आयरन लेडी के नाम से मशहूर सोशियल वर्कर इरोम चानू शर्मिला को मणिपुर की एक अदालत के अदालत के फैसले के बाद 13 साल के बाद रिहा कर दिया। इरोम सशस्त्र सेना विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) के खिलाफ 13 साल से भूंख हड़ताल पर हैं। इसी कारण राज्य सरकार ने उन पर सुसाइड का आरोप लगाया था। जेल से बाहर आते समय इरोम ने रोते हुए कहा कि मुझे लोगों का सहयोग चाहिए। वह बेहद कड़े कानून अफस्पा के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगी।
इससे पहले मणिपुर पूर्व के सत्र जज ए गुणेश्वर शर्मा की अदालत ने कल राज्य सरकार को इरोम शर्मिला को रिहा करने का निर्देश दिया था। स्थानीय अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इरोम शर्मिला पर आत्महत्या का प्रयास करने का आरोप नहीं लगा सकती है क्योंकि प्रशासन यह साबित नहीं कर पाया है कि वह सुसाइड का प्रयास कर रही हैं।
इरोम की रिहाई पर प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने उन्हें बधाई दी। गौरतलब है कि चानू सशस्त्र सेना विशेषाधिकार अधिनियम को हटाये जाने की मांग को लेकर नवंबर 2000 से अनशन कर रही हैं।

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