बिहार में बाढ़ का खतरा टला, पर लोगों में डर बरकरार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 6 अगस्त 2014

बिहार में बाढ़ का खतरा टला, पर लोगों में डर बरकरार


kosi river
बिहार के नौ जिलों में कोसी नदी में बाढ़ का खतरा टल जाने के बाद शिविरों में रह रहे लोग वापस अपने घर लौट रहे हैं, लेकिन उनके मन में अब भी भय बना हुआ है। हालांकि राहत की बात है कि कोसी के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ की आशंका के कारण कोसी तटबंध पर बसे गांवों को खाली कराकर शिविरों में रखे गए लोगों को घर वापसी की अनुमति दे दी गई है। इधर, कोसी नदी में जलस्तर भी लगातार कम हो रहा है। पटना बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, नेपाल के बराह क्षेत्र और कोसी पर बने वीरपुर बैराज में कोसी के जलस्तर में कमी आ रही है। 

बाढ़ नियंत्रण कक्ष में सहायक अभियंता नियुक्त अमित कुमार ने बुधवार को बताया कि वीरपुर बैराज पर सुबह छह बजे कोसी का जलस्तर 1.44 लाख क्यूसेक था जो सुबह आठ बजे घटकर 1.41 लाख क्यूसेक और 10 बजे 1.40 लाख क्यूसेक हो गया।  नेपाल के बराह क्षेत्र में भी कोसी के जलस्तर में कमी देखी जा रही है। सुबह आठ बजे यहां कोसी का जलस्तर 1.01 लाख क्यूसेक था, जो 10 बजे घटकर 99 हजार क्यूसेक हो गया। 

इधर, प्रशासन के निर्देश के बाद शिविरों में रह रहे लोग घर वापस लौटने लगे हैं, लेकिन उनके मन में अब भी यह भय बना हुआ है कि नेपाल के क्षेत्र में जमा पानी बाहर न आ जाए। अपदा प्रबंधन विभाग का भी कहना है कि नेपाल में भूस्खलन स्थल पर जब तक पानी जमा है, तब तक बाढ़ का खतरा टला नहीं है। 

उल्लेखनीय है कि शनिवार को नेपाल के सिंधुपाल में हुए भूस्खलन से कोसी की धारा में पैदा हुए अवरोध के बाद बिहार के नौ जिलों पर भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था, जिसे देखते हुए बाढ़ की आशंका वाले बिहार के क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया गया था। नेपाल की सेना अवरोधक में सुराग बनाकर पानी निकालने का प्रयास कर रही है। 

कोई टिप्पणी नहीं: