राजधानी की एक विशेष अदालत ने 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सुप्रीमो एम करूणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल तथा उनकी बेटी एम. कणिमोझी सहित सभी दस आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का बुधवार को आदेश दिया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को पांच लाख के निजी बांड तथा इतनी ही राशि के दो जमानती बांड जमा कराने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने जमानती बांड जमा कराने के लिए दो दिन का समय दिया है। हालांकि न्यायालय ने इस मामले में श्रीमती अम्मल की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने अपनी उम्र को आधार बनाकर मामले में आरोपमुक्त करने का अदालत से आग्रह किया था। उन्होंने दलील दी थी कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। ऎसी स्थिति में उन्हें आरोप मुक्त कर दिया जाना चाहिए।
सैनी ने भोजनावकाश से पहले श्रीमती अम्मल की जमानत याचिका पर आदेश सुनाते हुए कहा था कि राजा और कणिमोझी सहित नौ आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर निर्णय तैयार नहीं हुआ है। उन्होंने भोजनावकाश के बाद अन्य आरोपियों से संबंधित आदेश सुनाने का आश्वासन दिया था। अपराह्न ढाई बजे अदालत ने अन्य आरोपियों को भी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। टूजी स्पेक्ट्रम घाोटाले में विदेशी मुद्रा के उल्लंघन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जो आरोप पत्र दायर किये हैं उनमें राजा, सुश्री कणिमोझी और श्रीमती अम्मल के अलावा स्वान टेलीकॉम के प्रोमोटर शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका,कुसागांव फ्रूट्स एंड विजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आसिफ बलवा एवं राजीव अग्रवाल, कलईगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार, बॉलीवुड प्रोड्यूसर करीम मोरानी और पी अमतृम शामिल हैं।
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