारा ध्यान बिखरे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगा है जो कि लोगों को गुमराह कर महंगाई भ्रष्टाचार बेरोजगारी जैसे मुद्दो से लोगों को भटका रहे हैं। उन्होने मुख्यमंत्री रावत द्वारा अखबारों मे दिये गये विज्ञापन को भी घडि़याली आंसू बहाने वाला बताया है। 

कांगे्रस सरकार बेषकीमती जमीन को औने-पौने दामों में बेचकर लगा रही ठिकाने: अजय भट्ट

ajay bhatt
देहरादून, 23 अप्रैल (निस)। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि कांगे्रस की प्रदेष सरकार के एक के बाद एक कई घोटाले सामने आ रहे हैं। लोक सभा चुनाव में उसे प्रत्यासी तक नहीं मिल रहे हैं, फिर भी कांगे्रस सरकार घोटालों से बाज नहीं आ रही है। प्रदेष की बेषकीमती जमीन को कांगे्रस सरकार बाहरी लोगों को औने-पौने दामों में बेचकर ठिकाने लगा रही है। जिस प्रकार कांगे्रस सरकार ने हरिद्वार सिडकुल की 214 एकड़ जमीन को वर्श 2006 के निर्धारित विक्रय मूल्य में फरवरी 2014 में हीरो मोटोकाॅर्प कम्पनी के नाम कर दी तथा स्टाम्प षुल्क भी 07 साल पुराने दर पर लिया गया उससे स्पश्ट है कि कांगे्रस सरकार किसी एक को फायदा पहुॅचाने की नीयत से एवं निजी स्वार्थवष प्रदेष की कई एकड़ जमीन को औने-पौने दामों में बेचकर करोड़ों रूपये के राजस्व का चूना लगा रही है। उन्होंने कहा कि जब कम्पनी के पास लीज डीड ही नहीं थी तो कैसे सरकार ने हीरो मोटोकार्प को पुरानी दर पर रजिस्ट्री की अनुमति दी। श्री भट्ट ने कहा कि कांगे्रस सरकार आकण्ठ भ्रश्टाचार में डूबी हुई है। प्रदेष की जनता कांग्रेस सरकार के भ्रश्टाचार से इस कदर त्रस्त है कि उसने कांगे्रस को जड़ से उखाड़ने का मन बना लिया है तथा कांगे्रस अपनी भ्रश्ट कारनामों से खुद ही गर्त में चली जायेगी व लोक सभा चुनाव में मोदी जी के नेतृत्व में भा0ज0पा0 बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लेगी। उन्होंने कहा कि कांगे्रस सरकार में मुखिया से लेकर अधिकारी तक भ्रश्टाचार में लिप्त हैं तथा औद्योगिक घरानों से लेकर भू-माफियाओं तक से सांठ-गांठ कर प्रदेष की बेषकीमती जमीन ठिकाने लगाने का कार्य रही है, जिसे किसी भी कीमत में बर्दास्त नहीं किया जायेगा, ऐसी भ्रश्ट सरकार को प्रदेष में एक मिनट भी रहने का हक नहीं है। श्री भट्ट ने कहा कि कांगे्रस सरकार के एक के बाद बाद एक नित नये घोटाले सामने आ रहे हैं। ऐसी भ्रश्ट सरकार को सत्ता पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। श्री भट्ट ने कहा कि यदि सरकार में थोड़ी भी षर्म लिहाज बची है तो उसे षीघ्र ही इस्तीफा दे देना चाहिए। 

गंगाजी में दूध चढ़ाकर कांग्रेसियों ने किया चुनाव प्रचार अभियान का शुभारम्भ

ऋषिकेश/देहरादून, 23 अप्रैल (निस)। नगर कांग्रेस  कार्यकर्ताओं ने त्रिवेणी घाट पर नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महन्त विनय सारस्वत के नेतृत्व में गंगा जी में दूध चढ़ाकर चुनाव अभियान की शुरूआत की इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बाजार में घूमकर व्यापारियों से कांग्रेस प्रत्याशी रेणूका रावत के लिये वोट मांगकर कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की। नगर अध्यक्ष विनय सारस्वत ने कहा कि जिस तरह से कई दलों के लोग पार्टी छोड़कर कांग्रेस मंे रोजाना शामिल हो रहे है। इससे पार्टी प्रत्याशी रेणूका रावत आसानी से हरिद्वार लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करेगी व मुख्यमंत्री हरीश रावत के विकास कार्य का फायदा उन्हे मिलना निश्चित है। प्रवक्ता अरविन्द भट्ट ने बताया कि कल (आज) कांग्रेस कार्यकर्ता वार्ड नं. 1 में प्रातः 8 बजे से सभासद सावित्री देवी के निवास से जनसम्पर्क अभियान प्रारम्भ करेंगे व सांय वार्ड नं. 2 में सभासद प्रोमिता देवी के निवास से जनसम्पर्क प्रारम्भ होगा। आज जनसम्पर्क कार्यक्रम में संयोजक पूनम उनियाल, मनीष शर्मा, सावित्री देवी, अरविन्द भट्ट, योगेश शर्मा, खुशहाल सिंह राणा, वीर सिंह खरोला, चंदन सिंह पंवार,  कमला शर्मा, नन्द किशोर जाटव, अशोक सड़ाना, वेद प्रकाश ढींगरा, नरेन्द्र शर्मा, देवेन्द्र प्रजापति, संजय भारद्वाज, प्राशु बनर्जी, सोहनलाल, तारा चन्द, अशोक शर्मा, अभिषेक शर्मा, सोनू पाण्डेय, राजू साहनी , हरिराम, सीताराम, आदि थे।

