आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यहां रविवार को पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव जल्द कराया जाना चाहिए, मगर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा चुनाव से भाग रही है। जितनी देर की जाएगी, आप की सीटें उतनी बढ़ेंगी। दिल्ली के जंतर मंतर पर पार्टी की रैली में केजरीवाल ने कहा, "भाजपा हार के डर से चुनाव नहीं होने दे रही है। चुनाव की जल्दी आप को नहीं, जनता को है। जनता को अपनी चुनी हुई सरकार चाहिए, राष्ट्रपति शासन नहीं।"
उन्होंने कहा, "हमें कोई जल्दी नहीं है। वे चुनाव कराने में जितनी देर करेंगे, आप को उतनी ज्यादा सीटें मिलेंगी। अगर अभी चुनाव हुआ तो हम 40 सीटें जीतेंगे, अक्टूबर में हुआ तो 50 सीटें और फरवरी में हुआ तो 55 सीटें जीतेंगे।" कांग्रेस के समर्थन से बनी सरकार को जन लोकपाल विधेयक पारित न होने के कारण भंग करने और लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सीटों पर दूसरे नंबर पर सिमट जाने के बाद आप ने रविवार को बड़ी रैली कर राष्ट्रीय राजधानी की ठिठकी हुई राजनीति में हलचल पैदा की। पार्टी त्रिशंकु विधानसभा को भंग कर फिर से चुनाव कराने की मांग पर अड़ी है।
पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "अगर फरवरी में भी चुनाव नहीं कराया गया तो भाजपा की वही हालत होगी जो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई। भाजपा को विपक्ष के पद के लिए भी जूझना पड़ेगा।" केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, "अगर एक हफ्ते के अंदर दिल्ली विधानसभा को भंग नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाएगी और पूरी दिल्ली को केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ी कर देगी।"
आप प्रमुख ने कहा, "उपराज्यपाल नजीब जंग भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। वह कहते हैं कि भाजपा और कांग्रेस के विधायक चुनाव नहीं चाहते। उन्हें दिल्ली की जनता की फिक्र नहीं है जो भ्रष्टाचार, बिजली-पानी की दिक्कत और महंगाई से कराह रही है।" उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा ने बैठक कर खरीद-फरोख्त कर सरकार बनाने की कोशिश की। कांग्रेस के छह विधायक 20-20 लाख रुपये में बिकने वाले थे। आप के 15 विधायकों को भी खरीदने की कोशिश की गई, मगर आप ने उनका सारा खेल बिगाड़ दिया।
केजरीवाल ने कहा कि पहले कांग्रेस की बिजली कंपनियों से मिली भगत थी, अब भाजपा ने उनसे सांठगांठ कर ली है। बिजली के भारी भरकम बिल से परेशान दिल्ली का हर आम आदमी चुनाव चाहता है। ई-रिक्शा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की नीयत अगर साफ है तो वह कैबिनेट की बैठक में इस पर स्पष्ट नीति बनाएं। हजारों ई-रिक्शा चालक आज बेरोजगार हो गए हैं, इनकी फिक्र गडकरी को क्यों नहीं है?
रैली में आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, "त्रिशंकु विधानसभा को भंग कर फिर से चुनाव कराना एकमात्र रास्ता है। हमारी यह मांग जब तक नहीं मानी जाएगी, हम जंतर मंतर पर बार-बार आते रहेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।"

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