पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने कहा है कि वह मंगलवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस्तीफे की मांग को लेकर इस्लामाबाद के रेड जोन यानी निषिद्ध क्षेत्र की तरफ मार्च करेंगे। उधर गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने मंगलवार को घोषणा की कि सेना को संघीय राजधानी के संवेदनशील रेड जोन की सुरक्षा का भार सौंप दिया गया है। रेड जोन में पाकिस्तान का सर्वोच्च न्यायालय, संसद भवन, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यालय मौजूद हैं।
डॉन आनलाइन के अनुसार, इमरान की पीटीआई और पाकिस्तान आवामी तहरीक (पीएटी) ने संघीय राजधानी के कांस्टीट्यूशन एवेन्यू की तरफ मार्च करने की धमकी दी है जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मंत्री ने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 131 और 245 के तहत आंतरिक सुरक्षा का मसला पैदा होने पर सेना को तैनात करने की अनुमति दी गई है।" यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हमने किसी राजनीतिक दल के खिलाफ सेना को नहीं बुलाया है। यह रेड जोन की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम है। रेड जोन की सुरक्षा हमारी अंतर्राष्ट्रीय जवाबदेही है जिसे हमें पूरा करना है। सेना संवैधानिक तौर पर आंतरिक सुरक्षा की जवाबदेही का निर्वाह करेगी।"
इससे पहले पीटीआई प्रमुख इमरान ने सोमवार रात एक रैली में कहा, "दुनिया कल (मंगलवार) पाकिस्तानी जनता की ताकत देखेगी।" उन्होंने कहा कि मार्च किसी भी कीमत पर होगा और सभी सुरक्षा घेरे तोड़ते हुए आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि सरकार ने इमरान और पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) प्रमुख ताहिर-उल-कादरी को बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इन दोनों ही नेताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इमरान का कहना है कि मंगलवार को होने वाले मार्च के दौरान अगर खूनखराबा होता है तो इसकी जिम्मेदार सरकार खुद होगी।
उन्होंने इस्लामाबाद की पुलिस से हिंसा न करने की अपील करते हुए कहा कि वह और उनके समर्थक रेड जोन तक मार्च निकालेंगे। इमरान के नेतृत्व में सरकार विरोधी मार्च गुरुवार को लाहौर से शुरू हुआ और करीब 36 घंटे बाद मार्च में शामिल लोग इस्लामाबाद पहुंचे। पीटीआई नेता नवाज के इस्तीफे और फिर से संसदीय चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। धार्मिक सरकार विरोधी मौलाना कादरी ने भी नवाज के खिलाफ इस्लामाबद में रैलियां की हैं।
इमरान ने इसके पहले रविवार को जनता से अपील की थी कि मौजूदा सरकार को बिजली-पानी सहित तमाम ऐसे बिल और कर जमा करने बंद कर दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया था कि शरीफ राष्ट्रीय संपत्ति का उपयोग अपना कारोबारी साम्राज्य बढ़ाने में कर रहे हैं। इमरान ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक को भी चेतावनी दी थी कि वे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली सरकार को ऋण जारी न करें।

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