बिना ग्रीन कार्ड के चारधाम यात्रा पर नहीं जा सकेंगे वाहन  

देहरादून, 23 अप्रैल (निस)। चारधाम की यात्रा के मद्देनजर परिवहन विभाग ने यात्रा पर जाने वाले वाहनों को ग्रीन कार्ड देने की कार्यवाही का अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते कई वाहनों को ग्रीन कार्ड दिये गये। उक्त ग्रीन कार्ड दिये जाने का शुभारम्भ विभाग ने भद्रकाली में बाकायदा वाहनों की यांत्रिक स्थिति को देखकर पूजा अर्चना करने के बाद किया गया। परिवहन अधिकारी शैलेश तिवारी के अनुसार इस वर्ष उन्ही वाहनों को ग्रीन कार्ड दिये जायेगें। जिनके वाहन की यांंित्रक स्थिति ठीक होने के साथ आगे दोनों टायर नए लगे होगें तथा गाड़ी में फस्र्टएड बाक्स सभी प्रकार की प्राथमिक उपचार की दवाओं की भी जाचं की ही जायेगी साथ ही वाहन की बाडी पर्वतीय रूट के मुताबिक और कागजात पूरे होगें। पहले दिन सहायक संभागीय निरीक्षक प्राविधिक दीपक शर्मा ने यात्रा में संचालित एक मैक्सी कैब वाहन की जांच पड़ताल की। फिटनेस ओके होने पर वाहन स्वामी को ग्रीन कार्ड जारी किया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी शैलेष तिवारी ने बताया कि ग्रीन कार्ड प्रकिया मंे पारदर्शिता बरती जाएगी। जिससे यात्रा रूट पर संभावित हादसे न हो । वाहनांे की संपूर्ण जांच के बाद ही उसे ग्रीन कार्ड के लिए ओके किया जाएगा। उन्होने वाहन स्वामियों से वाहनो की यंांित्रक स्थिति ब्रेक और स्टेयरिंग सही कराने आगे नए टायर लगाने का अनुरोध किया है। इस मौके पर एआरटीओ आनंद कुमार जायसवाल मौजूद थे।

मासूम अंशुल की हत्या की गुत्थी सुलझानेे में पुलिस असफल

देहरादून, 23 अप्रैल (निस)। विगत पांच दिन बीत जाने के बाद भी थाना मुनिकीरेती क्षेत्र के ढालवाला बस्ती में हुई मासूम की क्षत विक्षत हालत में मिली लाश की खबर सुनकर भी बच्चे के पिता द्वारा मामले को गंभीरता से न लिया जाना भी पुलिस के लिए सरदर्द बन गया है जो कि मामले को कई बिन्दूओं से जोड़कर चल रही है। 
पुलिस ने उस विवाह समारोह की वीडियो रिकार्डिंग की फुटेज को भी खंगाल लिया है जहां बच्चा खाना खाने गया था। परन्तु पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। हालांकि संबंधित विडियोग्राफर को रिकार्डिंग की सीडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यहां बताते चलें कि ढालवाला क्षेत्र मंे हुई छह वर्षीय अंशुल पुत्र मनोज रावत की हत्या का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है। मामले को पांच दिन हो चुके हंै लेकिन पुलिस अहम सुराग नहीं जुटा पाई है। मुनिकीरेती थाना प्रभारी निरीक्षक गणेश सामंत ने बताया कि हत्या के खुलासे को अब अहम कड़ी उस विवाह समारोह की रिकार्डिंग है । जिसमें बच्चा परिजनों के साथ था। इसी बीच एक व्यक्ति उसे खाना खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। मृत बालक के आठ वर्षीय भाई अंकुश ने यही बयान दिया है। बहरहाल शादी की विडियो रिकार्डिंंग की सीडी विडियोग्राफर से तलब की गई है। 

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