हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इतिहास में नाम दर्ज कराने का कोई मौका हाथ से निकलने नहीं देना चाहते। इस बात की बानगी रविवार को तब देखने को मिली जब नए राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के शपथ लेने से पहले ही उन्होंने दो नए आयुक्तों आनन-फानन में शपथ दिला दी। ये दोनों आयुक्त राज्य के सूचना आयोग और सेवा का अधिकार के लिए नियुक्त किए गए हैं। नियमत: इन्हें राज्यपाल शपथ दिलाते हैं। विश्वासपात्र माने जाने वाले पूर्व नौकरशाह शिवरमन गौड़ और अपने राजनीतिक सलाहकार वरिंदर की पत्नी रेखा को हुड्डा ने यहां अपने सरकारी आवास पर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सोलंकी के राज्यपाल के रूप में शपथ लेते हुए हुड्डा के आवास पर शपथ ग्रहण आनन-फानन में आयोजित किया गया। पूर्व में सूचना आयुक्तों को राज्यपाल शपथ दिलाते रहे हैं।
अधिकृत सूत्रों ने कहा कि हुड्डा ने इस शपथ ग्रहण के लिए निर्वतमान राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया से अनुमति हासिल कर ली थी। राज्यपाल के रूप में पहाड़िया का पांच वर्षो का कार्यकाल शनिवार को पूरा हो गया और नए राज्यपाल के आगमन से पहले रविवार सुबह उन्हें विदाई दी गई। हुड्डा ने नवगठित सेवा का अधिकार आयोग के तीन आयुक्तों को भी शपथ दिलाई। इन तीन आयुक्तों में अनिवार्य सेवानिवृत्ति ले चुके नौकरशाह सरबन सिंह, अमर सिंह और सुनील कात्याल शामिल हैं। इन्हें भी मुख्यमंत्री आवास पर शपथ दिलाई गई।
शनिवार को अपने कार्यकाल के अंतिम दिन पहाड़िया ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जिंद के कुलपति के रूप में मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) रणजीत सिंह को कुलपति के रूप में नियुक्ति कर दिया। उन्होंने भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां (सोनीपत) की कुलपति के रूप में आशा कादियान की नियुक्ति की भी मंजूरी दी। राज्यपाल ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में बायोटेक्नोलॉजी सेंटर के एस. के.गाखर को चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी का कुलपति नियुक्त किया। इन कुलपतियों का तीन वर्षो का कार्यकाल होगा।

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