जीतन राम मांझी बिहार के नए मुख्यमंत्री हो सकते हैं। नीतीश के जीतन मांझी के साथ राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद ये बात पूरी तरह साफ हो गई है। मुलाकात के बाद नीतीश जीतन के नाम का ऐलान कर सकते हैं। जीतन राम नीतीश के करीबी माने जाते हैं।
जीतन राम राज्य के कल्याण मंत्री हैं और महादलित मुसाहर वर्ग से आते हैं। जीतन राम बिहार के गया जिले के हैं। लो प्रोफाइल रहते हैं और नीतीश के करीबी और भरोसेमंद हैं। जीतन ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गए थे। इससे पहले आज नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि वो बिहार सीएम पद से अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। विधायकों से बैठक के बाद नीतीश ने अपने समर्थकों को अपने फैसले के बारे में बताया। नीतीश ने कहा कि मैंने भावनाओं में आकर ये फैसला नहीं लिया है। मैंने पार्टी में दूसरे नेताओं से इस बारे में बात की है।
नीतीश ने समर्थकों से कहा कि मैंने अपने फैसले के बारे में विधायकों से बात की, लेकिन वो राजी नहीं हुए। मैं लोकसभा चुनाव में हुई हार की जिम्मेजारी लेता हूं। इस्तीफा देना साधारण बात नहीं है। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। विधायक दल का दोबारा नेता चुने जाने के बावजूद वो फिर से मुख्यमंत्री बनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद विधायकों ने नीतीश कुमार को ही अपना उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार दिया है।
जेडीयू के प्रदेशाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि नीतीश कुमार की सरकार को कहीं से कोई खतरा नहीं था। चुनाव में जेडीयू का जो प्रदर्शन रहा, उन्होंने उसकी नैतिक जिम्मेदारी ली थी। इसकी जरूरत नहीं थी लेकिन उन्होंने उचित समझा और निर्णय लिया। सिंह ने कहा कि सरकार के पास समर्थन का अभाव नहीं है। इसके बावजूद नीतीश ने नैतिकता के उच्चतम मानकों का पालन किया है। इसे लेकर बीजेपी और रामविलास पासवान की ओर से जो टिप्पणियां की गईं वो अनावश्यक थीं।

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